लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Rajasthan ›   Rajasthan CM Candidate All You Need To Know About Sachin Pilot

Sachin Pilot: पत्रकार से नेता बने पायलट फिर CM पद के दावेदार, विरासत में मिले बगावती तेवर, ऐसा रहा सियासी सफर

Udit Dixit उदित दीक्षित
Updated Sun, 25 Sep 2022 05:14 PM IST
सार

Sachin Pilotराजनीति में आने को लेकर सचिन पायलट ने कहा था- पिता के निधन के बाद जिंदगी एकदम बदल गई थी। मैंने सोच-समझकर राजनीति में आने का फैसला किया। राजनीति कोई सोने का कटोरा नहीं है, जिसे कोई आगे बढ़ा देगा। इस क्षेत्र में अपनी जगह खुद बनानी होती है।

जानिए सचिन पायलट की सियासी कहानी।
जानिए सचिन पायलट की सियासी कहानी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

वो लड़का जो एक मीडिया संस्थान में इंटर्न था। इसके बाद एक अमरीकी कंपनी जनरल मोटर्स में नौकरी की, फिर 26 साल की उम्र में अजमेर का सबसे युवा सांसद बना। 32 में महनमोहन सरकार में केंद्रीय मंत्री, 36 में राजस्थान कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष और 40 साल में प्रदेश का उप मुख्यमंत्री बना। हम बात कर रहे हैं कांग्रेस नेता सचिन पायलट की। 



जिन्होंने कम उम्र में ऊंची उड़ान भरी। एक बार फिर वह राजस्थान मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। एक बार फिर इसलिए क्योंकि इससे पहले 2018 में भी वह राजस्थान के मुख्यमंत्री बन सकते थे, लेकिन बाजी अशोक गहलोत मार गए। अब गहलोत का कांग्रेस अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है, ऐसे प्रदेश के नए सीएम को लेकर सचिन पायलट और सीपी जोशी के नाम की चर्चा चल रही है। अब जानते हैं सचिन पायलट के सियासी सफर के बारे में...। 


उत्तर प्रदेश में पैदा हुए 
सचिन पायलट का जन्म उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में साल 1977 में हुआ था। उनके पिता राजेश पायलट एयर फोर्स में थे। बाद में वह कांग्रेस के दिग्गज नेता बने। पायलट की मां रमा पायलट भी विधायक रहीं। पायलट को परिवार में ही राजनीति माहौल मिला, लेकिन वह कभी नेता नहीं बनना चाहते थे। 45 साल के पायलट ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा की शुरुआत दिल्ली के एयर फोर्स बाल भारती स्कूल से की। दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से स्नातक की डिग्री ली। इसके बाद उन्होंने अमरीका के पेंसिलवानिया विश्वविद्यालय के व्हॉर्टन स्कूल से एमबीए की डिग्री भी हासिल की।

सचिन पायलट दिल्ली में एक मीडिया संस्थान में बतौर इंटर्न और एक अमरीकी कंपनी जनरल मोटर्स में भी काम कर चुके हैं। पायलट अपने पिता की तरह वायुसेना में भर्ती होना चाहते थे। वह विमानों को उड़ानें का ख्वाब देखा करते थे, लेकिन आंखें कमजोर होने के कारण उनका यह सपना अधूरा रह गया। एक पुराने इंटरव्यू में पायलट ने इसे लेकर कहा था कि जब मुझे पता चला कि मेरी आंखों की रोशनी कमजोर है तो मेरा दिल टूट गया था। मैं अपने पिता की तरह एयरफोर्स पायलट बनना चाहता था।

पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट।
पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट। - फोटो : सोशल मीडिया
2002 में कांग्रेस में शामिल हुए
पिता राजेश पायलट के जन्मदिन 10 फरवरी 2002 में सचिन कांग्रेस में शामिल हुई। इसी साल 11 जून को राजेश पायलट की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। यहां से पायलट की जिंदगी में बड़ा मोड़ आया और फिर उनका सियासी सफर शुरू हो गया। दो साल बाद 2004 में वह दौसा से सांसद चुने गए। इस समय सचिन पायलट की उम्र सिर्फ 26 साल थी। इस दौरान वह गृह मामलों पर लोकसभा की स्थायी समिति के सदस्य भी बनाए गए। 2006 में वह नागरिक उड्डयन मंत्रालय में सलाहकार समिति के सदस्य भी बने। 2009 के लोकसभा चुनाव में पायलट भाजपा उम्मीदवार किरण माहेश्वरी को हराकर अजमेर से सांसद बने। 2012 में मनमोहन सरकार में पायलट को संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी केंद्रीय मंत्री बनाया गया। 2014 के लोकसभा चुनाव की मोदी लहर में पायलट अपनी अजमेर सीट नहीं बचा पाए और चुनाव हार गए।

लोकसभा चुनाव के बाद प्रदेश में हुए एक्टिव
2014 के लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद सचिन पायलट राजस्थान की राजनीति में सक्रिय हुए। 2018 विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। कहा जाता है कि पार्टी को प्रदेश में एक बार फिर खड़ा करने के लिए पायलट ने बहुत मेहनत की। दावा किया जाता है कि 2018 के चुनाव से पहले पायलट ने करीब साढ़े पांच लाख किमी. की यात्रा कर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया और पार्टी को भाजपा के मुकाबले में ला दिया था। ऐसे में यह भी कहा जाने लगा कि अगर कांग्रेस की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री सचिन पायलट ही होंगे। चुनाव बाद कांग्रेस की सरकार बनी, लेकिन टोंक विधानसभा से चुनाव जीतकर विधायक बने पायलट सीएम नहीं बन पाए। कांग्रेस आलाकमान ने अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाया और पायलट को उप मुख्यमंत्री पद से ही संतोष करना पड़ा। 

सचिन पायलट, कांग्रेस नेता
सचिन पायलट, कांग्रेस नेता - फोटो : ANI
सियासी जीवन की सबसे बड़ी बगावत
2018 के विधानसभा चुनाव से शुरू हुई अशोक गहलोत और सचिन पायलट की अदावत सरकार बनने के बाद भी नहीं थम रही थी। पार्टी में विधायकों के दो गुट हो गए थे। एक गुट पायलट के साथ था तो दूसरा गहलोत के साथ था। धीरे-धीरे दोनों नेताओं के बीच की खाई बढ़ती गई। जुलाई 2020 में पायलट ने बगावती तेवर दिखा दिए। वह विधायकों को लेकर हरियाणा के मानेसर चले गए। इस दौरान लंबा सियासी घटनाक्रम चला। गहलोत अपनी सरकार बचाने में सफल हो गए, लेकिन पायलट को प्रदेश अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री के पद से हटा दिया गया। 14 जुलाई 2020 के बाद से पायलट सिर्फ एक विधयाक की भूमिका हैं। अब एक बार फिर उनके मुख्यमंत्री बनने की चर्चा हो रही है। हलांकि, गहलोत आज भी उनके विरोध में बताए जा रहे हैं। 

पिता ने भी कांग्रेस को दिखाए थे बागी तेवर 
राजनीति गलियारों में सचिन पायलट अपने कमिटमेंट और बगावती तेवर के लिए जाने जाते हैं। उन्हें लेकर चर्चा होती है कि पायलट को यह बगावती तेवर अपने पिता से विरासत में मिले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 1997 में सचिन पायलट के पिता ने भी बगावत दिखाई थी। उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव बागी तेवर दिखाते हुए लड़ा था। वहीं, नवंबर 2000 में जितेंद्र प्रसाद ने सोनिया गांधी के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ा था। इस दौरान भी पर राजेश पायलट ने जितेंद्र प्रसाद का खुलकर समर्थन किया था।

सचिन पायलट
सचिन पायलट - फोटो : ट्विटर
राजनीति सोने का कटोरा नहीं
राजनीति में आने को लेकर एक बार मीडिया से बात करते हुए पायलट ने कहा था, पिता से मैंने कभी अपने राजनीतिक सफर के बारे में बात नहीं की, लेकिन उनके निधन के बाद  जिंदगी एकदम बदल गई थी। इसके बाद मैंने सोच-समझकर राजनीति में आने का फैसला किया। राजनीति मेरे ऊपर थोपी नहीं गई है, मैंने जो कुछ भी सीखा उसके दम पर सिस्टम में एक बदलाव लाना चाहता हूं। पायलट ने कहा था, राजनीति कोई सोने का कटोरा नहीं है, जिसे कोई आगे बढ़ा देगा। इस क्षेत्र में आपको अपनी जगह खुद बनानी होती है.। 
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00