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विद्या गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल: आदेश के बाद भी नहीं खुल सका स्कूल, शुल्क का फंसा पेंच, टालते रहे पुलिसकर्मी

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Tue, 09 Jun 2026 11:38 AM IST
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सार

आदेश की प्रति मिलते ही विद्यालय की प्रबंधक संतोष रस्तोगी स्कूल खुलवाने पहुंचीं। उन्होंने उसी पुलिस से मदद मांगी, जिसने पहले दिन विपक्षियों को कब्जा दिलाया था, लेकिन मौके पर कोई सहायता नहीं मिली। 

Vidya Girls Junior High School: The school failed to reopen despite orders, with fees being a major issue.
पुलिस सहायता नही मिलने की वजह से नही खुल पाया विद्या मंदिर गर्ल्स हाईस्कूल। - फोटो : amar ujala
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विस्तार

हजरतगंज के नरही में स्थित 90 साल पुराने विद्या गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल की छात्राओं को उनका विद्यालय वापस मिलेगा। अमर उजाला के इस मुद्दे को लगातार प्रमुखता से उठाने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने सोमवार को एडीएम कोर्ट में साक्ष्य प्रस्तुत किए। इसके बाद एडीएम ने विपक्षी पार्टी के पक्ष में दिया गया अपना पिछला आदेश निरस्त कर दिया।



आदेश की प्रति मिलते ही विद्यालय की प्रबंधक संतोष रस्तोगी स्कूल खुलवाने पहुंचीं। उन्होंने उसी पुलिस से मदद मांगी, जिसने पहले दिन विपक्षियों को कब्जा दिलाया था, लेकिन मौके पर कोई सहायता नहीं मिली। पुलिसकर्मियों ने कहा कि जब तक पुलिस शुल्क जमा नहीं होगा, वे ताला नहीं खुलवा सकते। प्रबंधक के शुल्क जमा करने का स्थान पूछने पर पुलिसकर्मी गोलमोल जवाब देते रहे।
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वहीं, मौके पर मौजूद माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के पदाधिकारियों ने एडीएम के आदेश और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एडीएम को कब्जे का पहला आदेश देने से पहले शिक्षा विभाग को सूचित करना चाहिए था। शिक्षक नेताओं ने आक्रोश जताते हुए कहा कि आज जब दोबारा विद्यालय खोलने का आदेश जारी हुआ है, तो वही पुलिस एडीएम के आदेश को दरकिनार कर नियम-कानून का बहाना बना रही है।
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स्कूल बचाने के लिए छात्राओं ने दिया था धरना
बता दें कि बीते बृहस्पतिवार को एडीएम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए पुलिस की मौजूदगी में विद्यालय को खाली करवा दिया गया था। इस दौरान हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह का कहना था कि पुलिस को कोर्ट से जो आदेश मिला है, उसी का पालन किया गया। इस विद्यालय में 250 छात्राएं पढ़ती हैं। छात्राओं को जब विद्यालय पर कब्जे की जानकारी मिली तो वह अपने अभिभावकों के साथ धरने पर भी बैठी।

माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के प्रादेशीय मंत्री डॉ. आरपी मिश्रा का कहना है कि पूरी प्रक्रिया में कहीं न कहीं विपक्षियों को ऊपरी अदालत में जाने का मौका दिया गया है। एडीएम ने जब अपना विपक्षी पार्टी के पक्ष वाला आदेश निरस्त कर दिया तो विद्यालय पर कब्जा भी प्रबंधक, शिक्षकों व बच्चों को मिलना चाहिए। आदेश निरस्त करने में भी साजिश की गई है।

विद्या गर्ल्स हाईस्कूल नरही की प्रबंधक संतोष रस्तोगी का कहना है कि एडीएम कोर्ट से मुझे आदेश की कॉपी बाद में दी गई, पहले विपक्षी लोगों को कॉपी दी गई। जो पुलिस पहले विद्यालय पर कब्जा कराने आई थी, वही पुलिस आज हमसे पैसे मांग रही है। एडीएम कोर्ट का आदेश मेरे पक्ष में होने के बाद भी पुलिस का सहयोग नहीं मिल रहा है, जबकि एसीपी ने मदद का भरोसा दिया था। एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल का कहना है कि इस संबंध में कोई भी अधिकारिक रूप से मुझे आदेश नहीं मिला है। आदेश की कॉपी मिलते ही नियमानुसार आदेश का पालन कराया जाएगा।

आज खुलेगा ताला : डीआईओएस
जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र पांडेय ने बताया कि एडीएम के आदेश की कॉपी मिल गई है। मंगलवार को उनकी मौजूदगी में विद्यालय का ताला खुलवाया जाएगा।

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