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Krishna Janmashtami 2022 : कृष्ण की थीं सोलह हजार रानियां, जानिए श्रीकृष्ण ने क्यों किया था इनसे विवाह

धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Thu, 11 Aug 2022 12:39 PM IST
कृष्ण की थीं सोलह हजार रानियां
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Krishna Janmashtami 2022: कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार जल्द ही आने वाला है। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव इस साल 18, 19 अगस्त को है। ऐसे में चारों ओर भगवान कृष्ण की चर्चाएं हो रही हैं। आज हम उनके सोलह हजार पत्नियों के बारे में जानेंगे। भगवान श्री कृष्ण और राधा का अलौकिक प्रेम जगजाहिर है। आज भी लोग उनके पवित्र प्रेम की मिसाल देते हैं। हालांकि राधा और श्रीकृष्ण का विवाह नहीं हो पाया था। भगवान श्री कृष्ण के बारे में कहा जाता है कि उनकी सोलह हजार एक सौ आठ पत्नियां और उनके डेढ़ लाख से भी ज्यादा पुत्र थे। श्री कृष्ण ने एक साथ 16 हजार कन्याओं के साथ विवाह किया था। लेकिन उन्होंने ऐसा क्यों किया, इसके पीछे की वजह बहुत कम लोग ही जानते हैं। आइए जानते हैं कि भगवान श्री कृष्ण ने सोलह हजार पत्नियों से शादी क्यों की और और कितने पुत्र थे? 
कृष्ण की थीं सोलह हजार रानियां
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पौराणिक मान्यताओं के अनुसार,  नरकासुर नामक दैत्य ने अपनी मायाशक्ति से इंद्र, वरुण, अग्नि, वायु आदि सभी देवताओं को परेशान कर रखा था। वह संतों को भी त्रास देने लगा था। कहा जाता है क उसने कई राज्यों की राजकुमारियों और संतों की स्त्रियों को बंदी बना लिया था। जब नरकासुर का अत्याचार बहुत अधिक बढ़ गया तो देवता व ऋषि मुनि भगवान श्रीकृष्ण की शरण में गए। 
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भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें नराकासुर से मुक्ति दिलाने का आश्वसान दे दिया, लेकिन इस राक्षस को श्राप मिला था कि उसकी मृत्यु स्त्री के हाथों होगी। इसीलिए श्रीकृष्ण राक्षस का संहार करने के लिए अपनी पत्नी सत्यभामा को सारथी बनाकर ले गए और उसका वध कर सभी कैद कन्याओं को मुक्त कराया। 
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कैद से छूटने के बाद ये सभी 16 कन्याएं अपने घर जाने की तैयार नहीं हुईं। वो श्रीकृष्ण से कहने लगीं कि आपने हमें मुक्त तो कराया, लेकिन अब हम कहां जाएंगे, क्योंकि इस राक्षस ने हमारे परिजनों को पहले मार दिया है। 
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कहा जाता है कि कुछ कन्याओं के परिजन तो जिंदा थे, लेकिन वे चरित्र के नाम पर अपनी बेटियों को अपनाने से इंकार कर रहे थे। तब भगवान ने इन सभी कन्याओं की व्यथा सुनी और सभी से एक साथ विवाह रचाया। इस दौरान भगवान ने एक साथ 16 हजार रूप रखे थे।
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