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दर्दनाक: सड़क हादसे ने तीन परिवारों को दिए गहरे जख्म, बच्चे के दुनिया में आने से पहले ही छीना पिता का साया

संजय वर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Mon, 04 Jul 2022 01:35 AM IST
राजबाला, महीपाल और सुनील कुमार का फाइल फोटो।
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हरियाणा के भिवानी में नेशनल हाईवे 148 बी पर स्थित गांव मिलकपुर के तीन परिवारों को कैंटर चालक ने ऐसा दर्द दिया है जिसे उनके परिजन ताउम्र नहीं भूल पाएंगे। कैंटर की टक्कर से जान गंवाने वाले मां-बेटे और महिपाल के परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है। विलाप करते हुए उनका कहना है कि ये उनके साथ क्या हो गया। सबसे बड़ी विडंबना सुनील के पत्नी के साथ हुई। वह फिलहाल गर्भवती है और उसे किसी भी समय बच्चा हो सकता है। बच्चे के दुनिया में आने से पहले ही उसके सिर से पिता का साया उठ गया।

बता दें कि रविवार सुबह करीब साढ़े सात बजे तेज रफ्तार एक कैंटर चालक ने बाइक से खेत में जा रहे मां बेटे व एक साइकिल सवार युवक व बच्चे को चपेट में ले लिया। जिसमें मां-बेटे की मौत हो गई व साइकिल सवार युवक व किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को उपचार के लिए हांसी ले जाया गया। जहां पर युवक को मृत घोषित कर दिया। वहीं बच्चे को उपचार के लिए हिसार रेफर कर दिया गया है।
भिवानी में हादसा।
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हादसे में जान गंवाने वाले मृतक महीपाल भी गांव में ही टेलर का काम करता था। जबकि हादसे में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा 14 वर्षीय अंकित 11वीं की पढ़ाई कर रहा है। अंकित और उसकी बहन दोनों ही दिव्यांग हैं। गांव मिलकपुर निवासी 32 वर्षीय सुनील कुमार अपनी 52 वर्षीय माता राजबाला के साथ रविवार सुबह करीब साढ़े सात बजे बाइक से खेत में फसल पर कीटनाशक का छिड़काव करने जा रहा था।

वह गांव से निकलकर भिवानी-हांसी नेशनल हाईवे 148-बी पर पहुंचा ही था कि बवानीखेड़ा से हांसी की तरफ जा रहे एक तेज रफ्तार कैंटर ने दोनों को टक्कर मार दी। जिसमें मां बेटे दोनों ने ही मौके पर दम तोड़ दिया।

सुनील व उसके बड़े भाई राकेश की करीब सात साल पहले रोहतक के गांव चमारियां निवासी दो सगी बहनों के साथ शादी हुई थी। शादी के कई साल के बाद सुनील पहली बार पिता बनने जा रहा था। पत्नी रजनी को अब कभी भी बच्चा हो सकता है लेकिन इससे पहले ही यह अनहोनी हो गई। सुनील अपने पिता कृष्ण के साथ गांव में ही खेतीबाड़ी का काम संभालता था।

इसी सड़क हादसे में जान गंवाने वाला 30 वर्षीय महीपाल गांव में ही कपड़े सिलाई का काम करने के साथ-साथ घरेलू कार्यों में भी हाथ बंटाता था। हादसे के वक्त वह अपने दिव्यांग चचेरे भाई 14 वर्षीय अंकित को साइकिल पर पीछे बैठाकर खेत में पशु चारा लेने के लिए जा रहा था। तेज रफ्तार कैंटर ने चालक ने उसको भी चपेट में ले लिया था। महीपाल ने भी अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।

महीपाल अभी अविवाहित था और उसके दो भाई और भी हैं। उसके पिता की मौत हो पहले ही चुकी है। वहीं हादसे में गंभीर रूप से घायल 14 वर्षीय अंकित का हिसार के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। वह गांव के ही स्कूल में 11वीं की पढ़ाई करता है। अंकित और उसकी छोटी बहन दोनों ही दिव्यांग हैं। अंकित के पिता की भी मौत हो चुकी है। मां को बेटे अंकित से ही काफी उम्मीदें हैं।
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लोगों ने लगाया जाम।
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भिवानी-हांसी हाईवे 148-बी पर हैं ये 7 खतरनाक जगह
भिवानी-हांसी नेशनल हाईवे 148-बी पर सात ऐसे डेथ प्वाइंट हैं, जहां औसतन हर साल अत्यधिक सड़क हादसे होते हैं। इनमें तिगड़ाना मोड़, जाटू लुहारी पीर मजार के पास मोड़, बवानी खेड़ा मोड़, जीता खेड़ी मजार के पास मोड़, गांव मिलकपुर पर डिवाइडर पर बना कट, सुंदर नहर के समीप हादसा संभावित इलाके शामिल हैं। पहले ये मार्ग स्टेट हाइवे के पास थे, मगर अब नेशनल हाईवे में आ गया है। जिसके बाद इस सड़क की चौड़ाई भी बढ़ी है।

ग्रामीणों ने की ब्रेकर व संकेतक लगाने की मांग
हाईवे पर जाम लगाए बैठे ग्रामीणों ने प्रशासन से मिलकपुर में हादसा संभावित जगह पर ब्रेकर बनवाने और बस स्टैंड पर भी एक ब्रेकर बनवाने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के लिए संकेतक लगवाने की मांग की है। इसके अलावा मृतकों के परिजनों के लिए भी आर्थिक मदद और नौकरी की मांग ग्रामीणों ने रखी है।
घटनास्थल पर कैंटर छोड़कर भागा चालक। दूसरी ओर सड़क पर लगा जाम।
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जाम में कटे वाहन चालकों के साढ़े पांच घंटे 
हादसे के बाद ग्रामीणों ने करीब साढ़े पांच घंटे तक हाईवे पर जाम लगाए रखा। जिसके कारण इनमें काफी वाहन फंस गए। रविवार का दिन होने के कारण दैनिक आवागमन वाले लोग तो नहीं थे। फिर भी जाम के चलते हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम के कारण रोडवेज की बसों के टाइम भी मिस हो गए। जाम के कारण सड़क के दोनों और करीब दोनों तरफ से वाहनों की करीब तीन किलोमीटर लंबी लाइन लग गई।

गमगीन माहौल में हुआ तीनों का अंतिम संस्कार
गांव मिलकपुर में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मां बेटे सहित तीन लोगों की मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया। रविवार शाम को गांव के शमशान घाट में एक साथ तीन चिताएं जली। जिसमें मां बेटा व गांव का ही दर्जी महीपाल था। रविवार सुबह हुए सड़क हादसे में मृतक महीपाल के शव का पोस्टमार्टम बवानी खेड़ा पुलिस ने हांसी के सरकारी अस्पताल में कराया वहीं मृतक सुनील और उसकी मां राजबाला के शव का पोस्टमार्टम पुलिस ने भिवानी के नागरिक अस्पताल में कराया। पुलिस ने गांव मिलकपुर निवासी संदीप के बयान पर कैंटर चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का केस दर्ज किया है।
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जाम लगाए लोगों को समझाती पुलिस।
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भिवानी-हांसी नेशनल हाईवे 148-बी पर सड़क सुरक्षा के सभी इंतजाम पूरे हैं। यहां पर हमारा कोई भी काम बाकी नहीं है। गांव मिलकपुर में हुए सड़क हादसे के बाद ग्रामीणों ने बस स्टैंड और हादसा संभावित जगह पर ब्रेकर बनाने की मांग रखी है, यहां दोनों ही जगह जल्द ब्रेकर बनवाए दिए जाएंगे और सड़क सुरक्षा के संकेतक भी लगाए जाएंगे।  -राजेश गुप्ता, मैनेजर एचएच 148-बी
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