लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Navratri 2022: आज से शारदीय नवरात्रि शुरू, जानें क्यों मनाते हैं नौ दिनों का पर्व, किन देवियों की होती है पूजा

लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Mon, 26 Sep 2022 01:19 PM IST
navratri 2022: साल में चार नवरात्रि होती हैं, जिसमें से चैत्र और शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है।
1 of 5
विज्ञापन
Navratri 2022: हिंदू धर्म में कई व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं। इन त्योहारों और व्रतों का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में देवी देवताओं की पूजा अर्चना होती है। इन्हीं में एक से महत्वपूर्ण पर्व नवरात्रि का है। नवरात्रि देवी मां से जुड़ा पर्व है, जिसमें 9 दिन तक माता के नौ स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाती है। पहले दिन कलश स्थापना की जाती है और माता को घर के मंदिर में विराजमान कराया जाता है। उसके बाद नौ दिनों तक देवी मां भक्तों के घर पर वास करती हैं। इस दौरान लोग उपवास करते हैं। मां की पूजा, अर्चना और आरती करते हैं। साल में चार नवरात्रि होती हैं, जिसमें से चैत्र और शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है। शारदीय नवरात्रि के बाद से त्योहारों का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस साल 26 सितंबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। आइए जानते हैं कि नवरात्रि का पर्व क्यों मनाया जाता है और 9 दिनों तक किन नौ देवियों की पूजा की जाती है।
प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री
2 of 5
शारदीय नवरात्रि 2022 कब है?

हिंदू मान्यता के मुताबिक, शारदीय नवरात्रि का पर्व आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवमी तिथि तक मनाया जाता है। इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 26 सितंबर, दिन सोमवार से हो रही है। नौ दिन का यह पर्व 4 अक्टूबर, दिन मंगलवार तक मनाया जाएगा। शारदीय नवरात्रि का समापन नवमी तिथि को होता है, जिसके अगले दिन यानी दशमी तिथि को दशहरा का पर्व मनाया जाता है। इस बार 5 अक्टूबर को दशहरा है।

Navratri Colours 2022: मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के प्रिय हैं ये 9 रंग, जानें सबका महत्व    
विज्ञापन
श्रीराम और रावण से जुड़ी कथा
3 of 5
क्यों मनाया जाता है नवरात्रि का पर्व?

श्रीराम से जुड़ी कथा

मान्यता है कि शारदीय नवरात्रि की शुरुआत भगवान विष्णु के अवतार श्रीराम ने की थी। भगवान राम जब माता सीता को रावण से आजाद कराने के लिए युद्ध करने जा रहे थे, तो उन्होंने रामेश्वरम में समुद्र के किनारे शारदीय नवरात्रि की पूजा की। नौ दिनों तक माता शक्ति की आराधना के बाद दसवें दिन श्रीराम ने रावण का वध करके लंका पर विजय हासिल की। इस कारण नौ दिनों की नवरात्रि पूजा के बाद दसवें दिन दशहरा मनाते हैं।


 
मां दुर्गा से जुड़ी कथा
4 of 5
मां दुर्गा से जुड़ी कथा

एक पौराणिक कथा के मुताबिक, महिषासुर नाम के राक्षस को ब्रह्मा जी ने वरदान दिया था कि उसे कोई देव, दानव, धरती पर रहने वाला व्यक्ति मार नहीं पाएगा। वरदान प्राप्त करने के बाद महिषासुर ने पृथ्वी पर आतंक मचा दिया। महिषासुर का अंत करने के लिए माता दुर्गा का जन्म हुआ। नौ दिनों तक माता दुर्गा और महिषासुर के बीच युद्ध हुआ और अंत में माता दुर्गा ने महिषासुर का वध कर दिया।

Shardiya Navratri 2022: भारत में ही नहीं विदेशों में भी हैं माता के प्रसिद्ध मंदिर, इस नवरात्रि में करें दर्शन    
 
विज्ञापन
विज्ञापन
देवी मां के नौ स्वरूप
5 of 5
देवी के इन नौ स्वरूपों की होती है पूजा
 
पहला स्वरूप- मां शैलपुत्री
दूसरा स्वरूप- मां ब्रह्मचारिणी
तीसरा स्वरूप- मां चंद्रघंटा
चौथा स्वरूप- मां कूष्मांडा
पांचवां स्वरूप- मां स्कंदमाता
छठा स्वरूप- मां कात्यायनी
सातवां स्वरूप- मां कालरात्रि
आठवां स्वरूप- मां महागौरी
नौवां स्वरूप- मां सिद्धिदात्री
विज्ञापन
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00