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Buddha Vichar: सफलता चाहते हैं तो मानें महात्मा बुद्ध की ये बातें

धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Mon, 25 Apr 2022 11:32 AM IST
बुद्ध के सिद्धांतों पर आधारित बौद्ध धर्म को आरंभिक रूप से प्रसारित करने का कार्य बुद्ध के अनुयायियों ने किया था
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Buddha Vichar: राजपरिवार में जन्में महात्मा बुद्ध का जन्म नेपाल में स्थित लुम्बिनी में 563वीं ईसा पूर्व में हुआ था। अपने जीवन के एक चरण में उन्होंने मानव जीवन के दुखों को देखा जैसे रोग, वृद्धावस्था एवं मृत्यु। इसके पश्चात् वे 29 वर्ष की अवस्था में सांसारिक जीवन को त्याग कर सत्य की खोज में निकल पड़े। उन्होने बोधगया में एक पीपल वृक्ष के नीचे ध्यान करते हुए आत्म बोध प्राप्त किया। तब से लेकर 80 वर्ष की अवस्था में अपनी मृत्यु तक, उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन यात्र करते हुए लोगों को जीवन चक्र से छुटकारा पाने की राह दिखाते हुए बिताया। उनकी मृत्यु के पश्चात उनके शिष्यों ने राजगृह में एक परिषद का आह्वान किया, जहां बौद्ध धर्म की मुख्य शिक्षाओं को संहिताबद्ध किया गया। महात्मा बुद्ध के सिद्धांतों पर आधारित बौद्ध धर्म दो संप्रदायों हीनयान और महायान में बंट गया। बुद्ध के सिद्धांतों पर आधारित बौद्ध धर्म को आरंभिक रूप से प्रसारित करने का कार्य बुद्ध के अनुयायियों ने किया था वर्तमान समय में महात्मा बुद्ध के संदेश और विचार प्रासंगिक माने जाते हैं। आइए जानते हैं महात्मा बुद्ध के कौन से विचार हैं जो मनुष्य को सफल बनाते हैं। 
भगवान बुद्ध के अनुसार, संतोष सबसे बड़ा धन है।
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भगवान बुद्ध के अनुसार, संतोष सबसे बड़ा धन है, वफादारी सबसे बड़ा संबंध है जबकि स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है। जीवन में किसी उद्देश्य या लक्ष्य तक पहुंचने से ज्यादा महत्वपूर्ण उस यात्रा को अच्छे से संपन्न करना होता है। 
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हजारों गलत शब्द बोलने से अच्छा, मौन का वह एक शब्द है जो जीवन में शांति लाता है। 
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महात्मा बुद्ध के अनुसार हमेशा क्रोधित रहना, ठीक उसी तरह है जैसे जलते हुए कोयले को किसी दूसरे व्यक्ति पर फेंकने की इच्छा से खुद पकड़ कर रखना। यह क्रोध सबसे पहले आपको ही जलाता है। इसलिए क्रोधित होकर हजारों गलत शब्द बोलने से अच्छा, मौन का वह एक शब्द है जो जीवन में शांति लाता है। 
महात्मा बुद्ध के अनुसार जंगली जानवर की अपेक्षा कपटी और दुष्ट मित्र से डरना चाहिए।
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महात्मा बुद्ध के अनुसार जंगली जानवर की अपेक्षा कपटी और दुष्ट मित्र से डरना चाहिए। जंगली जानवर आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि एक बुरा मित्र आपकी बुद्धि को नुकसान पहुंचा सकता है।
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मनुष्य को वर्तमान में जीने की आदत डालनी चाहिए तभी जीवन में शांति बनी रहेगी। 
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महात्मा बुद्ध के अनुसार मनुष्य को न ही अपने भूत पर ध्यान देना चाहिए न भविष्य के बारे में विचार करना चाहिए। मनुष्य को वर्तमान में जीने की आदत डालनी चाहिए तभी जीवन में शांति बनी रहेगी। 
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