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उरी दोहराने की साजिश: दो दिन पहले सेना की वर्दी में देखे गए थे दहशतगर्द, कभी आतंकियों का गढ़ रहा है दरहाल

संवाद न्यूज एजेंसी, राजोरी। Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 12 Aug 2022 07:50 AM IST
राजोरी फिदायीन हमले में बरामद बम
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जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों ने एक बार फिर उरी जैसे बड़े हमले की नापाक साजिश की, जिसे सेना के सतर्क जवानों ने नाकाम कर दिया। गुरुवार तड़के करीब दो बजे जब सेना के जवान कैंप में सो रहे थे तो दहशतगर्दों ने अंधेरे, खराब मौसम और घनी झाड़ियों की आड़ में आत्मघाती हमला कर ग्रेनेड फेंके और उसके बाद ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। उनकी मंशा ज्यादा से ज्यादा जवानों को नुकसान पहुंचाने की थी।  

सूत्रों के अनुसार, दो दिन पहले स्थानीय लोगों ने मारे गए इन दोनों दहशतगर्दों को दरहाल के बाजार में घूमते देखा था। बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर को दो अनजान लोग सेना की वर्दी में हथियार उठाए बाजार में घूम रहे थे और दोनों ने कुछ सामान भी खरीदा था। लोगों को जब उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो तुरंत पुलिस को सूचित किया गया था, जिसके बाद सेना और पुलिस ने दरहाल में और आसपास के कुछ इलाकों में तलाशी अभियान भी चलाया था, लेकिन इस दौरान दोनों आतंकवादी सेना या पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े।
Rajouri Fidayeen Attack
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2004 में डीआईजी पुलिस पर हुआ था फिदायीन हमला
पाकिस्तान की ओर से ट्रेंड किए आतंकवादियों ने राजोरी में 2004 में तत्कालीन डीआईजी पुलिस एसएम सहाय पर भी फिदायीन हमला किया था। हमले में दो पुलिस जवान शहीद हुए। इस दौरान दो आतंकियों को मार गिराया था। तब डीआईजी राजोरी-पुंछ पुलिस रेंज के सरकारी कार्यालय में आतंकियों ने फिदायीन हमला कर उनकी कुर्सी को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग की थी, लेकिन उस समय डीआईजी अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे।

 
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Rajouri Fidayeen Attack
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दरहाल कभी रह चुका है आतंकियों का गढ़
वर्ष 1998 से लेकर 2003 के बीच वह समय जब आतंकवाद राजोरी में अपने चरम पर था। तब दरहाल आतंकवादियों का गढ़ माना जाता था। इन वर्षों में दरहाल में कई आतंकवादी घटनाएं हुई थीं, जिसमें कई नागरिकों को भी आतंकवादियों ने मार दिया था। कई आतंकवादियों को सेना ने मौत के घाट उतारा था।
Rajouri Fidayeen Attack
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दरहाल के परगाल स्थित सेना के कैंप पर फिदायीन हमले के बाद फिर से ऐसा लगने लगा है कि दरहाल और राजोरी के कोटरंका बुद्धल इलाके में आतंकवाद को फिर से जिंदा करने की कोशिश की जा रही है।
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terrorism
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जिले की बुद्धल तहसील के दराज इलाके के लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर तालिब हुसैन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस व सेना ने और भी कुछ आतंकवादियों को गिरफ्तार करने के साथ भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद बरामद किया था, लेकिन उसके बाद भी यह फिदायीन हमला हुआ।
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