सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: UPDA directly under CM, command back from Nandi, Akhilesh said – removed after meeting corruption target

UP: यूपीडा सीधे सीएम के अधीन, नंदी से कमान वापस, अखिलेश बोले- भ्रष्टाचार का टारगेट पूरा होने पर हटाया

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Tue, 09 Jun 2026 11:51 AM IST
विज्ञापन
सार

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि अभी हाफ़ हुए हैं, विधानसभा में टिकट नहीं मिलेगा तो साफ़ हो जाएंगे। जब सारे ‘घटिया एक्सप्रेसवे’ बन गये और भ्रष्टाचार का आपसी लेनदेन का टारगेट पूरा हो गया तब हटाया तो क्या हटाया?

UP: UPDA directly under CM, command back from Nandi, Akhilesh said – removed after meeting corruption target
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार

यूपी सरकार ने राज्य की एक्सप्रेसवे और बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लेकर प्रशासनिक फेरबदल किया है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) का प्रशासनिक नियंत्रण औद्योगिक विकास विभाग से हटाकर अवस्थापना विकास विभाग को सौंप दिया गया है। अवस्थापना विकास विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास होने के कारण अब यूपीडा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण प्रस्ताव, फाइलें और निर्णय सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के जरिये निस्तारित होंगे। इस बदलाव पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि जब सारे ‘घटिया एक्सप्रेसवे’ बन गये और भ्रष्टाचार का आपसी लेनदेन का टारगेट पूरा हो गया तब हटाया तो क्या हटाया?

Trending Videos


वहीं, सचिवालय प्रशासन अनुभाग-1 (अधि.) की ओर से जारी कार्यालय ज्ञापन के मुताबिक यह फैसला विभागीय कार्यों में आ रही विसंगतियों, कार्य आवंटन में विरोधाभास और निर्णय प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। आदेश के अनुसार यूपीडा से संबंधित समस्त कार्य तत्काल प्रभाव से अवस्थापना विकास अनुभाग को आवंटित कर दिए गए हैं। इस फैसले के बाद औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ के पास से एक्सप्रेसवे परियोजनाओं से जुड़ी प्रशासनिक कमान हट गई है। अभी तक यूपीडा से जुड़े बजट, परियोजनाओं की मंजूरी और अन्य महत्वपूर्ण फाइलें औद्योगिक विकास विभाग के माध्यम से आगे बढ़ती थीं, लेकिन अब यह प्रक्रिया सीधे मुख्यमंत्री स्तर पर होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - दिल्ली में मिले राहुल और अखिलेश, यूपी विधानसभा चुनावों को लेकर बनी रणनीति; सीटों को लेकर भी बनी सहमति?
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - सूरज के तेवर हुए खतरनाक, यूपी में हीटवेव का विस्फोट! इसी बीच आ गया मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट


शासन के मुताबिक यूपीडा का मूल कार्य एक्सप्रेसवे परियोजनाओं, औद्योगिक कॉरिडोर और बड़ी अवस्थापना परियोजनाओं का विकास करना है। ऐसे में इसे अवस्थापना विकास विभाग के अधीन रखना अधिक व्यावहारिक माना गया है। शासन का मानना है कि इससे समानांतर निर्णय प्रक्रिया खत्म होगी और बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिलने की रफ्तार बढ़ेगी।

अखिलेश यादव बोले- अभी हाफ हुए आगे साफ हो जाएंगे

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि अभी हाफ़ हुए हैं, विधानसभा में टिकट नहीं मिलेगा तो साफ़ हो जाएंगे। जब सारे ‘घटिया एक्सप्रेसवे’ बन गये और भ्रष्टाचार का आपसी लेनदेन का टारगेट पूरा हो गया तब हटाया तो क्या हटाया?

सुना है इलाहाबाद की सारी सीटों पर भाजपा अपने प्रत्याशी बदलने जा रही है क्योंकि भाजपा को लगता है कि ये सारे विधायक और प्रत्याशी केवल खाने-कमाने में लगे रहे और लोकसभा सीट हाथ से निकल गई।

यही फ़ार्मूला उप्र की उन सभी 43 लोकसभा सीटों पर लागू किया जा रहा है जहाँ इंडिया गठबंधन की जीत हुई थी और बाक़ी उन 9-10 सीटों पर भी जहाँ भाजपा हेरफेर करके सर्टिफ़िकेट से जीती थी, वोट से नहीं।

इसका मतलब तो ये हुआ कि लगभग 225 सीटों पर प्रत्याशी बदले जाएंगे। वैसे तो सुना है कि भाजपा के वर्तमान विधायक ख़ुद भी चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं क्योंकि ‘पीडीए’ के सामने उनके जीतने की कोई भी उम्मीद नहीं बची है। भाजपा के मूल वोटर अब एक-चौथाई भी नहीं रह गये हैं, इसीलिए भाजपा के वर्तमान विधायक हारे हुए चुनाव में अपनी कमाई ख़र्च नहीं करना चाहते हैं बल्कि बाक़ी जीवन के लिए पैसे बचाकर रखना चाहते हैं क्योंकि उनको ये भी पता है कि इस बार भाजपा पक्का जाएगी और  फिर कभी नहीं आएगी। 

दरअसल भाजपा के वर्तमान विधायकों ने जनता के आक्रोश को पढ़ लिया है क्योंकि भाजपा की महा-भ्रष्ट, बेईमान और दमनकारी नीतियों की वजह से आई हर तरह की दिक़्क़तों जैसे दिनदहाड़े की लूट, रंगदारी, हत्या, ज़मीनों की क़ब्ज़ेबाज़ी, घूसख़ोरी-कमीशनख़ोरी, महंगाई, बेरोज़गारी, पीडीए पर अत्याचार, पक्षपात, सांप्रदायिक राजनीति की वजह से हो रही नाइंसाफ़ी, पेपर लीक, संविधान की अवहेलना, आरक्षण की हक़मारी, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ व महिलाओं के प्रति बेतहाशा बढ़ते अपराध, चुनावी हेराफेरी और चंदा-चढ़ावा चोरी की वजह से जन-जन का गुस्सा उबाल-उफ़ान पर आ चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed