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Asha Parekh: आशा पारेख का खुलासा 'लव इन टोक्यो' के रिमेक में बॉलीवुड की यह अभिनेत्री निभा सकती है उनका किरदार

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: कविता गोसाईंवाल Updated Mon, 03 Oct 2022 01:45 PM IST
आशा पारेख
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अपने जमाने की मशहूर अभिनेत्री  आशा पारेख को इस साल दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 22 वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी महिला को दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।  यह अवॉर्ड पाने वाली आशा पारेख सातवीं महिला हैं। उनसे पहले आशा भोसले, लता मंगेशकर, दुर्गा खोटे, कानन देवी, रूबी मेयर्स, देविका रानी भी इस अवॉर्ड को हासिल कर चुकी हैं। फिल्मों में अपने फिल्मों  अपने योगदान के लिए आशा पारेख  को साल 1992 में भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। आशा पारेख ने अपने करियर में कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया हैं। कल रविवार की शाम को मुंबई में आयोजित अपने जन्मदिन के कार्यक्रम के दौरान आशा पारेख ने बताया कि आज के दौर की बॉलीवुड की ऐसी कौन सी अभिनेत्री है, जो उनकी फिल्म लव इन टोक्यो में उनका किरदार निभा सकती है।
आशा पारेख
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रोमांटिक कॉमेडी पर आधारित निर्माता निर्देशक प्रमोद चक्रवर्ती की फिल्म 'लव इन टोक्यो' साल 1966 में प्रदर्शित हुई थी। इस फिल्म में जॉय मुखर्जी और आशा पारेख की मुख्य भूमिका थी। उन दिनों यह फिल्म खूब पसंद की गई थी। जब आशा पारेख से पूछा गया कि आज के दौर की ऐसी कौन सी अभिनेत्री है, जो अगर उनकी किसी फिल्म की रिमेक बने तो उनकी भूमिका निभा सकती है। थोड़ी देर तक सोचने के बाद आशा पारेख ने कहा, 'अगर मेरी फिल्म 'लव इन टोक्यो' की रिमेक बने तो आज के दौर की आलिया भट्ट एक ऐसी अभिनेत्री है जो इस फिल्म का मेरा किरदार निभा सकती है।' आज के दौर की अभिनेत्रियों में आलिया भट्ट के अलावा दीपिका पादुकोण का काम आशा पारेख को बहुत पसंद है।

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आशा पारेख
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आज के दौर के अभिनेत्रियों की बात करें तो शादी शुदा होने के बाद भी उन्हें फिल्मों में काम मिल रहे है। आशा पारेख कहती है,  'यह बहुत अच्छी बात है कि आज के दौर की अभिनेत्रियों को शादी के बाद भी अच्छे काम मिलते है। जबकि हमारे जमाने में ऐसा नहीं था। इस बात का दुख होता था।' तकनीकी रूप से सिनेमा में काफी  बदलाव आया है, अच्छी फिल्मे बन रही है। लेकिन आज के सिनेमा में पहले जैसे गीत संगीत नहीं होते है।

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आशा पारेख
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आशा पारेख आज के दौर के बदलते सिनेमा को लेकर खुशी जाहिर करती है। लेकिन आज के फिल्मों में जिस तरह के संगीत और गाने आ रहे हैं, उससे वह खुश नहीं हैं। आशा पारेख कहती है, 'आज सिनेमा तकनीकी रूप से बहुत अच्छा बन रहा है। लेकिन उसमे जिस तरह के गीत संगीत और डांस होते है। वो, बिल्कुल भी अच्छे नहीं लगते है। हमारे देश के अलग अलग प्रांत के गीत संगीत और नृत्य शैली है। सिनेमा में यह दिखाना चाहिए ताकी दुनियां को पता चले कि हमारे यहां के गीत संगीत और नृत्य कितने खूबसूरत है। लेकिन हम उनकी ही नकल करके उनको ही दिखा रहे हैं।'

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आशा पारेख
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साल 1972 में प्रदर्शित फिल्म 'समाधि' में आशा पारेख का फिल्माया गीत 'कांटा लगा' बहुत चर्चित गीत था। जिसे लता मंगेशकर ने गया था। बाद में इस गाने को तोड़ मरोड़कर रिमिक्स वर्जन में पेश किया गया। आशा पारेख कहती है,  'मुझे रिमिक्स बिल्कुल भी पसंद नही है। क्योंकि रिमिक्स में सिर्फ बैंड बाजा ही बजता रहता है। मूल गाने की जो मिठास है। वह रिमिक्स में नहीं होती है। लेकिन, लोग पसंद कर रहे हैं तो क्या कर सकते है। मुझे व्यक्तिगत रूप से रिमिक्स गाने बिल्कुल भी पसंद नहीं है।'
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