विज्ञापन

आज का शब्द: धधकना और सुरेश चंद्रा की कविता- जीवन, मरणोत्तर एक क्रियाशील शब्द है 

आज का शब्द
                
                                                                                 
                            'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- धधकना, जिसका अर्थ है- आग की लपट के साथ जलना, दहकना, भड़कना, उद्वेलित हो उठना। प्रस्तुत है सुरेश चंद्रा की कविता- जीवन, मरणोत्तर एक क्रियाशील शब्द है  
                                                                                                


केतकी!

कल फिर
गुलदान छूट गिरा तुमसे
घर बिखरा ही रह गया
कपड़े गुनसाम गँधाते रहे
रोटियाँ जला ली तुमने

क्या सोचती रहती हो?
क्या खदबदाता है अंदर?
  आगे पढ़ें

1 month ago

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X