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तहज़ीब हाफ़ी: बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा

तहज़ीब हाफ़ी: बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा
                
                                                                                 
                            बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा 
                                                                                                

वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा 

मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या न आऊँ 
मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा 

मैं जिस कोशिश से उस को भूल जाने में लगा हूँ 
ज़ियादा भी अगर लग जाए तो हफ़्ता लगेगा 

मिरे हाथों से लग कर फूल मिट्टी हो रहे हैं 
मिरी आँखों से दरिया देखना सहरा लगेगा 

मिरा दुश्मन सुना है कल से भूखा लड़ रहा है 
ये पहला तीर उस को नाश्ते में जा लगेगा 

कई दिन उस के भी सहराओं में गुज़रे हैं 'हाफ़ी' 
सो इस निस्बत से आईना हमारा क्या लगेगा 
1 month ago

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