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Bikaner Hospital News: बीकानेर में 6 प्रसूताओं की किडनी फेल! सी-सेक्शन के बाद हालत गंभीर, डायलिसिस पर 'मां'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
Published by: Priya Verma
Updated Tue, 09 Jun 2026 10:43 AM IST
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सार
कोटा के बाद अब बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में भी सी सेक्शन के बाद प्रसूताओं के किडनी फेलियर का मामला सामने आया है। यहां 6 महिलाओं को गंभीर हालत के चलते डायलिसिस पर रखा गया है।
कोटा के बाद बीकानेर में प्रसूताओं की हालत बिगड़ी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कोटा में प्रसूताओं की मौत और गंभीर संक्रमण के मामलों के बाद अब बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी (सी-सेक्शन) के बाद 6 महिलाओं की किडनी प्रभावित होने का मामला सामने आया है। सभी महिलाओं को गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती कर डायलिसिस पर रखा गया है।
जानकारी के अनुसार 20 से 27 वर्ष आयु वर्ग की छह प्रसूताओं को सी-सेक्शन ऑपरेशन के बाद अचानक स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जटिलताएं होने लगीं। इनमें किडनी फेलियर, प्लेटलेट्स में गिरावट, पेशाब बंद होना और मल्टीपल ऑर्गन डिस्फंक्शन जैसे लक्षण सामने आए। फलौदी निवासी प्रीति सहित सभी महिलाओं का पीबीएम अस्पताल में गहन चिकित्सा उपचार चल रहा है।
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परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ऑपरेशन के बाद महिलाओं की स्थिति लगातार बिगड़ती रही, लेकिन समय रहते पर्याप्त चिकित्सा प्रबंधन नहीं किया गया। मामले को लेकर अस्पताल परिसर में परिजनों का आक्रोश भी देखने को मिला।
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हालांकि अस्पताल प्रशासन ने शुरुआती जांच में केवल संक्रमण को कारण मानने से इंकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामला अत्यधिक ब्लीडिंग, मल्टीपल ऑर्गन डिस्फंक्शन सिंड्रोम या अन्य चिकित्सीय जटिलताओं से भी जुड़ा हो सकता है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है।
इस बीच अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठे हैं। मरीजों और उनके परिजनों ने पानी की कमी, वार्डों में खराब पड़े एसी और कूलर जैसी बुनियादी समस्याओं की शिकायत की है। इन हालातों के बीच एक साथ कई प्रसूताओं की गंभीर स्थिति ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिलाओं की हालत बिगड़ने के पीछे संक्रमण, चिकित्सीय जटिलता या किसी स्तर पर हुई लापरवाही जिम्मेदार है।