पीएम मोदी ने साढ़े चार साल में यूं बदला बनारस, खुद ही तस्वीरें ट्वीट कर दी जानकारी, आप भी देखें

न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Updated Mon, 12 Nov 2018 07:24 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी एक बार फिर से सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। 12 नवंबर के पीएम आगमन से पूर्व उनके हाथों लोकार्पित होने वाली परियोजनाएं इनमें प्रमुख हैं। पीएम मोदी ने भी रविवार दोपहर एक के बाद चार ट्वीट में किए जिसमें उन्होंने अपने आगमन की जानकारी दी और बदलते बनारस की तस्वीरों को साझा किया। शहर में चहुंओर हो रहे विकास कार्यों की एक झलक उनके ट्वीट में दिखी। आइए, देखिए और फिर आप खुद कह उठेंगे कि वाकई बनारस बदल रहा है।
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वाराणसी में बीत साढ़े चार वर्षों में कितना कुछ बदलाव आया है, यह पीएम मोदी के ट्वीट से भी पता चल रहा है।  पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में रिंग रोड, रामनगर मल्टी मॉडल टर्मिनल, बाबतपुर फोरलेन, दीनापुर एसटीपी, सीवरेज पंपिंग स्टेशन सहित अन्य परियोजनाओं की तस्वीरों को साझा किया। उनके इस ट्वीट के प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ सहित कई केंद्रीय मंत्रियों और मंत्रालयों के ऑफिसियल ट्विटर अकाउंट से रिट्वीट किया गया। 

 
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सोशल मीडिया पर एक बार फिर से बनारस का नया लुक छा गया है। चमचमाती सड़कें, सड़क किनारे दमकती दीवारें, खूबसूरत रोशनी से नहाती प्रमुख इमारतों को जिसने भी देखा, मुग्ध हो रहा है। काशी आगमन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विट कर अपने प्रति काशी के अनूठे प्रेम का इजहार किया। प्रधानमंत्री ने चार ट्विट से आने की जानकारी और विकास का भरोसा दिया। उनके इस ट्वीट को हजारों की संख्या में रिट्वीट किया तो वहीं लाखों लोगों ने लाइक किया। 

 
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पीएम मोदी के इस ट्वीट की चर्चा होने का खास कारण केवल बदलता बनारस ही नहीं है। इसकी चर्चा पीएम मोदी के पिछले बयानों से भी है जिसमें उन्होंने कहा था कि जिसका शिलान्यास करता हूं, उसका लोकार्पण भी करता हूं। पीएम मोदी के द्वारा रविवार को किए ट्वीट पर हजारों ट्विटर यूजर ने उनके इस बयान के साथ सलाम किया। बता दें कि रविवार को लोकार्पित होने वाली परियोजनाओं का पीएम मोदी ने ही शिलान्यास किया था। 


 
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नरेंद्र मोदी के बनारस का सांसद और देश का प्रधानमंत्री बनने से पहले तक बनारस में भी दुश्वारियों का पहाड़ था। दूसरे शहरों की तरह यहा भी बदइंतजामी थी, सड़कें जर्जर, बिजली-पानी का संकट, कुंड-तालाब कब्जे में वगैरह-वगैरह। समय ने करवट ली और यह कहना गलत नहीं होगा कि बड़े ही कम समय में भी किसी शहर में बड़ा बदलाव लाए जा सकने की बनारस एक जीती-जागती मिसाल है।

 
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