लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Talaq-e-Hasan: क्या होता है तलाक-ए-हसन? क्यों उठ रही बैन की मांग, जानें इस्लाम में कितने तरीके के हैं तलाक

लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Thu, 18 Aug 2022 06:42 PM IST
तलाक-ए-हसन के बारे में जानें
1 of 6
विज्ञापन
What Is Talaq e Hasan: इन दिनों सुप्रीम कोर्ट में तलाक-ए-हसन का मामला चर्चा में है। तलाक-ए-हसन इस्लामिक कानून के अंतर्गत तलाक की एक प्रक्रिया है। इसके पहले तीन तलाक भी सुर्खियों में रहा था, जब भारत सरकार ने कानून बनाकर तीन तलाक को प्रतिबंधित कर दिया था। वहीं अब तलाक ए हसन को भी बैन करने की मांग उठ रही है। तलाक ए हसन को अमान्य और असंवैधानिक घोषित करने की गुहार लगाई जा रही है। मांग की जा रही है कि देश में सभी नागरिकों के लिए तलाक का एक समान अधिकार और प्रक्रिया होना चाहिए। इसके लिए सरकार से दिशानिर्देश तैयार करने का अनुरोध किया गया है। जैसे तीन तलाक को अपराध घोषित किया जा चुका है, वैसे ही तलाक ए हसन पर भी कार्रवाई किए जाने का मुद्दा उठा है। सवाल है कि तलाक-ए-हसन क्या है और तीन तलाक से कितना अलग है? तलाक के हसन का विरोध या समर्थन करने से पहले जान लीजिए कि इस्लाम में तलाक के कितने तरीके हैं और तलाक-ए-हसन क्या होता है।
इस्लाम में कितने तरीके के तलाक
2 of 6
इस्लाम में कितने तरीके के तलाक?

मुस्लिम समाज में इस्लाम धर्म को मानने वालों के बीच तलाक के तीन तरीके प्रचलित हैं। इसमें तलाक-ए-बिद्दत यानी तीन तलाक, तलाक-ए-हसन और तलाक-ए-अहसन शामिल हैं। मर्द इन तीनों तरीकों से अपनी पत्नी को तलाक दे सकते हैं। तलाक-ए-बिद्दत को अपराध घोषित करते हुए इसके खिलाफ सख्त कानून लागू किए जा चुके हैं। तीन तलाक में पति तीन बार तलाक तलाक और तलाक बोलकर पत्नी से रिश्ता खत्म कर सकता है। इस तरह के तलाक में गुस्से में भी तीन बार तलाक बोलने पर रिश्ता टूट जाएगा।
विज्ञापन
तलाक-ए-हसन क्या है
3 of 6
इस्लाम में तलाक-ए-हसन क्या है?

सुप्रीम कोर्ट में तलाक-ए-हसन का मामला पहुंचा है। तलाक की इस प्रक्रिया में तीन महीने लगते हैं। पुरुष तीन महीने में हर महीने एक एक बार करके तीन बार तलाक बोलकर शादी तोड़ सकता है। पहली बार तलाक बोलने पर भी पति पत्नी एक साथ रहते हैं। अगर इन तीन महीनों में दोनों में सुलह हो गई तो पति तलाक लेना कैंसिल कर सकता है और वरना तीसरे महीने में आखिरी बार तलाक बोलकर रिश्ता खत्म कर सकता है। इस तरह के तलाक के बाद पति पत्नी दोबारा निकाह कर सकते हैं लेकिन पत्नी को हलाला से गुजरना पड़ता है यानी अपने पति से शादी से पहले किसी दूसरे मर्द से शादी करके उससे तलाक लेना पड़ता है।
तलाक-ए-अहसन क्या होता है
4 of 6
क्या है तलाक-ए-अहसन?

तलाक-ए-अहसन भी तीन महीने की प्रक्रिया है, इसमें तलाक ए हसन की तरह तीन बार तलाक कहने की जरूरत नहीं होती। बल्कि पति एक बार ही तलाक कहता है, जिसके बाद पति पत्नी एक ही छत के नीचे तीन महीने तक रहते हैं। इस अवधि में अगर दोनों में सुलह हो जाती है तो तलाक नहीं होता, वरना तीनम महीने बाद तलाक हो जाता है। इस तलाक के बाद पति-पत्नी दोबारा निकाह कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
तीन तलाक और तलाक-ए-हसन में अंतर
5 of 6
तीन तलाक, तलाक-ए-हसन और तलाक-ए-अहसन में अंतर

अगर इस्लाम के तीनों तलाक प्रक्रिया की तुलना करें तो ये काफी अलग हैं। तीन तलाक झटके में किसी भी माध्यम से तीन बार तलाक बोलकर दिया जा सकता है। इसमें तो कई बार लोग फोन पर मैसेज या कॉल के माध्यम से तलाक दे दिया करते थे। तलाक-ए-हसन और तलाक-ए-अहसन में तलाक की एक प्रक्रिया और निश्चित अवधि होती है। इन दोनों प्रक्रियाओं में पति पत्नी को फैसला लेने के लिए वक्त मिलता है।
विज्ञापन
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00