लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Sharad Purnima 2020: चांदनी रात में चमकेंगे ताजमहल में नगीने, इस बार नहीं देख पाएंगे सैलानी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 30 Oct 2020 12:51 PM IST
शरद पूर्णिमा पर ताजमहल का नजारा (फाइल)
1 of 5
विज्ञापन
शरद पूर्णिमा पर शनिवार की रात ताजमहल में नगीने चमकेंगे, लेकिन इस अद्भुत नजारे को सैलानी नहीं देख पाएंगे। 16 साल में पहली बार चांदनी रात में ताजमहल का दीदार नहीं होगा। साल 2004 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शुरू किए गए ताजमहल के रात्रि दर्शन पर इस बार कोरोना ने ग्रहण लगा दिया है। शरद पूर्णिमा पर चांदनी में नहाए संगमरमर के ताजमहल पर चमकी देखने के लिए सैलानी दूर-दूर से आते थे। शरद पूर्णिमा पर पूरा स्लॉट हाउसफुल रहता था, लेकिन इस बार मोहब्बत का ताज तन्हा रहेगा। 
चांद की रोशनी में चमकते हैं ताजमहल के पत्थर
2 of 5
चांद की रोशनी में चमकते हैं पत्थर
धवल संगमरमरी ताजमहल की सुंदरता चांदनी रात में और बढ़ जाती है। ताज की पच्चीकारी में जड़े कीमती रंगीन पत्थरों पर जब चंद्रमा की रोशनी खास कोण पर पड़ती है तो वो चमकने लगते हैं। इसी को पर्यटक चमकी कहते हैं। ताजमहल के मुख्य गुंबद वाले संगमरमरी प्लेटफार्म से ही यह पत्थर चमकते हुए नजर आते हैं। ताजमहल के रात्रि दर्शन में रेड सेंडस्टोन प्लेटफार्म से दीदार कराया जाता है, लेकिन उसमें ये पत्थर चमकते नजर नहीं आते।
विज्ञापन
ताजमहल
3 of 5
चमकी देखने को लाखों का उमड़ता था हुजूम
एएसआई के रिटायर्ड अधिकारी डॉक्टर आरके दीक्षित के मुताबिक ताजमहल में वर्ष 1984 से पहले पूर्णिमा के तीन दिन पहले और तीन दिन बाद यानी कुल सात दिनों तक मेला लगता था, जिसमें ताजमहल रात में भी पर्यटकों के लिए खोला जाता था। स्थानीय लोग लाखों की संख्या में ताजमहल पर इसी चमकी को देखने के लिए उमड़ते थे। 
1984 से पहले ताजमहल की तस्वीर
4 of 5
ताज में अस्थायी सीढ़ियां, दुकानें बनती थीं
ताजमहल के फोरकोर्ट में इसके लिए अस्थायी दुकानें बनाई जाती थीं और यमुना किनारे फ्रीगंज से लकड़ी के स्लीपर लाकर अस्थायी सीढ़ियों का निर्माण किया जाता था। सुरक्षा कारणों की वजह से वर्ष 1984 से ताजमहल में रात्रि दर्शन बंद हो गया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह नवंबर, 2004 में दोबारा शुरू हुआ था। तब पांच दिन (पूर्णिमा, पूर्णिमा से दो दिन पूर्व और दो दिन बाद तक) ताज रात्रि दर्शन की अनुमति मिली, जिसमें 400 पर्यटकों को जाने की अनुमति है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
ताजमहल
5 of 5
अभी गाइडलाइन नहीं आई
अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर ताज रात्रि दर्शन नहीं होगा। अभी तक रात्रि दर्शन के लिए कोई गाइड लाइन जारी नहीं की गई है।
 
विज्ञापन
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00