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Independence Day: आजादी से अब तक की वो 25 घटनाएं, जो लोगों के दिल और दिमाग में बस गईं

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Sun, 14 Aug 2022 11:11 AM IST
75वां स्वतंत्रता दिवस
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इस बार देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। देश को आजाद हुए 75 साल पूरे हो गए हैं। इन 75 वर्षों में देश ने दुनिया के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिए खूब संघर्ष किया। काफी मुश्किलों का सामना किया। आज पूरी दुनिया गर्व से हिंदुस्तान का नाम लेती है। ये सब संभव हो पाया है देश के एक-एक नागरिकों की वजह से। 

भारत के लोगों ने इन 75 सालों में खूब परेशानियों को झेला। इसकी शुरुआत भारत-पाकिस्तान के बंटवारे से हुई और आज तक कुछ न कुछ कठिनाई लगी रहती है। आइए सिलसिलेवार तरीके से बीते वर्षों की उन 25 घटनाओं के बारे में जानते हैं, जो आज भी आम लोगों के दिलो दिमाग में बसी हुईं हैं...
भारत-पाकिस्तान बंटवारा
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1. भारत-पाकिस्तान का बंटवारा (1947)
विभाजन की त्रासदी भारत के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है। ब्रिटिश शासन ने देश को स्वतंत्रता देने से पहले भारत का सांप्रदायिक आधार पर बंटवारा किया। भारत से अलग होकर पाकिस्तान अलग देश बन गया।

असर क्या हुआ?
करोड़ों लोग प्रभावित हुए। करोड़ों दिल रोए, तड़पे। दोनों तरफ भारी हुई हिंसा हुई। अनुमान है कि विभाजन की त्रासदी में करीब 10 लाख लोग मारे गए।
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भारत-चीन युद्ध
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2. चीन-भारत युद्ध (1962)
भारत-चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर युद्ध हुआ। चीन ने मैकमोहन रेखा और वास्तविक नियंत्रण रेखा को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। एक महीने बाद चीन ने युद्धविराम की घोषणा की। इस जंग में भारत का काफी नुकसान हुआ।

असर:
लोगों का मनोबल बुरी तरह टूट गया। देश भारी निराशा में डूब गया। हम जिसे दोस्त समझ रहे थे, उस चीन की चुनौती का पहली बार देश को एहसास हुआ।
भारत-पाकिस्तान युद्ध
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3. भारत-पाकिस्तान युद्ध (1965)
अभी देश चीन के साथ हुए युद्ध से उबरा नहीं था कि पाकिस्तान ने भारत पर हमला कर दिया। इस युद्ध में दोनों पक्ष को भारी नुकसान हुआ, आखिरकार जीत भारत की हुई। आजादी के बाद यह पाकिस्तान के खिलाफ मिली दूसरी जीत थी।

असर:
देश में चीन से मिली हार की निराशा कम हो गई। प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को जनता ने सिर आंखों पर बैठाया।
 
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बांग्लादेश की आजादी के लिए भारतीय जवानों ने भी लड़ाई लड़ी।
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4. बांग्लादेश की मुक्ति (1971)
पूर्वी पाकिस्तानियों ने पाकिस्तान से आजादी के लिए लड़ाई लड़ी और भारत ने उनका साथ दिया। इस पर बौखलाए पाकिस्तान ने भारत पर हमला कर दिया। भारत ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए। तब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं। 26 मार्च 1971 को शेख मुजीबुर रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश एक स्वतंत्र देश बन गया।

असर:
पाकिस्तान को विभाजन के दर्द का एहसास हुआ। पाकिस्तान को यह साफ हो गया कि भारत से वह कोई जंग नहीं जीत सकता।
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