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मौत के बाद इंजेक्शन : हैलट में कितने ‘मुर्दों’ को लगा रेमडेसिविर, होगी जांच, क्या सच आएगा सामने...?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 13 Jun 2021 05:49 AM IST
कानपुर हैलट में मुर्दों को लगे रेमडेसिविर इंजेक्शन
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कानपुर हैलट अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत के बाद स्टोर से रेमडेसिविर इंजेक्शन निकलवाने के मामले में अब कमेटी पता लगाएगी कि कितने ‘मुर्दों’ के नाम पर यह फर्जीवाड़ा किया गया। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने हैलट की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ज्योति सक्सेना की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर दी है। इसमें वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार आर्या और चीफ फार्मेसिस्ट राजेंद्र पटेल सदस्य हैं। जांच के बाद इस तरह के कई मामले उजागर होने की संभावना जताई जा रही है। शनिवार को अमर उजाला ने हैलट के इस फर्जीवाड़े के खुलासा किया। खुलासे के बाद शनिवार को दिनभर हैलट में सरगर्मी बनी रही। प्राचार्य डॉ. कमल की मौजूदगी में मेडिकल कॉलेज और हैलट प्रबंधन के अधिकारी न्यूरो साइंसेज थ्री लेवल अस्पताल में उन रोगियों का ब्योरा खंगालते रहे, जिन्हें रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाया गया है।
कोरोना से मचा कोहराम
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इस दौरान प्रशासन की ओर से भेजे गए अधिकारी भी मौजूद रहे। जिन रोगियों की मौत के बाद रेमडेसिविर की मांग की गई, उन अभिलेखों को भी जांच के लिए निकलवाया गया है। मामला अभी गोपनीय रखा गया है। अधिकारिक तौर पर मामले की रिपोर्ट बनाने के लिए प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर दी गई है। जांच कमेटी सोमवार से प्रक्रिया के तहत विधिवत जांच शुरू कर देगी।
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बीएचटी निकलवाने के भी निर्देश
रेमडेसिविर के घपले की तह तक  जाने के लिए प्राचार्य ने हर उस कोविड रोगी की बीएचटी (बेड हेड टिकट) निकलवाने का आदेश किया है, जिसे रेमडेसिविर इंजेक्शन लगा था। रोगी को जिस दिन रेमडेसिविर लगा, उस दिन किस डॉक्टर ने मांगपत्र दिया। अगर ड्यूटी रोस्टर में डॉक्टर के नाम का मिलान हो गया, तब तो ठीक है। मांगपत्र किसी और ने लिखा और ड्यूटी डॉक्टर कोई और था तो मामला पकड़ में आ जाएगा।

प्राचार्य डॉ. कमल ने बताया कि हर रोगी की बीएचटी निकलवाकर इसे ड्यूटी रोस्टर से मिलाए जाने के संबंध में आदेश कर दिए गए हैं। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।

 
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न्यूरो साइंसेज में रेमडेसिविर की 730 शीशी मिलीं
शनिवार को रेमडेसिविर की जांच के दौरान न्यूरो साइंसेज कोविड अस्पताल के स्टाक में 730 शीशियां मिली हैं। मिलान किया जा रहा है कि इन्हें किन रोगियों को दिया जाना है। कोविड अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कुछ रोगियों को अभी रेमडेसिविर दी जा रही है। इसके अलावा फार्मेसी विभाग के स्टाक से अभी तक अस्पताल को 2100 रेमडेसिविर की शीशियां दी गई हैं। विभाग के स्टाक में अभी 923 शीशियां रखी हुई हैं।

 
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मुख्यमंत्री ने किया था इशारा
पिछले दिनों केडीए सभागार में मंडलीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस ओर इशारा किया था। उन्होंने कहा था कि रेमडेसिविर के मामले में वार्ड ब्वाय पर एफआईआर कराने के बाद अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर ली गई है। मामले की और गहन छानबीन के लिए मुख्यमंत्री ने इशारा किया था।
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