कश्मीरी छात्रों का पाकिस्तान प्रेम: कोर्ट में पेश होंगे तीनों आरोपी, डिजिटल साक्ष्य होंगे अहम, हो सकती है उम्रकैद

अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Thu, 28 Oct 2021 10:41 AM IST
आगरा पुलिस की गिरफ्त में तीन कश्मीरी छात्र
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पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने और देश विरोधी नारे लगाने के आरोपी तीनों कश्मीरी छात्रों को बुधवार को जगदीशपुरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस मामले में पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ डिजिटल साक्ष्य अहम होंगे। उन पर आईटी एक्ट की धारा 66 एफ भी लगाई गई है जिसमें उम्रकैद की भी सजा हो सकती है। इस मामले में मंगलवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा के क्षेत्रीय मंत्री गौरव राजावत ने थाना जगदीशपुरा में तहरीर दी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। बुधवार को आरोपी छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया। सीओ लोहामंडी सौरभ सिंह ने बताया कि आरोपी छात्रों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। आरोपी छात्रों के खिलाफ डिजिटल साक्ष्य अहम हैं।  व्हाट्सएप स्टेटस पर डाले गए वीडियो और चैटिंग शामिल हैं। वीडियो की सीडी बनवाई जाएगी। वहीं चैटिंग का प्रिंट लिया जाएगा। आरोपियों ने एक छात्र से चैटिंग भी की थी। यह स्टेटस और चैटिंग मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। 
आगरा: आरबीएस कैंपस के बाहर पुलिस
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इनकी हुई गिरफ्तारी
टी-20 मैच में पाकिस्तान की जीत के बाद जश्न मनाने और देश विरोधी नारे लगाने के आरोपी बिचपुरी स्थित आरबीएस टेक्निकल कैंपस के तीनों कश्मीरी छात्र अरशीद यूसुफ, इनायत अल्ताफ शेख और शौकत अहमद गनी बुधवार को गिरफ्तार कर लिए गए। उन्होंने व्हाट्सएप पर स्टेटस वीडियो डालकर खुशी जाहिर की थी। 
 
 
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आगरा: पुलिस से शिकायत करते भाजपाई
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ये धाराएं लगाई गईं 
पुलिस ने आरोपी छात्रों के खिलाफ 153 ए, 505 (1) (बी) और आईटी एक्ट की धारा 66 एफ में मुकदमा दर्ज किया है। अधिवक्ता नितिन वर्मा ने बताया कि ‘धारा 153 ए’ दो वर्गों के बीच शत्रुता का प्रयास करने पर लगाई जाती है। इसमें दोषी को तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। यह गैर जमानती धारा है। जुर्माना भी लगाया जा सकता है। धारा 505 (1) (बी) में कोई व्यक्ति असत्य तथ्यों के आधार पर ऐसी बात करे, जिससे समाज में विद्रोह पैदा हो जाए। यह गैर जमानती है।
 
आगरा: भाजपा नेताओं ने की आपत्ति
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दोषी तीन साल तक की सजा हो सकती है। यदि कोई आईटी एक्ट की धारा 66 एफ में संविधान में वर्णित एकता और अखंडता को सोशल मीडिया पर खंडित करने वाला कार्य करता है तो साइबर आतंकवाद की श्रेणी में आता है। यह धारा गैर जमानती है, दोषी साबित होने पर आजीवन कारावास तक हो सकता है। 
 
 
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आगरा: पाकिस्तान का झंडा जलाकर किया विरोध
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जम्मू कश्मीर के छात्रों का करें सत्यापन, निगरानी भी
भारतीय जनता युवा मोर्चा के क्षेत्रीय मंत्री गौरव राजावत का कहना है कि  देश विरोधी गतिविधि करने वालों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उनके खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई हो। कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को निलंबित करके सही निर्णय लिया। पुलिस को भी सूचना देनी चाहिए थी। आगरा में जहां भी जम्मू-कश्मीर के छात्र और छात्राएं पढ़ रहे हैं, उनका सत्यापन होना चाहिए। इन पर गोपनीय तरीके से नजर रखी जाए। वह क्या कर रहे हैं, किसी तरह की देश विरोधी गतिविधि में तो शामिल नहीं हैं। 
 
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