लुधियाना में किसानों की महापंचायत, बलवीर सिंह राजेवाल बोले- आंदोलन शांत रहा तो हम जीतेंगे, हिंसा हुई तो मोदी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 11 Feb 2021 10:40 PM IST
किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए बलवीर सिंह राजेवाल।
किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए बलवीर सिंह राजेवाल। - फोटो : अमर उजाला
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संयुक्त किसान मोर्चा ने गुरुवार को जगरावं की अनाज मंडी में पहली सर्व समाज की महापंचायत का आयोजन किया। इस महापंचायत में ज्यादातर मालवा के किसानों ने शिरकत की। लगभग चार घंटे चली महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन राजेवाल प्रदेश प्रधान बलवीर सिंह राजेवाल, भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के प्रधान जोगिंदर सिंह उगराहां पहुंचे। मंच से किसान नेता राजेवाल ने एक ही संदेश दिया कि अगर यह आंदोलन शांतिमय तरीके चलेगा तो हमारी जीत पक्की है लेकिन अगर हिंसा हुई तो मोदी सरकार की जीत होगी। 
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लाल किले की हिंसा को किसान नेताओं ने केंद्रीय एजेंसियों की साजिश करार दिया। मंच से 14 फरवरी को देशभर में कैंडल मार्च निकालने, 16 फरवरी को सर छोटूराम की याद में समारोह मनाने और 18 फरवरी को दोपहर 12 बजे से चार बजे तक रेलगाड़ियों के चक्काजाम करने का एलान किया। इसमें सभी लोगों को शामिल होने के लिए कहा गया है। 


पीएम से यह उम्मीद नहीं थी
बलवीर सिंह राजेवाल ने कहा कि जिस तरह लोकसभा और राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शब्दों का इस्तेमाल किया है, हम उनसे यह उम्मीद नहीं करते थे। एक तरफ वह किसान को अन्नदाता बोल रहे हैं और दूसरी तरफ किसानों को डिप्लोमैटिक तरीके से गालियां भी दे रहे हैं। हमारे किसान किसी कीमत पर इन शब्दों को भूल नहीं पाएंगे। 26 जनवरी के बाद आंदोलन का रुख सिंघु बार्डर से गाजीपुर बार्डर जाने पर राजेवाल का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं है, हम एकजुट हैं। आज भी आंदोलन को लेकर जितने भी फैसले लिए जा रहे हैं, वह सिंघु बार्डर से लिए जा रहे हैं। 

गिरफ्तार युवाओं का केस किसान मोर्चा लड़ेगा

महापंचायत में उमड़ी भीड़।
महापंचायत में उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
दीप सिद्धू की गिरफ्तारी के सवाल पर राजेवाल ने कोई जवाब नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि वह इस सवाल को लेना ही नहीं चाहते हैं। 26 जनवरी से पंजाब के 25 युवा अभी लापता हैं, जिनकी तलाश में मोर्चा काम कर रहा है। जहां तक गिरफ्तार युवाओं का सवाल है, उनके लिए एक कमेटी का गठन किया जा चुका है। 

सिंघु बार्डर पर लगे मंच के पीछे कमेटी पदाधिकारी बैठते हैं। गिरफ्तार युवाओं के परिजन अपना वकालतनामा साइन कर वहां दे सकते हैं। संयुक्त किसान मोर्चा उनका केस लड़ेगा। वहीं तिहाड़ जेल में बंद युवाओं के लिए उनके नेता तिहाड़ जेल कैंटीन में गए थे। कैंटीन प्रबंधक को साफ कर दिया है कि युवाओं को खाने-पीने का सारा सामान दिया जाए, इसका भुगतान किसान यूनियन करेगी।

प्रधानमंत्री भी तो आंदोलन कर यहां तक पहुंचे हैं
बीकेयू एकता उगराहां के प्रधान जोगिंदर सिंह का कहना है कि अगर सरकार कानून में संशोधन करने के लिए तैयार है तो इसका मतलब है कि वह खुद मान रहे हैं कि कानून गलत है। इसलिए संशोधन से काम नहीं चलेगा। कानून हर हाल में वापस लेने होंगे। वहीं केंद्र कृषि मंत्री के कानून के काले न होने के सवाल पर उगराहां ने कहा कि कृषि मंत्री बता दें कि कानून किस तरह सफेद है। 

महापंचायत में पहुंचे किसान।
महापंचायत में पहुंचे किसान। - फोटो : अमर उजाला
यह कानून सिर्फ बड़े घरानों को फायदा देने के लिए बनाया है। किसान नेताओं के चुनाव लड़ने की बात कहने पर उगराहां ने कहा कि वह तो पंचायत सदस्य का चुनाव भी नहीं लड़ेंगे। हमें राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। हम तो सिर्फ किसानों के हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के आंदोलनजीवी कहने पर उन्होंने कहा कि इसमें गलत क्या है, हम अपने हक के लिए आंदोलन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री भी तो आंदोलन कर यहां तक पहुंचे हैं।

महापंचायत की झलकियां
  • महापंचायत शुरू होते ही सबसे पहले आंदोलन में मारे गए किसानों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। 
  • महापंचायत मंच पर टीकरी बार्डर सिख युवक से मारपीट का पोस्टर मुख्य तौर पर लगाया गया, जिसके केश खुले हुए थे और चोट के निशान दिखाई दे रहे थे। 
  • महापंचायत में 20 हजार से ज्यादा किसान हिस्सा लेने पहुंचे। जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे। पूरी महापंचायत के दौरान कोरोना संक्रमण को लेकर किसी गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया। 
  • महापंचायत शुरू होते ही बिजली गुल हो गई, ऐसे में लगभग एक घंटे तक मंच का संचालन नहीं हो सका। किसी तरह प्रबंधकों ने जनरेटर का प्रबंध किया, इसके बाद नेताओं का संबोधन हो सका। 

  • महापंचायत के मंच के सामने 80 फुट को बैरिकेड से कवर किया गया, इसके अंदर सिर्फ पुलिस मुलाजिम या फिर जिन किसान वालंटियर की ड्यूटी लगी थी, उन्हें आने की अनुमति दी गई। 
  • मंच पर संबोधन के बाद किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां चले गए। महापंचायत खत्म होने के बाद राजेवाल को सम्मानित किया गया तो बार-बार उगराहां को मंच पर आने की घोषणा की गई।
  • गुरुनानक लंगर सेवा सोसायटी इंटरनेशनल ने मंच से आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की। 
  • महापंचायत में सुबह नौ बजे से लोग आने शुरू हो गए थे, किसान नेता राजेवाल दोपहर एक बजे पहुंचे। शाम चार बजे तक मंच से विभिन्न किसान नेताओं का संबोधन जारी रहा। 
  • इस महापंचायत में किसान नेताओं के विचार सुनने पहुंचे लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था भी की गई थी, यहां तक ग्राउंड में बैठे लोगों के लिए पानी सप्लाई के लिए वालंटियर को तैनात किया गया। 
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