सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal CM Sukhu Says Likelihood of Increased Cloudburst Incidents in Uttarakhand and Northeastern States

Himachal News: सीएम सुक्खू बोले- उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में बादल फटने की घटनाएं बढ़ने की संभावना

न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Ankesh Dogra Updated Wed, 27 May 2026 02:54 PM IST
विज्ञापन
सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि भविष्य में बादल फटने की घटनाएं केवल हिमाचल प्रदेश तक सीमित नहीं रहेंगी। ऐसी घटनाएं उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बढ़ सकती हैं। पढ़ें पूरी खबर...

Himachal CM Sukhu Says Likelihood of Increased Cloudburst Incidents in Uttarakhand and Northeastern States
मुख्यमंत्री सुक्खू संबोधित करते हुए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार सायं शिमला के गेयटी थियेटर में नगर निगम शिमला के पूर्व उप-महापौर टिकेंद्र पंवर द्वारा संपादित पुस्तक ‘सिटी लिमिट्स-द क्राइसिज़ ऑफ अर्बनाइजेशन’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति ने हिमाचल प्रदेश को स्वच्छ आबोहवा और पानी का उपहार दिया है और इन संसाधनों का संरक्षण प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य की राजधानी और सबसे बड़े शहर के रूप में शिमला ने पिछले कुछ वर्षों में अनेक बदलाव देखें है।

Trending Videos

उन्होंने कहा कि वह बचपन से लेकर अब तक शिमला शहर में हो रहे बदलावों को देख रहे हैं। जहां पहले जंगल हुआ करते थे, वहां अब इमारतें बन गई हैं। हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यहां सुनियोजित निर्माण आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला शहर को तारों के जाल से निजात दिलवाने के लिए 145 करोड़ रुपये की लागत से भूमिगत डक्ट परियोजना क्रियान्वित की जा रही है। वर्तमान में सब्जी मंडी क्षेत्र में 600 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक परिसर विकसित किया जा रहा है। लिफ्ट के पास भी एक अंडरपास प्रस्तावित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि शिमला शहर में 24 घंटे पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 800 करोड़ रुपये की जलापूर्ति योजना क्रियान्वित की जा रही है। इसके अलावा, सर्कुलर रोड को चौड़ा करने के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य जारी है और शहर की सुंदरता बनाए रखने के लिए अधिसूचित हरित क्षेत्रों को बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रदेश सरकार के सतत विकास को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संतुलन को केंद्र में रख कर शिमला शहर के सौंदर्यीकरण के लिए कई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि हिम-चंडीगढ़, हिम-पंचकूला और कांगड़ा में एयरो सिटी जैसी नई शहरीकरण की परियोजनाएं तैयार की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त पर्यटन से संबंधित अधोसंरचना को भी मजबूत किया जा रहा है।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में हिमाचल प्रदेश ने दो बड़ी प्राकृतिक आपदाओं को झेला है, जिससे राज्य को भारी नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा कि अब बादल फटने की घटनाओं का वैज्ञानिक अध्ययन किया जा रहा है, क्योंकि ऐसी घटनाएं अब केवल ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहीं बल्कि निचले क्षेत्रों में भी घटित हो रही हैं। उन्होंने सिराज विधानसभा क्षेत्र के कुछ हिस्सों में हुई घटनाओं का भी उल्लेख किया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि गृह मंत्री के साथ आयोजित बैठक के दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया था कि भविष्य में बादल फटने की घटनाएं केवल हिमाचल प्रदेश तक सीमित नहीं रहेंगी। ऐसी घटनाएं उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बढ़ सकती हैं। पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को विकास के पथ पर अग्रसर करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

इस अवसर पर झारखण्ड उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायामूर्ति तरलोक सिंह चौहान ने कहा कि लोगों को अपने आचरण में सुधार करने की आवश्यकता है। पर्यटन से संबंधित चिंताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यटकों के लिए जारी दिशा निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के साथ-साथ लोगों को अपनी सामूहिक जिम्मेदारी को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई लोग पार्किंग सुविधा न होने के बावजूद कई वाहन खरीद रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल के समय में ट्रैफिक जाम का मुख्य कारण पर्यटकों के वाहन नहीं बल्कि मुख्य रूप से हिमाचल में पंजीकृत वाहन होते हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को आत्म अवलोकन करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि राज्य में पूर्ण संस्थागत जवाबदेही की आवश्यकता है। शहरीकरण केवल डैमोग्राफिक बदलाव नहीं बल्कि समाज के पुनर्गठन की प्रक्रिया है। लाखों लोग साझा संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं और शहरी निकायों तथा योजना व्यवस्था पर निर्भर हैं। लेकिन हमारी संस्थाएं इस बदलाव के साथ कदमताल नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि संस्थागत क्षेत्रों में रहने वाली कमी से कमजोर लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। इस अवसर पर शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, शिक्षा सचिव राकेश कंवर, डीजी होमगार्ड्स सतवंत अटवाल, ट्रिब्यून ब्यूरो प्रमुख प्रतिभा चौहान और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed