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रुपये का अम्बार

                
                                                                                 
                            एक वो है, जिनके पास रुपयों का अम्बार
                                                                                                

किसलिए किया करते, इस तरह का आचार।

लालच एक हद पार करके, उस पार पहुँचा
जहाँ घर के अंधेरे में, छुपा रखा था अम्बार।

गजब इंसान की, अजब अंतरात्मा बोले नही
कान बन्द रखे, 'उपदेश' मार के किया अम्बार।

उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद
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1 month ago

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