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रोशनी को सलाम

                
                                                                                 
                            कुछ लोग, बेवजह बदनाम करते।
                                                                                                

तरीका गलत, फिर भी नाम करते।
हमारी एकाग्रता, भांती नही उन्हे।
हम लोग रोशनी को, सलाम करते।
धूप और छाँव, जिन्दगी का हिस्सा।
संग साथ की खुशी का, जाम भरते।
हमको बखूबी पता, जाना है कहाँ।
'उपदेश' विकास का, गुणगान करते।

उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद
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1 month ago

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