सद्भावना की मिसाल : हिंदू परिवार 40 साल से संभाल रहा ये खास कुरान, रोचक हैं इससे जुड़ीं खासियतें

जितेंद्र नरवाल, संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)  Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 18 Mar 2021 05:47 PM IST
पानीपत में एक इंच की कुरान।
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हरियाणा के पानीपत में रहने वाला राज कुमार सहगल परिवार एक विरासत को संभाले हुए है। सर्राफ का काम करने वाले सहगल परिवार के पास अरब के शेख की तरफ से भेंट की गई कुरान शरीफ है। इस कुरान शरीफ की लंबाई महज एक इंच और चौड़ाई आधे इंच से भी कम है। इसका वजन 2.800 मिलीग्राम है। इस कुरान शरीफ में 572 पेज हैं और इसमें फारसी भाषा में कुरान की सभी आयतें लिखी हैं। इनको बिना लेंस के भी पढ़ा जा सकता है। सहगल परिवार का दावा है कि यह दुनिया की सबसे छोटी और नायाब कुरान शरीफ है। इसे देखने के लिए देश विदेश से भी लोग उनके घर आ चुके हैं। कई राज्यों के अलग-अलग शहरों से लोग इसे आज भी देखने आते हैं। परिवार को गर्व है कि दुनिया का एक नायाब तोहफा उनके पास भी है।  
 
राजकुमार सहगल परिवार के पास है छोटी कुरान।
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पानीपत में कलंदर चौक के पास प्रताप बाजार में स्थित राजा ज्वैलर्स के मालिक राजकुमार सहगल ने बताया कि उनका सर्राफ का पुश्तैनी काम है। यहां उनके दादा-पिता की दुकानें हुआ करती थीं। 1982 में जब वे 15 साल के थे, तब अरब से दो शेख कलंदर पीर दरगाह पर आए थे। ये लोग एक ताबीज बनवाने के लिए उनकी दुकान पर पहुंचे। उस दिन छुट्टी थी और बाजार बंद था और केवल उन्हीं की दुकान खुली थी। उस समय उनके पास किसी भी प्रकार की मशीन नहीं थी। वे हाथ से ही काम करते थे। शेखों ने उनसे ताबीज बनवाने का आग्रह किया तो उन्होंने मना कर दिया। शेख ने उनसे निवेदन किया कि अगली सुबह उन्हें वापस जाना है। उनके जहाज का टिकट कैंसल हो जाएगा।
 
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कुरान शरीफ को चांदी के बक्से में रखा गया है
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इस पर राजकुमार सहगल ने चार घंटे तक मेहनत कर उनके लिए ताबीज तैयार दिया। इस पर शेख ने खुश होकर उन्हें अच्छी रकम देने लगे, लेकिन सहगल ने मना कर दिया। तब शेख ने अपने पास मौजूद दो कुरान में से एक उन्हें उपहार के तौर पर दी। शेख ने कहा कि ये दुनिया की सबसे नायाब दो कुरानों में से एक है। उस दिन से लेकर आज तक करीब चालीस साल से लगातार सहगल इसे अपने पास संभाल कर रख रहे हैं। इसके लिए उन्होंने एक चांदी का बक्सा भी बनवाया है। 
 
कुरान शरीफ
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बुरे दिनों में कई खरीदार लाखों देने आए, लेकिन नहीं बेचा कुरान: सुषमा
राजकुमार सहगल की पत्नी सुषमा सहगल ने बताया कि उनकी शादी को 35 साल हो गए हैं। शादी के बाद से ही वे इस कुरान की देखभाल करती आ रहीं हैं। 2012 में कुछ लुटेरों और ठगों ने उन्हें सम्मोहित कर उनकी दुकान से करीब 300 ग्राम सोना लूट लिया था। वे कर्जदार हो गए। इसके बाद से उनके बुरे दिनों की शुरुआत हो गई। इसका जब कई लोगों को पता चला तो वे उनके पास कुरान को खरीदने के लिए आए। 
 
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कुरान शरीफ
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एक ग्राहक ने इसके लिए ढाई लाख की पेशकश की तो एक ने इसके लिए पांच लाख रुपये का ऑफर दिया, लेकिन उन्होंने इसे बेचने से साफ मना कर दिया। परिवार का कहना है कि भले ही उन पर कितने ही संकट क्यों न आ जाएं, इसमें उनकी पूरी आस्था है और वे इसे हमेशा अपने साथ रखेंगे। राजकुमार सहगल और उनकी पत्नी सुषमा सहगल ने बताया कि दुकान तो अब उनका बेटा दिनेश सहगल ही संभालता है, वे दोनों तो सिर्फ कुरान को संभालते हैं। 
 
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