बरखा बहार के बीच सावन के झूले का ऐसा एहसास और कहां...

सावन
                
                                                             
                            सावन के झूले पड़ गए तुम चले आओ
                                                                     
                            
तुम चले आओ...


सावन माह में रिमझिम बारिश के बीच पेड़ों पर लगे झूले बहुत कुछ कहते हैं। प्रेम में डूबे जोड़े के लिए तो इसका एहसास बड़ा खुशनुमा होताा है। झूले में बैठी प्रेमिका चाहती है कि उसका प्रेमी उसे पीछे से पुश करते हुए झुलाए। और वो मदमस्त होकर सावन का भरपूर आनंद ले। झूले की रफ्तार उन दोनों के बीच के मन की डोर का एक इम्तिहान भी होती है। आगे पढ़ें

धड़के जिया जैसे, पंछी उड़े...

1 month ago

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