लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

दशक
अपराध लोक

ऑटो शंकर के खौफ से चेन्नई की सड़कों पर नहीं दिखती थीं लड़कियां, फिल्मों ने बनाया वहशी

12 August 2022

Play
6:11
80 के दशक के आखिरी सालों में चेन्नई लड़कियों के लिए एक खतरनाक शहर बन चुका था. आए दिन लड़कियां गायब हो रही थीं। पुलिस थानों में लापता लड़कियों के मां-बाप इस उम्मीद में चक्कर काट रहे थे कि शायद उनकी लापता बेटी की कोई खबर मिल जाए लेकिन पुलिस नाकाम थी. पुलिस को लग रहा था कि दहेज देने में असमर्थ परिवारों ने वेश्यावृत्ति के लिए इन्हें बेच दिया है. वो लापता लड़कियों के परिवार वालों को गंभीरता से नहीं ले रहे थे। लेकिन उनका ये भ्रम जल्द टूटने वाला था.

ऑटो शंकर के खौफ से चेन्नई की सड़कों पर नहीं दिखती थीं लड़कियां, फिल्मों ने बनाया वहशी

1.0x
  • 1.5x
  • 1.25x
  • 1.0x
10
10
X

सभी 108 एपिसोड

जुर्म की दुनिया में आज बात होगी रूस के सीरियल किलर अलेक्जेंडर निकोलायेविच स्पीसिवत्सेव की, जिसने महज 6 साल में 80 से ज्यादा महिलाओं और बच्चों की बेदर्दी से हत्या की. अफसोस की बात ये थी कि इस गुनाह में उसकी मां ल्यूडमिला ने भी उसका साथ दिया. कहा तो ये भी जाता है कि ये हैवान अपने शिकार का मांस भी चबा जाता था. अलेक्जेंडर को द नोवोकुज़नेत्स्क मॉन्स्टर और द साइबेरियन रिपर के नाम से भी जाना जाता है...

21 दिसंबर 1924...पोलैंड के शहर मुस्टरबर्ग की सड़क पर विन्सेंज ओलिवियर नाम का एक बेघर आदमी डरा-सहमा से सड़क पर दौड़ता दिखाई देता है। ओलिवर के सिर पर किसी ने कुल्हाड़ी से वार किया था। उसका पूरा शरीर खून से लथपथ था और वो मदद की गुहार लगा रहा था. स्थानीय पुलिस के एक सिपाही ने ओलिवर को रोका और तुरंत अस्पताल पहुंचाया.  अस्पताल में ओलिवर ने बताया कि कार्ल डेन्के नाम के शख्स ने उस पर हमला किया है। पुलिस डेन्के की तलाश में निकलती है और उसके घर पहुंचती है। 54 साल का कार्ल डेन्के पुलिस को देखकर एक कमरे में खुद को बंद कर लेता है...पुलिस दरवाजा खटखटाती है लेकिन डेन्के दरवाजा नहीं खोलता. जब काफी देर दरवाजा नहीं खुलता है तो पुलिस दरवाजे को तोड़कर कमरे में दाखिल होती है लेकिन इससे पहले ही डेन्के पंखे से लटकर खुदखुशी कर लेता है...

25 सितंबर 1983.जगह न्यू यॉर्क के ओरंगटाउन का क्लॉसलैंड माउंटेन इलाका. गर्मी की भरी दोपहर, पुलिस को रोड किनारे एक लाश बरामद होने की सूचना मिलती है. पुलिस फौरन घटनास्थल पर पहुंच मौका मुआयना शुरू करती है... इस लाश को प्लास्टिक की गारबेज थैली में लपेट कर फेंका गया था, जिसके सिर के पिछले हिस्से में एक गोली के छेद का निशान था... मामला साफ-साफ हत्या का था, लेकिन वारदात से जुड़े कोई भी सबूत, घटनास्थल से बरामद नहीं होते... 

तफ्तीश में पता चलता है कि मृत युवक का नाम क्रिस्टोफर सटरफील्ड है, जो 14 अक्टूबर से गुमशुदा था.उसे आखिरी बार एक काले रंग की कार में किसी अनजान शख्स के साथ देखा गया था...
 

सन 1983.सिंडी पॉलसन नाम की एक 17 साल की लड़की अलास्का के एंकोरेज की एक गली में हथकड़ी पहने हुए नंगे पाव भागती मिलती है। उसके चेहरे पर खौफ था...हालात से लग रहा था कि वो किसी बड़ी मुसीबत से पीछा छुड़ाना चाहती है. सिंडी सीधे पुलिस स्टेशन पहुंचती है और पुलिस को बताती है कि वो एक यौनकर्मी है और वो एक दरिंदे के चंगुल से छूटकर आई है जो उसे 200 डॉलर देने के बहाने अपने घर ले गया और उसे हथकड़ी से बांधकर रेप और टॉर्चर किया. इतना ही नहीं वो हैवान उसे अपने निजी विमान में बिठाकर कहीं और ले जाने वाला था लेकिन मौका पाकर वो वहां से फरार हो गई...पुलिस हरकत में आती है और सिंडी के बयानों के आधार पर आरोपी के घर पहुंचती है...जुर्म की दुनिया में आज बात होगी अलास्का के सीरियल किलर रॉबर्ट क्रिश्चियन हैनसेन की जिसे बुचर बेकर के नाम से जाना जाता है। 1971 और 1983 के बीच, हैनसेन ने एंकोरेज, अलास्का में और उसके आसपास कम से कम 31 महिलाओं के साथ बलात्कार और 17 हत्याएं की थीं. वो पहले महिलाओं का अपहरण करता. फिर उन्हें जंगल में ले जाकर छोड़ देता और इसके बाद उनका किसी जानवर की तरह बंदूक और चाकू से शिकार करता था. उसे 1983 में गिरफ्तार किया गया और 461 साल की सजा सुनाई गई। 

अनातोली मोस्कविन को साल 2011 में गिरफ्तार किया गया था, जब ये सामने आया था कि उसने कब्रिस्तान से तीन से 12 साल की उम्र की लड़कियों की लाशें निकाली थीं। इन लड़कियों के शवों को ये सनकी इतिहासकार अपने घर ले जाता था और उन्हें सजाकर रखता था। इस अपराधी के घर से पुलिस ने एक दो नहीं बल्कि 26 लड़कियों के शव बरामद किया था।

14 सितंबर 1990...जगह प्राग का शहर वैलटावा..यहां लोगों को नदी किनारे एक लाश तैरती दिखती है. सूचना मिलते ही चेकोस्लोवाकिया पुलिस मौके पर पहुंचती है. लाश के जिस्म पर कोई कपड़ा नहीं था, उसके दोनों हाथ पीछे बंधे थे और पैर खुले हुए थे. गरदन पर कुछ अजीब तरह के निशान भी दिख रहे थे...पहली ही नज़र में मामला हत्या का लग रहा था, लेकिन लाश के आसपास हत्या या फिर हत्यारे से जुड़े कोई सबूत नहीं मिलते. पुलिस आसपास किसी चश्मदीद की तलाश करती है, लेकिन कोई हाथ नहीं लगता. पुलिस मामले को दर्ज कर घटना की तफ्तीश शुरू करती है... इन्वेस्टिगेशन में महिला की पहचान 30 साल की ब्लैंका बोस्कोवा के तौर पर होती है. पोस्टमार्ट रिपोर्ट ब्लैंका की दर्दनाक हत्या का खुलासा करती है.  उसकी हत्या उसकी ब्रा से गला घोंट कर की गई थी..

आज से लगभग पांच दशक पहले जब इस अपराधी की उम्र महज 21 साल की थी। तभी उसने जिंदगी में किसी इंसान के कत्ल की पहली वारदात को अंजाम दिया था, उसके बाद इस खूंखार सीरियल किलर ने साल 1974 से 1978 के बीच महज चार साल में 4 बेकसूर लोगों को एक के बाद एक कत्ल कर डाला। 

अमेरिका का कुख्यात सीरियल किलर थियोडोर रॉबर्ट बंडी उर्फ टेड बंडी एक ऐसा सिरफिरा अपराधी था। जिसने सीरियल किलिंग, रेप, किडनैपिंग और चोरी जैसे संगीन अपराधों को अंजाम दिया। इसके निशाने पर ज्यादातर महिलाएं होती थी। वो उनके साथ  रेप करके उन्हें दर्दनाक मौत देता था। उसके अपराधों के लिए उसे कड़ी सजा हुई और उसकी मौत तड़प-तड़प कर हुई थी।

1980 के दशक के मध्य में, अमेरिका के लॉस एंजिल्स में खूनी खेल खेला शुरू होता है। 1983 और 1985 के बीच कम से कम 13 अश्वेत महिलाओं की लाशें पुलिस को मिलती हैं, जिन्हें या तो छुरा घोंपकर मारा गया था या फिर गला दबाकर. कातिल उन अश्वेत महिलाओं को शिकार बना रहा था जो यौनकर्मी थीं और नशीले पदार्थों का सेवन करती थीं. शहर खौफ में था और पुलिस परेशान. कातिल का कोई सुराग नहीं मिल रहा था.  हालांकि मीडिया ने इस कातिल को साउथसाइड स्लेयर और महिलाओं की हत्याओं को स्ट्रॉबेरी मर्डर नाम दिया. जुर्म की दुनिया में आज बात होगी अमेरिकी सीरियल किलर लॉनी फ्रैंकलिन की लगभग 200 महिलाओं को अपना शिकार बनाया। इस सीरियल किलर की करतूत को पुलिस इसलिए नजरअंदाज करती रही, क्योंकि मरने वाली महिलाएं या तो ड्रग्स की लती थीं या फिर वेश्या। अमेरिका में ये कातिल ग्रिम स्लीपर, साउसाइड स्लेयर और 25 ऑटो किलर के नामों से कुख्यात हुआ....

आवाज

एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00