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Social Media Poetry: जितनी बार याद तुम आये, उतनी बार पुकारा मैंने

सोशल मीडिया
                
                                                                                 
                            जितनी बार याद तुम आये,
                                                                                                

उतनी बार पुकारा मैंने

उद्यानों में विचरण करते समय 
कहीं जो फूल छू गये
वह फूलों की छुअन चूमकर
जितनी बार नयन छलकाए 
उतनी बार पुकारा मैंने!

तुम बिन सावन की बूँदों से तन पर
पड़ने लगे फफोले,
उन छालों की जलन चूमकर
जितनी बार नयन छ्लकाए 
उतनी बार पुकारा मैंने! आगे पढ़ें

1 month ago

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