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95 साल उम्र : पहले दूध बेचा फिर तीन किमी दूर पैदल चल डाला वोट
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छकड़याल के कृष्ण दत्त लोगों के लिए बने प्रेरणा स्रोत
चमियाना पंचायत से छह बार खुद भी रह चुके हैं प्रधान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी शिमला के ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत चुनाव के दौरान मंगलवार को लोकतंत्र के प्रति बुजुर्गों का जज्बा लोगों के लिए प्रेरणा बन गया। चमियाना पंचायत के छकड़याल वार्ड में छैली गांव के 95 वर्षीय कृष्ण दत्त वर्मा (कृष्ण दत्त) वोट डालने आए। मतदान केंद्र तक उन्होंने करीब तीन किलोमीटर का पैदल सफर किया। इनके जज्बे को देखकर युवा मतदाता भी प्रोत्साहित नजर आए।
चमियाना पंचायत के तहत छैली गांव के रहने वाले कृष्ण दत्त वर्मा का पोलिंग बूथ से करीब तीन किलोमीटर दूर घर है। सुबह सबसे पहले अपने रोजमर्रा के काम में जुटे और पांच किलो दूध बेचने के बाद तीन किलोमीटर पैदल चलकर मतदान केंद्र पहुंचे। उम्र के इस पड़ाव में भी उनका उत्साह युवाओं से कम नहीं दिखा। वह छह बार पंचायत प्रधान रह चुके हैं। लिहाजा पंचायत और गांव के विकास से जुड़े लंबे अनुभव के कारण लोग आज भी उनकी राय को महत्व देते हैं। मतदान केंद्र पहुंचने पर स्थानीय लोगों के अलावा उम्मीदवारों ने पहले उनका स्वागत किया। कुछ लोगों ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
विकास के नाम पर दिया वोट
उम्र चाहे कितनी भी हो मतदान करना जरूरी है। मैंने हमेशा विकास को ऊपर रखा है। इस बार भी उसी उम्मीदवार को वोट दिया है जोकि गांव में लोगों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवा सकें।
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-जीत राम ठाकुर, उम्र 90 साल
बच्चे वोट डालने के लिए लाए गाड़ी में
घंडल पंचायत के झुंडला की रहने वाली हूं। बच्चे ही मतदान करवाने गाड़ी में लाए हैं। ऐसे उम्मीदवारों को ही वोट दिया है, जोकि गांव के अलावा बुजुर्ग लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखकर हल करने वाला हो।
- शंकू देवी, उम्र 86 साल
महापर्व है, वोट डालने तो आना ही होगा
लोकतंत्र का महापर्व है, इसलिए वोट डालने तो आना ही होगा। हालांकि मैंने ऐसे उम्मीदवार को वोट दिया है जोकि गांव की सड़क और पैदल रास्तों के अलावा रोजगार को लेकर काम करने वाला हो।
-अजुदया, उम्र 94 साल
कुर्सी पर बैठकर वोट देने आई
मैं पिछले कई सालों से बीमार हूं लेकिन चुनावी माहौल को देखने के बाद मेरा भी वोट डालने का मन है। इसलिए परिवार को यह बात कही तो उन्होंने कुर्सी पर बैठाकर मतदान केंद्र लाए। वोट डालकर काफी खुश हूं।
-विद्या देवी, उम्र 74 साल
चमियाना पंचायत से छह बार खुद भी रह चुके हैं प्रधान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी शिमला के ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत चुनाव के दौरान मंगलवार को लोकतंत्र के प्रति बुजुर्गों का जज्बा लोगों के लिए प्रेरणा बन गया। चमियाना पंचायत के छकड़याल वार्ड में छैली गांव के 95 वर्षीय कृष्ण दत्त वर्मा (कृष्ण दत्त) वोट डालने आए। मतदान केंद्र तक उन्होंने करीब तीन किलोमीटर का पैदल सफर किया। इनके जज्बे को देखकर युवा मतदाता भी प्रोत्साहित नजर आए।
चमियाना पंचायत के तहत छैली गांव के रहने वाले कृष्ण दत्त वर्मा का पोलिंग बूथ से करीब तीन किलोमीटर दूर घर है। सुबह सबसे पहले अपने रोजमर्रा के काम में जुटे और पांच किलो दूध बेचने के बाद तीन किलोमीटर पैदल चलकर मतदान केंद्र पहुंचे। उम्र के इस पड़ाव में भी उनका उत्साह युवाओं से कम नहीं दिखा। वह छह बार पंचायत प्रधान रह चुके हैं। लिहाजा पंचायत और गांव के विकास से जुड़े लंबे अनुभव के कारण लोग आज भी उनकी राय को महत्व देते हैं। मतदान केंद्र पहुंचने पर स्थानीय लोगों के अलावा उम्मीदवारों ने पहले उनका स्वागत किया। कुछ लोगों ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
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विकास के नाम पर दिया वोट
उम्र चाहे कितनी भी हो मतदान करना जरूरी है। मैंने हमेशा विकास को ऊपर रखा है। इस बार भी उसी उम्मीदवार को वोट दिया है जोकि गांव में लोगों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवा सकें।
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बच्चे वोट डालने के लिए लाए गाड़ी में
घंडल पंचायत के झुंडला की रहने वाली हूं। बच्चे ही मतदान करवाने गाड़ी में लाए हैं। ऐसे उम्मीदवारों को ही वोट दिया है, जोकि गांव के अलावा बुजुर्ग लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखकर हल करने वाला हो।
- शंकू देवी, उम्र 86 साल
महापर्व है, वोट डालने तो आना ही होगा
लोकतंत्र का महापर्व है, इसलिए वोट डालने तो आना ही होगा। हालांकि मैंने ऐसे उम्मीदवार को वोट दिया है जोकि गांव की सड़क और पैदल रास्तों के अलावा रोजगार को लेकर काम करने वाला हो।
-अजुदया, उम्र 94 साल
कुर्सी पर बैठकर वोट देने आई
मैं पिछले कई सालों से बीमार हूं लेकिन चुनावी माहौल को देखने के बाद मेरा भी वोट डालने का मन है। इसलिए परिवार को यह बात कही तो उन्होंने कुर्सी पर बैठाकर मतदान केंद्र लाए। वोट डालकर काफी खुश हूं।
-विद्या देवी, उम्र 74 साल