सब्सक्राइब करें

Shradh Amavasya: पितरों की मुक्ति का खास अवसर, जानें तीन साल में आने वाली अधिकमास श्राद्ध अमावस्या की तिथि

धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Jyoti Mehra Updated Tue, 09 Jun 2026 03:29 PM IST
सार

Adhik Maas Shradh Amavasya 2026: इस वर्ष तिथियों के विशेष संयोग के कारण अधिकमास की अमावस्या और श्राद्ध अमावस्या अलग-अलग दिनों में पड़ रही है। ऐसे में आइए जानते हैं कि अमावस्या किस दिन है और श्राद्ध, तर्पण जैसे अन्य कर्म किस दिन किए जाएंगे। 

विज्ञापन
Adhik Maas Shradh Amavasya kab hai 2026 date tarpan pind daan muhurat significance
कब है श्राद्ध अमावस्या? - फोटो : AI

Adhik Maas Shradh Amavasya 2026 Date: हिंदू पंचांग में अधिकमास का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। इसे पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है और इसका संबंध भगवान विष्णु से माना जाता है। यह पवित्र महीना लगभग हर तीन वर्ष में एक बार आता है, इसलिए इस दौरान आने वाली अमावस्या भी बेहद खास मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन किए गए पूजा-पाठ, तर्पण और श्राद्ध कर्म से पितरों को शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।



कब है अधिकमास की अमावस्या?
हालांकि इस वर्ष तिथियों के विशेष संयोग के कारण अधिकमास की अमावस्या और श्राद्ध अमावस्या अलग-अलग दिनों में पड़ रही है। पंचांग के अनुसार, अधिकमास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 14 जून को दोपहर 12:19 बजे से शुरू होकर 15 जून की सुबह 08:23 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर अमावस्या 15 जून को मानी जाएगी, लेकिन उस दिन श्राद्ध कर्म करना संभव नहीं होगा।

Parama Ekadashi 2026: 11 या 12 जून कब रखा जाएगा परम एकादशी व्रत, जानें पूजा विधि और नियम
Morning Mantra: सुबह आंख खुलते ही हथेलियों को देखकर बोलें ये मंत्र, हर कार्य में मिलेगी सफलता

Adhik Maas Shradh Amavasya kab hai 2026 date tarpan pind daan muhurat significance
किस दिन किए जाएंगे श्राद्ध, तर्पण और अन्य कर्म? - फोटो : adobe stock

किस दिन किए जाएंगे श्राद्ध, तर्पण और अन्य कर्म?
पितरों का श्राद्ध आमतौर पर दोपहर के समय, लगभग 11 बजे के बाद किया जाता है। 15 जून को अमावस्या तिथि सुबह ही समाप्त हो रही है और इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा शुरू हो जाएगी। ऐसे में उस दिन श्राद्ध करना शास्त्रसम्मत नहीं माना जाता। वहीं 14 जून को अमावस्या तिथि दोपहर में प्रारंभ हो रही है, इसलिए इसी दिन श्राद्ध अमावस्या मानी जाएगी और पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और अन्य कर्म किए जा सकते हैं।
 

Adhik Maas Shradh Amavasya kab hai 2026 date tarpan pind daan muhurat significance
पिंडदान, ब्राह्मण भोज का समय - फोटो : adobe stock

पिंडदान, ब्राह्मण भोज का समय
जो लोग इस दिन पिंडदान, ब्राह्मण भोजन या अन्य धार्मिक अनुष्ठान करना चाहते हैं, वे 14 जून को दोपहर 12:19 बजे के बाद इन कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं। बेहतर होगा कि ये सभी कार्य दोपहर 02:30 बजे तक पूर्ण कर लिए जाएं, क्योंकि यह समय श्राद्ध के लिए शुभ माना गया है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
Adhik Maas Shradh Amavasya kab hai 2026 date tarpan pind daan muhurat significance
तर्पण की विधि - फोटो : adobe stock

तर्पण की विधि
तर्पण की विधि भी इस दिन विशेष महत्व रखती है। स्नान के बाद अमावस्या तिथि में हाथ में जल और काले तिल लेकर कुशा के माध्यम से पितरों को तर्पण देना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुशा के बिना किया गया तर्पण पितरों तक नहीं पहुंचता, बल्कि अन्य अतृप्त आत्माएं उसे ग्रहण कर लेती हैं।

विज्ञापन
Adhik Maas Shradh Amavasya kab hai 2026 date tarpan pind daan muhurat significance
अमावस्या का महत्व - फोटो : adobe stock

अमावस्या का महत्व
श्राद्ध अमावस्या का महत्व अत्यंत गहरा है। मान्यता है कि इस दिन पितर पितृलोक से पृथ्वी पर आते हैं और अपनी संतानों से तर्पण व श्राद्ध की अपेक्षा करते हैं। जब उन्हें संतुष्टि मिलती है, तो वे अपने वंशजों को सुख, समृद्धि और उन्नति का आशीर्वाद देते हैं। वहीं, जो लोग इस दिन पितरों का सम्मान नहीं करते, उन्हें पितृ दोष का सामना करना पड़ सकता है।

Shani Chalisa Path: शनि चालीसा पाठ करते समय करें इन नियमों का पालन, दूर होंगे सभी कष्ट
Heavy Rainfall: क्यों होती है भीषण बारिश? क्या बताया गया है धर्म और पुराणों में अतिवृष्टि और अनावृष्टि का कारण

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed