आगरा: ब्रज के आठ जिलों में बेची गईं एक्सपायर दवाएं, पूछताछ में आरोपियों ने उगले कई राज

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 10 Feb 2021 12:03 AM IST
आगरा: गोदाम से बरामद एक्सपायर दवाएं
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दोबारा पैकिंग एक्सपायर दवाइयों को बेचने वाले आगरा के प्रदीप राजौरा और धीरज राजौरा का नेटवर्क पूरे ब्रज क्षेत्र में फैला हुआ था। उनसे पूछताछ में ड्रग विभाग को पता चला कि वे आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, कासगंज, एटा, मैनपुरी, हाथरस और अलीगढ़ में झोलाछापों को ये दवाएं बेचते थे। दस टैबलेट का जो पत्ता 15 रुपये (प्रति टैबलेट 1.5 रुपये) में तैयार होता था। उसे झोलाछाप को 125 रुपये (प्रति टैबलेट 12.5 रुपये) में बेचते थे। वह इसे एमआरपी पर मरीजों को देता था। एमआरपी 250 रुपये (प्रति टैबलेट 25 रुपये) होती थी। इसी तरह यह धंधा सालभर से चल रहा था।
दवाइयों की जांच करती औषधि विभाग की टीम
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राजौरा डिस्ट्रीब्यूटर्स नाम से इनकी फर्म आवास विकास सेक्टर -12 स्थित सत्यम प्लाजा में चल रही थी। यहीं से सोमवार को छापा मारकर दवाइयां, पैकिंग की मशीनें, रैपर बरामद किए गए थे। पास में ही राजौरा बंधुओं की कोठी है। दोनों पहले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) रहे हैं, इसलिए झोलाछापों और चिकित्सकों से उनके संबंध थे।
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आगरा: गोदाम से भारी मात्रा में एक्सपायर दवाएं बरामद
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सुराग : डायरी में मिले झोलाछापों के नाम
ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने इनकी फर्म पर छापा मारा तो यहां से डायरी में कई नाम लिखे मिले हैं। इनके अलावा कच्चे बिल मिले हैं। ये पूरे ब्रज क्षेत्र के जिलों के हैं। ड्रग इंस्पेक्टर नरेश मोहन ने बताया कि एक्सपायर हो चुकी दवाएं खरीदने वाले झोलाछापों की सूची संबंधित जिलों के सीएमओ को दी जाएगी। जांच में पता चला कि कुछ चिकित्सकों के क्लीनिकों में चल रहे मेडिकल स्टोरों पर भी इन दवाओं की सप्लाई होती थी। उनके नाम पता करने की कोशिश की जा रही है।
मथुरा: फैक्टरी से भारी मात्रा में दवाएं बरामद
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शातिर: मथुरा के डीलरों से खरीदते थे एक्सपायर दवाएं
जांच में पता चला कि राजौरा बंधु एक्सपायर हो चुकी दवाएं मथुरा के डीलरों से खरीदते थे। उन्होंने पूछताछ में इसे कुबूल किया लेकिन कई बार पूछे जाने पर भी डीलरों के नाम नहीं बताए। ड्रग इंस्पेक्टर नरेश मोहन का कहना है कि नाम पूछे जाने पर दोनों कहने लगते कि याद नहीं आ रहा है।
 
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धीरज, प्रदीप और सौरभ (बायें से दायें)
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साजिश : रातों-रात अमीर बनने के लिए नकली दवाएं भी बेचने लगे
राजौरा बंधुओं ने छह फरवरी 2020 को दवाओ के वितरण का लाइसेंस लिया। इसी लाइसेंस पर वह एक्सपायर हो चुकी दवाएं बेच रहे थे। इसमें मोटा मुनाफा था लेकिन इससे भी संतुष्ट नहीं हुए। रातों-रात अमीर बनने के लिए नकली दवाएं बेचना शुरू कर दिया। इन्हें पहले से मालूम था कि मथुरा का सौरभ शर्मा नकली दवा की फैक्टरी चलाता है। एमआर की नौकरी करने के दौरान उससे संपर्क हुआ था। अपना काम शुरू करने के बाद उससे संपर्क किया और नकली दवाएं खरीदने लगे। ये दवाएं भी झोलाछापों को बेची जाती थीं। राजौरा बंधुओं का मेडिकल स्टोर भी है। उस पर भी इन दवाओं की बिक्री करते थे।
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