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पठानकोट में डॉक्टर भूले फर्ज: महिला को अस्पताल में भर्ती नहीं किया, बरामदे में दिया बच्चे को जन्म

संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट (पंजाब) Published by: पंजाब ब्‍यूरो Updated Wed, 28 Sep 2022 05:57 PM IST
सार

एसएमओ डॉ. सुनील चांद का कहना है कि दंपती देर रात आया तो उनके पास महिला का कोई दस्तावेज नहीं था। महिला का कोई टेस्ट या अल्ट्रासाउंड नहीं करवाया गया था। अस्पताल स्टाफ ने उन्हें टेस्ट और अल्ट्रासाउंड करवाने की बात कही तो वे भड़क गए।

पठानकोट में तड़पती महिला और नाराजगी जताता उसका पति।
पठानकोट में तड़पती महिला और नाराजगी जताता उसका पति। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

पंजाब के पठानकोट सिविल अस्पताल में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई। सिविल अस्पताल में रात 2 बजे डिलीवरी के लिए आई महिला को इमरजेंसी में तैनात स्टाफ ने बिना चेकअप रेफर कर दिया। महिला की हालत खराब होने के चलते पति ने स्टाफ के समक्ष मिन्नतें कीं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। दो घंटे तड़पने के बाद महिला ने अस्पताल के बरामदे में ही बच्चे को जन्म दे दिया। पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 



उधर, एसएमओ ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। घटना मंगलवार देर रात 2 बजे के करीब की है। गर्भवती महिला को उसका पति जंगबहादुर सिविल अस्पताल लाया। वीडियो में महिला तड़पती दिखाई दे रही है और पति उसे भर्ती करने की गुहार लगाता दिख रहा है।


निजी एंबुलेंस चालक ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। महिला ने बच्चे को जन्म दिया और मां-बच्चा फर्श पर खून से लथपथ पड़े दिखे। इसके बाद वहां भर्ती मरीज और तीमारदार इकट्ठे हो गए। मामला गरमाता देख अस्पताल स्टाफ ने दोनों को भर्ती कर लिया।

जंग बहादुर ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी का चेकअप करने के बजाय उन्हें रेफर कर दिया। स्टाफ ने उनके साथ बदसलूकी की और अस्पताल से भगाने का प्रयास किया। मां-बच्चे की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। सुबह तड़के दंपती बच्चे को लेकर सिविल अस्पताल से चुपचाप निकल गए।

इलाज से इंकार नहीं किया: एसएमओ
एसएमओ डॉ. सुनील चांद का कहना है कि दंपती देर रात आया तो उनके पास महिला का कोई दस्तावेज नहीं था। महिला का कोई टेस्ट या अल्ट्रासाउंड नहीं करवाया गया था। अस्पताल स्टाफ ने उन्हें टेस्ट और अल्ट्रासाउंड करवाने की बात कही तो वे भड़क गए।

उन्हें सरकारी तौर पर फ्री में टेस्ट और अल्ट्रासाउंड करवाने को कहा गया था। बिना टेस्ट डिलीवरी नहीं करवाई जा सकती। डिलीवरी के बाद स्टाफ ने मानवता के आधार पर दोनों को भर्ती किया और इलाज दिया लेकिन दंपती सुबह बिना बताए कहीं चले गए। एसएमओ ने बताया कि उक्त महिला का यह पांचवां बच्चा था।

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