सोशल मीडिया: जब भाषा नहीं रही होगी तो लोग झूठ नहीं बोलते होंगे

ग़ज़ल की हकीकत बयानी- समुंदर पर ही बारिश हो रही है
                
                                                             
                            जब भाषा नहीं रही होगी 
                                                                     
                            
तो लोग झूठ नहीं बोलते होंगे। 
किसी तरह की भाषा न रहने पर 
किसी तरह का झूठ नहीं बोला जा सकता 
तो झूठ यदि दोष है 
तो इस दोष का कारण भाषा है।

तब जब परिवार नहीं रहा होगा 
तब पिता भी नहीं होते होंगे 
जब पिता नहीं होते होंगे 
तो पितृसत्ता भी नहीं होगी
पितृसत्ता यदि दोष है 
तो यह परिवार का दोष है।

यदि कवि कहे भाषा के दोष से झूठ उपजा
परिवार के दोष से पितृसत्ता 
तो क्या ग़लत होगा। आगे पढ़ें

3 months ago

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