{"_id":"6a16787cb96290537705fb6d","slug":"the-village-of-daal-perched-on-a-mountaintop-has-no-roads-no-electricity-no-water-villagers-are-forced-to-carry-water-from-a-ditch-2-kilometers-away-shahdol-news-c-1-1-noi1220-4327709-2026-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP: शहडोल में जल संकट, यहां पानी के लिए रोज पहाड़ उतरने को मजबूर ग्रामीण; 2KM दूर स्थित खाई से बुझ रही प्यास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP: शहडोल में जल संकट, यहां पानी के लिए रोज पहाड़ उतरने को मजबूर ग्रामीण; 2KM दूर स्थित खाई से बुझ रही प्यास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2026 01:03 PM IST
विज्ञापन
सार
शहडोल के ब्यौहारी क्षेत्र के दाल गांव में आज भी ग्रामीण सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। हालात ऐसे हैं कि लोग रोजाना पहाड़ उतरकर झिरिया से पानी लाने को मजबूर हैं।
पानी के लिए मशक्कत।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
शहडोल के ब्यौहारी अंतर्गत ग्राम पंचायत धांधोकुई के ग्राम दाल में आज भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आज तक गांव में न सड़क पहुंच सकी, न बिजली और न ही पीने के पानी की समुचित व्यवस्था हो पाई है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को रोजाना दो किलोमीटर दूर पहाड़ों के नीचे स्थित झिरिया से पानी लाना पड़ रहा है।
तपती धूप में पहाड़ उतरकर लाते हैं पानी
भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच जहां लोग घरों से निकलने से बचते हैं, वहीं दाल गांव के लोग पथरीले और खतरनाक रास्तों से होकर पहाड़ के नीचे उतरते हैं। ग्रामीण सिद्ध बाबा के पास स्थित एक गहरी झिरिया (झरना) से पीने का पानी भरकर अपने घर तक पहुंचाते हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों तक को यह कठिन सफर रोज तय करना पड़ता है।
हैंडपंप लगा, लेकिन नहीं निकलता पानी
गांव में एक हैंडपंप जरूर लगाया गया है, लेकिन उससे पानी नहीं निकल रहा। ग्रामीणों का कहना है कि गांव ऊंची पहाड़ी पर बसा होने के कारण पानी की समस्या लगातार बनी हुई है। मजबूरी में लोग प्राकृतिक झिरिया के सहारे जीवन यापन कर रहे हैं।
विज्ञापन
सड़क और बिजली नहीं, बीमार पड़ने पर बढ़ती है परेशानी
गांव में सड़क सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पक्की सड़क गांव से करीब पांच किलोमीटर दूर बताई जा रही है। ऐसे में यदि कोई बीमार पड़ जाए तो उसे अस्पताल तक पहुंचाना बेहद मुश्किल हो जाता है, क्योंकि गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती।
'पूर्वजों के समय से झेल रहे परेशानी'
दाल निवासी बंशीलाल गोंड ने बताया कि उनके पूर्वज इसी गांव में बसे थे, लेकिन आज तक गांव में सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं नहीं पहुंच सकीं। उन्होंने कहा कि आज भी ग्रामीण पहाड़ के नीचे स्थित झरने से पानी लाकर जीवन यापन कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें- पन्ना कुआं हादसे पर बवाल: पांच मजदूरों की मौत के बाद भड़के परिजन, इन दो मांगों को लेकर चक्काजाम; अब आगे क्या?
'बिना बिजली के जीवन मुश्किल'
ग्रामीण मथुरा सिंह ने बताया कि बिना बिजली के जीवन यापन करना बेहद कठिन है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। गांव में अंधेरा और परेशानी दोनों कायम हैं। ग्रामीण शुभकरण ने कहा कि गांव से पक्की सड़क करीब 5 किलोमीटर दूर है। ऐसे में किसी के बीमार पड़ने पर बड़ी दिक्कत होती है, क्योंकि गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती।
सरपंच ने भी मानी समस्या
ग्राम पंचायत धांधोकुई के सरपंच राकेश प्रजापति ने बताया कि दाल गांव में एक हैंडपंप लगा है, लेकिन उससे पानी नहीं निकलता। गांव काफी ऊंचाई पर बसा हुआ है। यहां करीब 40 घरों की आबादी है, जिसमें लगभग 250 लोग निवास करते हैं। गांव में सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इस मामले में स्थानीय विधायक शरद जुगलाल कोल से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
तपती धूप में पहाड़ उतरकर लाते हैं पानी
भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच जहां लोग घरों से निकलने से बचते हैं, वहीं दाल गांव के लोग पथरीले और खतरनाक रास्तों से होकर पहाड़ के नीचे उतरते हैं। ग्रामीण सिद्ध बाबा के पास स्थित एक गहरी झिरिया (झरना) से पीने का पानी भरकर अपने घर तक पहुंचाते हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों तक को यह कठिन सफर रोज तय करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हैंडपंप लगा, लेकिन नहीं निकलता पानी
गांव में एक हैंडपंप जरूर लगाया गया है, लेकिन उससे पानी नहीं निकल रहा। ग्रामीणों का कहना है कि गांव ऊंची पहाड़ी पर बसा होने के कारण पानी की समस्या लगातार बनी हुई है। मजबूरी में लोग प्राकृतिक झिरिया के सहारे जीवन यापन कर रहे हैं।
सड़क और बिजली नहीं, बीमार पड़ने पर बढ़ती है परेशानी
गांव में सड़क सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पक्की सड़क गांव से करीब पांच किलोमीटर दूर बताई जा रही है। ऐसे में यदि कोई बीमार पड़ जाए तो उसे अस्पताल तक पहुंचाना बेहद मुश्किल हो जाता है, क्योंकि गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती।
'पूर्वजों के समय से झेल रहे परेशानी'
दाल निवासी बंशीलाल गोंड ने बताया कि उनके पूर्वज इसी गांव में बसे थे, लेकिन आज तक गांव में सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं नहीं पहुंच सकीं। उन्होंने कहा कि आज भी ग्रामीण पहाड़ के नीचे स्थित झरने से पानी लाकर जीवन यापन कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें- पन्ना कुआं हादसे पर बवाल: पांच मजदूरों की मौत के बाद भड़के परिजन, इन दो मांगों को लेकर चक्काजाम; अब आगे क्या?
'बिना बिजली के जीवन मुश्किल'
ग्रामीण मथुरा सिंह ने बताया कि बिना बिजली के जीवन यापन करना बेहद कठिन है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। गांव में अंधेरा और परेशानी दोनों कायम हैं। ग्रामीण शुभकरण ने कहा कि गांव से पक्की सड़क करीब 5 किलोमीटर दूर है। ऐसे में किसी के बीमार पड़ने पर बड़ी दिक्कत होती है, क्योंकि गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती।
सरपंच ने भी मानी समस्या
ग्राम पंचायत धांधोकुई के सरपंच राकेश प्रजापति ने बताया कि दाल गांव में एक हैंडपंप लगा है, लेकिन उससे पानी नहीं निकलता। गांव काफी ऊंचाई पर बसा हुआ है। यहां करीब 40 घरों की आबादी है, जिसमें लगभग 250 लोग निवास करते हैं। गांव में सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इस मामले में स्थानीय विधायक शरद जुगलाल कोल से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

कमेंट
कमेंट X