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शिक्षा का प्रभाव

                
                                                                                 
                            अब हाथ बढते नहीं,
                                                                                                

खुद की बनाई आकृतियों को छू ले।
सांसों की थकान,
खुद के एहसास से कब तक लहू ले।
बदलते समाज में,
हर तरफ शिक्षा का प्रभाव बढ़ रहा।
होठों पर मुस्कान,
देती नहीं सलाह, 'उपदेश' कैसे लहू ले।

उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद
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1 month ago

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