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Lucknow: 21 दिन में चूके, अब 13 की उम्र में मिला जन्म प्रमाणपत्र, लापरवाही बाद में पड़ी भारी

शुभम अवस्थी, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Tue, 09 Jun 2026 01:25 PM IST
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सार

बेटे के 12 साल का होने पर अप्रैल में वह दूसरे विद्यालय में दाखिले के लिए पहुंचीं तो उनसे बेटे का जन्म प्रमाणपत्र मांगा गया। जब वह प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंचीं तो पता चला कि अब प्रक्रिया इतनी आसान नहीं है। जन्म प्रमापणत्र के लिए अब उन्हें एसडीएम कोर्ट में आवेदन करना होगा।
 

Lucknow: Missed 21 days, now got birth certificate at the age of 13
सरिता मिश्रा - फोटो : amar ujala
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विस्तार

बच्चे के जन्म के 21 दिनों के भीतर ग्राम पंचायत सचिव या नगर निगम के सक्षम अधिकारी सीधे पंजीकरण कर जन्म प्रमाणपत्र जारी कर सकते हैं। काकोरी के मौंदा निवासी सरिता मिश्रा आवेदन बेटे के जन्म के 21 दिन तक आवेदन करने से चूक गईं। जरूरत पड़ने पर अब उन्हें एसडीएम कोर्ट सरोजनीनगर के आदेश पर 13 वर्ष बाद अपने बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र मिला है।



सरिता मिश्रा ने 13 मार्च 2013 को एक बेटे को जन्म दिया था। उन्होंने बेटे का नाम शिखर रखा। किसी कारण से सरिता बेटे का जन्म प्रमाणपत्र 21 दिन के भीतर नहीं बनवा सकीं। यह संयोग ही रहा कि स्कूल में प्रवेश या अन्य किसी जगह उनसे बेटे का जन्म प्रमाणपत्र मांगा भी नहीं किया। शिखर के 12 साल का होने पर अप्रैल में वह दूसरे विद्यालय में दाखिले के लिए पहुंचीं तो उनसे बेटे का जन्म प्रमाणपत्र मांगा गया। जब वह प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंचीं तो पता चला कि अब प्रक्रिया इतनी आसान नहीं है। जन्म प्रमापणत्र के लिए अब उन्हें एसडीएम कोर्ट में आवेदन करना होगा। ऐसे में उन्होंने बेटे के जन्म के पंजीकरण के लिए वर्ष 2025 में एसडीएम कोर्ट सरोजनीनगर में अर्जी डाली।
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खंड विकास अधिकारी को सौंपी गई जांच
कोर्ट ने बेटे के जन्म के सत्यापन संबंधी जांच का जिम्मा खंड विकास अधिकारी सरोजनीनगर को दिया। उनकी जांच रिपोर्ट में शिखर के जन्म की पुष्टि की गई। इसके बाद एसडीएम ने जांच रिपोर्ट को आधार बनाकर प्रमाणपत्र जारी करने का आदेश दिया।
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बच्चे के जन्म के तुरंत बाद कराएं पंजीकरण
एडीओ पंचायत गोसाईंगंज कमल किशोर शुक्ला ने बताया कि बच्चे के जन्म के तुरंत बाद पंचायत कार्यालय में उसका पंजीकरण जरूर कराएं। संबंधित अस्पताल के जरिये भी जन्म प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसमें देर करने पर परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ये हैं नियम-
- जन्म के 21 दिनों के भीतर ग्राम पंचायत सचिव सीधे जन्म पंजीकरण कर निशुल्क प्रमाणपत्र जारी कर सकते हैं।
- 21 दिन से एक वर्ष के भीतर पंजीकरण कराने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी की अनुमति आवश्यक होती है और शुल्क भी लगता है।
-जन्म के एक वर्ष बाद पंजीकरण और प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के आदेश पर पूरी की जाती है। इसमें बीते हुए समय के आधार पर शुल्क भी जमा करना पड़ता है।

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