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राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल: टीकाराम जूली बोले- 170 दिनों से बंद पड़ी हैं 600 जननी एम्बुलेंस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2026 11:53 AM IST
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सार
राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 170 दिनों से 600 जननी एम्बुलेंस बंद हैं, जिससे गर्भवती महिलाओं और मरीजों को भारी परेशानी हो रही है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान की चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और आम जनता इलाज के लिए परेशान हो रही है, जबकि सरकार केवल प्रचार और राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त है। टीकाराम जूली ने दावा किया कि प्रदेश में पिछले करीब 170 दिनों से 600 जननी एक्सप्रेस एम्बुलेंस बंद पड़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को आपातकालीन सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
‘रोज 1700 मरीज हो रहे परेशान’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एम्बुलेंस सेवा बंद होने से प्रतिदिन करीब 1700 जरूरतमंद मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने इसे सरकार की बड़ी विफलता और संवेदनहीनता बताया। जूली ने कहा कि राजस्थान ऐसा राज्य है जिसने ‘राइट टू हेल्थ’ जैसा कानून दिया, लेकिन आज यहां स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद चिंाजनक हो चुकी है।
सरकार की प्राथमिकताओं पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को जनता की समस्याओं की चिंता नहीं है। उनके अनुसार, अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं का बजट प्रभावित होने से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। जूली ने आगे कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में आम जनता की स्वास्थ्य सुरक्षा शामिल नहीं दिखाई देती। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के कार्यकाल के केवल ढाई साल बचे हैं और जनता आने वाले समय में इन मुद्दों पर जवाब मांगेगी।
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कोटा की घटनाओं का भी किया जिक्र
नेता प्रतिपक्ष ने कोटा क्षेत्र में हाल ही में प्रसूताओं की मौत के मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जांच में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन अमानक पाए गए, जिससे सरकारी अस्पतालों में घटिया दवाइयों की आपूर्ति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इसके अलावा, कोटा के सुल्तानपुर सीएचसी में आईवी फ्लूइड चढ़ाने के बाद मरीजों की तबीयत बिगड़ने की घटना को भी उन्होंने गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं में तत्काल सुधार और बंद पड़ी जननी एम्बुलेंस सेवाओं को जल्द बहाल करने की मांग की।
‘रोज 1700 मरीज हो रहे परेशान’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एम्बुलेंस सेवा बंद होने से प्रतिदिन करीब 1700 जरूरतमंद मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने इसे सरकार की बड़ी विफलता और संवेदनहीनता बताया। जूली ने कहा कि राजस्थान ऐसा राज्य है जिसने ‘राइट टू हेल्थ’ जैसा कानून दिया, लेकिन आज यहां स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद चिंाजनक हो चुकी है।
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सरकार की प्राथमिकताओं पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को जनता की समस्याओं की चिंता नहीं है। उनके अनुसार, अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं का बजट प्रभावित होने से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। जूली ने आगे कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में आम जनता की स्वास्थ्य सुरक्षा शामिल नहीं दिखाई देती। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के कार्यकाल के केवल ढाई साल बचे हैं और जनता आने वाले समय में इन मुद्दों पर जवाब मांगेगी।
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नेता प्रतिपक्ष ने कोटा क्षेत्र में हाल ही में प्रसूताओं की मौत के मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जांच में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन अमानक पाए गए, जिससे सरकारी अस्पतालों में घटिया दवाइयों की आपूर्ति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इसके अलावा, कोटा के सुल्तानपुर सीएचसी में आईवी फ्लूइड चढ़ाने के बाद मरीजों की तबीयत बिगड़ने की घटना को भी उन्होंने गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं में तत्काल सुधार और बंद पड़ी जननी एम्बुलेंस सेवाओं को जल्द बहाल करने की मांग की।