आज का शब्द: चिर और महादेवी वर्मा की कविता- आज कैसा व्यस्त बाना!

आज का शब्द
                
                                                             
                            अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- चिर, जिसका अर्थ है- जो बहुत दिनों से हो या दीर्घकालव्यापी। प्रस्तुत है महादेवी वर्मा की कविता- आज कैसा व्यस्त बाना!
                                                                     
                            

चिर सजग आँखें उनींदी आज कैसा व्यस्त बाना! 
जाग तुझको दूर जाना! 

अचल हिमगिरि के हृदय में आज चाहे कंप हो ले, 
या प्रलय के आँसुओं में मौन अलसित व्योम रो ले; 

आज पी आलोक को डोले तिमिर की घोर छाया, 
जाग या विद्युत्-शिखाओं में निठुर तूफान बोले! 

पर तुझे है नाश-पथ पर चिह्न अपने छोड़ आना! 
जाग तुझको दूर जाना!  आगे पढ़ें

3 months ago

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