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पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की रिपोर्ट: पंजाब में दूध का उत्पादन बढ़ा लेकिन मिलावटखोरी पर नहीं लगा ब्रेक

राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Thu, 12 Mar 2026 03:28 PM IST
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सार

पांच साल के अंदर दूध के कुल 31,173 सैंपल लिए गए जिसमें से 5312 फेल हो गए हैं। इनमें से भी कई सैंपल में इसी तरह की मिलावट सामने आई है जिनका सेवन लोगों के लिए खतरनाक है।

Ministry of Animal Husbandry Dairying Report Milk Production Increases Punjab Adulteration Remains Unchecked
milk - फोटो : Adobe stock
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विस्तार

पंजाब में पांच साल के अंदर 11.06 फीसदी दूध का उत्पादन बढ़ा है बावजूद इसके मिलावटखोरी पर ब्रेक नहीं लग पाई है। प्रदेश में इस दौरान दूध के 17.04% फीसदी सैंपल फेल हुए हैं। साथ ही 584 सैंपल सेहत के लिए खतरनाक भी पाए गए हैं जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि दूध में किस स्तर पर मिलावटखोरी का काम चल रहा है।
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केंद्र सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। इस रिपोर्ट के अनुसार दूध के उत्पादन में हर साल बढ़ोतरी हो रही है लेकिन मिलावट खेल भी खेल भी जारी है। 
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वर्ष 2020-21 के दौरान सूबे में 1.33 करोड़ टन दूध का उत्पादन था जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1.48 करोड़ टन तक पहुंच गया है। 2021-22 में उत्पादन 1.40 करोड़ टन, 2022-23 में 1.43 करोड़ टन और 2023-24 में 1.40 करोड़ टन दूध का उत्पादन हुआ।

पांच साल के अंदर दूध के कुल 31,173 सैंपल लिए गए जिसमें से 5312 फेल हो गए हैं। इनमें से भी कई सैंपल में इसी तरह की मिलावट सामने आई है जिनका सेवन लोगों के लिए खतरनाक है। अगर वर्ष 2025-26 की बात की जाए तो दूध के 14.07 सैंपल फेल हुए हैं।

वित्तीय वर्ष में सैंपल फेल होने पर की यह कार्रवाई 

वर्ष 2025-26 में सरकार ने दूध में मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान जारी रखा ताकि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ होने से बचाया जा सके। विभाग की तरफ से 6054 सैंपल लिए गए जिनमें से 852 फेल पाए गए हैं। इनमें से 160 सैंपल सेहत के लिए असुरक्षित पाए गए जबकि 5 मामलों में दूध के पैकेट पर भ्रामक जानकारी दी हुई थी। इसके बाद सरकार ने 564 मामलों में जुर्माना भी लगाया और 68 मामलों में कानूनी कार्रवाई के बाद दोषसिद्धि भी हुई।

पंजाब सरकार ने अब एक विशेष अभियान चलाने का भी फैसला लिया है ताकि मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 15 दिन विशेष अभियान के तहत दूध के साथ ही सभी खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जाएंगे। मिलावट पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फूड सेफ्टी ऑन व्हील पर नियमित रूप से की जा रही जांच  

खाद्य सुरक्षा विभाग फूड सेफ्टी ऑन व्हील पर नियमित रूप से जांच कर रहा है। इन टेस्टिंग वैन में दूध, पनीर, पानी और अन्य रोजाना के प्रयोग वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच करने की सुविधा है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया क्षेत्रीय कार्यालयों और राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से खाद्य पदार्थों में मिलावट का पता लगाने के लिए भी नियमित रूप से निगरानी, निरीक्षण और खाद्य उत्पादों के सैंपल लेता है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत अथॉरिटी की तरफ से कार्रवाई की जाती है जिसमें जुर्माना लगाना और लाइसेंस रद्द करना भी शामिल है।
 
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