संदीप हत्याकांड में बड़ा खुलासा: चश्मदीद और ड्राइवर से पूछताछ में उजागर हुआ ये तथ्य, जानिए किसने क्या बताया?

अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Thu, 30 Dec 2021 12:05 PM IST
संदीप गुप्ता मर्डर केस
1 of 5
विज्ञापन
बेशक घटना का खुलासा हो गया, मगर अभी पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए बैठाए गए सीमेंट फैक्टरी के लॉजिस्टिक मैनेजर, ड्राइवर व गनर आदि को उनके घर नहीं भेजा गया। पुलिस को संदीप के परिवार का इंतजार है। हालांकि सुबह बातचीत हुई थी, मगर परिवार ने शुद्धि के कारण आ न आ पाने के संकेत दिए। अब गुरुवार को परिवार आ सकता है। उसके बाद ही इन्हें परिवार के साथ उनके घरों को भेजा जाएगा।

घटना के समय संदीप के साथ मौजूद चालक रनवीर, सीमेंट कंपनी के इंदौर हाल ग्रीन पार्क निवासी लॉजिस्टिक मैनेजर शशांक निगम, दूसरी गाड़ी में चल रहे गनर धर्मेंद्र व पुलिस गनर संदीप पाल को तथ्यों के मिलान। पूछताछ आदि के लिए रोका गया था। तभी से वे पुलिस जांच में शामिल हैं। पुलिस ही उनके खाने पीने से लेकर थाने में रुकने आदि का इंतजाम कर रही है। हालांकि बुधवार सुबह तथ्य साफ होने पर तय किया गया कि इन्हें इनके घरों को भेज दिया जाए। मगर उससे पहले निर्णय हुआ कि संदीप के परिवार को बुलाकर उनके साथ ही इन्हें भेजा जाए। ताकि उनकी सहमति भी रहेगी। इस पर संदीप परिवार से जब संपर्क हुआ तो वे शुद्धि के कारण नहीं हा सके। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के अनुसार अभी तथ्यों का मिलान जारी है। जांच में अन्य बिंदुओं पर भी इन लोगों से मदद ली जा रही है। बृहस्पतिवार को संदीप के परिवार के आने पर इन्हें उनके साथ भेजा जा सकता है।
संदीप गुप्ता मर्डर केस
2 of 5
घटना के चश्मदीद व ड्राइवर की क्रास बातचीत में उजागर हुआ तथ्य
पुलिस जांच में लॉजिस्टिक मैनेजर व ड्राइवर से जब अलग-अलग पूछताछ हुई तो तथ्यों का मिलान होता चला गया। ये दोनों घटना के चश्मदीद गवाह भी हैं। हालांकि तहरीर में वादी ने इन्हें गवाह नहीं बनाया, मगर पुलिस केश डायरी में ये गवाह के रूप में शामिल हो सकते हैं। पहले चश्मदीद गाड़ी में साथ सवार शशांक निगम ने बताया कि चूंकि संदीप बहुत दिन बाद अलीगढ़ आए थे, इसलिए वे दिन में फैक्टरी पहुंचे। काफी पुराने व बड़े कारोबारी रिश्ते होने के कारण वे अक्सर घर भी आते जाते थे। जब उन्हें पता चला कि आज शशांक की पत्नी का जन्म दिन है तो तय हुआ कि शाम को घर पर बैठकर ही पार्टी होगी।
विज्ञापन
Sandeep Gupta Murder case
3 of 5
जब शाम को अपने दफ्तर से वे शशांक के साथ चलने लगे तो गनरों को दूसरी गाड़ी से महज इसलिए आगे भेजा गया था कि संदीप ने उनकी पत्नी के लिए गिफ्ट व मिठाई आदि खरीदने का निर्णय लिया। इसके बाद चालक ने बताया कि संदीप ने पान मसाले की कुल्ली करने व नया पान मसाला खाने के लिए पानी व पान मसाला खरीदने को चालक को इशारा किया। इस बात पर गाड़ी रोकी। दुकान से पान मसाला व पानी खरीदा गया। इसकी पुष्टि पान विक्रेता ने कर दी है। कुल मिलाकर इनके बयानों व तथ्यों की पुष्टि हो रही है।
Sandeep Gupta Murder case
4 of 5
जान बच गई, छिपने के सिवाय न था कोई चारा
शशंका निगम कहते हैं कि जब पहली गोली चली तो मैं खुद व संदीप आगे पीछे गाड़ी में सीट पर बैठकर बतिया रहे थे। पहली गोली में ही संदीप जख्मी हो गए। वह खुद कुछ नहीं समझ पाया और सीट के नीचे छिपने के सिवाय उस पर कोई चारा नहीं बचा। कुल मिलाकर उसने जीवन में यह सब पहली बार देखा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Sandeep Gupta Murder case
5 of 5
कोई बात नहीं, सिर्फ फायरिंग कर लौट गए
शूटरों ने कार के पास आकर किसी से कोई बात नहीं की। लग रहा था कि वे पहले से सीखे पढ़े थे कि किसे मारना है। उन्होंने निगम की ओर बिना देखे और बिना किसी से बात किए, सीधे गोली मारी और वापस भाग गए।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00