Himachal: आईआईटी मंडी में अब क्वांटम साइंस इंजीनियरिंग की भी होगी पढ़ाई, तीन नए बीटेक कोर्स शुरू
आईआईटी मंडी ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तीन नए बीटेक कोर्स शुरू किए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तीन नए बीटेक कोर्स शुरू किए हैं। इनमें क्वांटम साइंस एंड इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग विद डेटा एनालिटिक्स और केमिकल इंजीनियरिंग विद डेटा एनालिटिक्स कोर्स शामिल हैं। इसी सत्र से तीनों कोर्स शुरू करने की योजना है। तीनों में 30-30 सीटें होंगी। इनमें जेईई एडवांस्ड की रैंकिंग के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। संस्थान का दावा किया है कि क्वांटम साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटेक शुरू करने वाला वह देश का पहला आईआईटी बन गया है। संस्थान के मुताबिक, क्वांटम साइंस इंजीनियरिंग कोर्स में क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार, क्वांटम सेंसिंग, क्वांटम मटेरियल्स और हार्डवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करवाई जाएगी। इसके साथ कंप्यूटर साइंस, गणित और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का अध्ययन भी होगा।
संस्थान के अनुसार इस कोर्स का उद्देश्य ऐसे क्वांटम इंजीनियर तैयार करना है, जो सुरक्षित संचार, क्वांटम हार्डवेयर व उन्नत कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में योगदान दे सकें। एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग विद डेटा एनालिटिक्स में कृषि की मूलभूत अवधारणाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रिमोट सेंसिंग, ऑटोमेशन और डेटा एनालिटिक्स से जोड़ा गया है। इसमें छात्रों को प्रयोगशाला कार्य, फील्ड प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और अनुसंधान परियोजनाओं के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव भी दिया जाएगा। वहीं, केमिकल इंजीनियरिंग विद डेटा एनालिटिक्स कोर्स को कंप्यूटेशनल मॉडलिंग, प्रोसेस सिमुलेशन, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस से जोड़ा गया है। छात्रों को इंजीनियरिंग, विज्ञान, मानविकी अथवा प्रबंधन के किसी विषय में माइनर या डबल मेजर करने का अवसर भी मिलेगा।
छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरुप किया जाएगा तैयार ये तीन नए कार्यक्रम इंजीनियरिंग की पारंपरिक शिक्षा को आधुनिक तकनीकों, अनुसंधान और उद्योग अनुभव से जोड़ते हैं। इनके माध्यम से छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। -प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा, निदेशक आईआईटी मंडी