बिहार के पूर्व डीजीपी बने कथावाचक: खाकी, खादी के बाद गुप्तेश्वर पांडेय ने पहना अध्यात्म का चोला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 25 Jul 2021 07:31 PM IST
कथा व्यास की गद्दी पर बैठे गुप्तेश्वर पांडेय
1 of 5
विज्ञापन
सुर्खियों में रहने वाले बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय अब एक नए रूप में हैं। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति से राजनीति में जाने के बाद वह अब मथुरा के वृंदावन में भागवत कथावाचक बन गए हैं। उन्होंने अपनी पहली कथा की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण की लीलाभूमि पर सावन के पहले दिन से की है। रविवार को उनकी कथा के शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री अश्वनी चौबे और उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुनील भराला पहुंचे। उन्होंनेने भागवत ब्यास गद्दी पर बैठे गोपेश्वर पांडेय के तिलक लगाया। इसके बाद भागवत कथा सुनी। 

वृंदावन के रुक्मिणी विहार स्थित पाराशर पीठ में रविवार को सावन मास के पहले दिन गुप्तेश्वर पांडेय ने भागवत कथा की। इस अवसर केंद्रीय राज्यमंत्री अश्विनी चौबे और उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुनील भराला ने उनका तिलक किया। अररिया बिहार के सांसद प्रदीप सिंह भी इस के पर मौजूद रहे। भागवत प्रवक्ता श्यामसुंदर पाराशर ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजन कराया।
गुप्तेश्वर पांडेय के तिलक लगाते केंद्रीय मंत्री
2 of 5
ब्रज में जीवन की एक और पारी की शुरुआत कर रहे बिहार के सेवानिवृत्त डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय भागवत कथा से पूर्व मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि राजनीति के लिए जो गुण होने चाहिए उनमें उसका अभाव है। अध्यात्म के गुण उन्हें बचपन से मिले हैं, अब उन्हें ही अपने बाकी जीवन का लक्ष्य बनाया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
गुप्तेश्वर पांडेय
3 of 5
गुप्तेश्वर पांडेय ने बताया कि उनका जन्म ब्राह्मण परिवार में हुआ। इससे सनातनी परिवेश में रहने का अनुभव शुरू से ही है। अयोध्या से कथा प्रवचन की पूरी शिक्षा दीक्षा लेकर वह आध्यात्म की राह पर चल पड़े हैं। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि बिहार की शराबबंदी ऐतिहासिक फैसला है। देश के अन्य राज्यों में भी शराब को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।
बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय
4 of 5
बिहार में पुलिस सेवा के दौरान कई कारनामों से चर्चा में रहने वाले गुप्तेश्वर पांडेय ने सुशांत सिंह सुसाइड केस में रिया चक्रवर्ती पर बयान देकर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। इससे पहले वह बिहार में शराबबंदी की वकालत कर चुके हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय (फाइल फोटो)
5 of 5
2009 में बक्सर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने का मंसूबा लिए गुप्तेश्वर पांडेय ने पुलिस सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्त ली थी, लेकिन कुछ माह बाद ही पुलिस सेवा में वापस आ गए। इसके बाद पुलिस सेवा छोड़ गुप्तेश्वर ने राजनीति में आने के लिए जदयू का दामन थामा। चुनाव न लड़ पाने के कारण अब नया स्वरूप धारण कर वृंदावन पहुंच गए हैं। यहां धर्म नगरी में वे भगवत संदेश देंगे।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00