Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla ›   loksabha election 2019 and mandi parliamentary seat side story

हॉट सीट मंडी: जयराम-वीरभद्र, सुखराम समेत कई दिग्गजों की लग चुकी है पीठ

अखिलेश महाजन, अमर उजाला, मंडी Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 18 Mar 2019 12:37 PM IST
loksabha election 2019 and mandi parliamentary seat side story
विज्ञापन
ख़बर सुनें

हिमाचल में लोकसभा की हॉट सीट मंडी कई सियासी दिग्गजों की पीठ लगा चुकी है। सीएम जयराम ठाकुर, पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम, महेश्वर सिंह, कौल सिंह और वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह को मंडी सीट से शिकस्त मिल चुकी है। क्षेत्रफल के हिसाब से सूबे की सबसे बड़ी हॉट सीट में उपचुनावों को मिलाकर अब तक 17 लोकसभा चुनाव हो चुके हैं।



मंडी संसदीय क्षेत्र में 12 बार जीत हासिल कर कांग्रेस का दबदबा रहा है, लेकिन तीन बार 1984, 1991, 1996 में संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस के लिए पताका फहरा चुके पंडित सुखराम का परिवार विधानसभा चुुनावों में कांग्रेस से किनारा कर चुका है। हालांकि, अभी तक टिकट फाइनल नहीं हुए हैं। लेकिन 2014 के चुनावों में कांग्रेस के तत्कालीन सीएम वीरभद्र की पत्नी प्रतिभा सिंह के चुनाव हारने के बाद इस सीट पर कांग्रेस का कमबैक करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।


सीएम के लिए गृह संसदीय सीट प्रतिष्ठा का सवाल होगी। यहां भाजपा की ध्वजा फहराना भाजपा के लिए कई मायने में अहम रहेगी। कांग्रेस और भाजपा के लिए इस बार के लोकसभा चुनाव भी यहां कई नेताओं का राजनीतिक सफर तय करेंगे।

2013 में हारे थे जयराम ठाकुर

2013 के उपचुनाव में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह ने सवा लाख मतों से हराकर कांग्रेस को बड़ी जीत दिलाई थी। लोकसभा से इस्तीफा देकर वीरभद्र सिंह विधायक का चुनाव लड़े थे और जीतकर छठी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। 

1977 में वीरभद्र सिंह को मिली थी हार
वीरभद्र सिंह वर्ष 1977 के कांग्रेस टिकट पर भारतीय लोक दल के गंगा सिंह से चुनाव हार गए थे। इस चुनाव में कांग्रेस की हार का मुख्य कारण आपातकाल लगाना और परिवार नियोजन योजना के तहत जबरन नसबंदी करना माना गया था। 

1999 में सुखराम और प्रतिभा को मिली थी शिकस्त
1999 में मंडी संसदीय सीट का मुकाबला काफी रोचक रहा था। इस चुनाव में 3 दिग्गज नेताओं महेश्वर सिंह, पंडित सुखराम और प्रतिभा सिंह के बीच तिकोना मुकाबला हुआ। भाजपा टिकट पर महेश्वर सिंह जीते थे। वहीं पूर्व कांग्रेस मंत्री कौल सिंह दो बार चुनाव हार चुके हैं।

कब किस पार्टी से कौन बना सांसद

1977            गंगा सिंह        जेएनपी
1980            वीरभद्र सिंह    कांग्रेस
1984            सुखराम          कांग्रेस
1989            महेश्वर सिंह    भाजपा
1991            सुखराम         कांग्रेस
1996            सुखराम          कांग्रेस
1998            महेश्वर सिंह    भाजपा
1999            महेश्वर सिंह    भाजपा
2004            प्रतिभा सिंह    कांग्रेस
2009            वीरभद्र सिंह    कांग्रेस
2013            प्रतिभा सिंह    कांग्रेस
2014            रामस्वरूप     भाजपा

लोकसभा चुनावों में जीत-हार का अंतर

वर्ष                         भाजपा                  कांग्रेस
2014                  3,62,824                 3,22,968 
2013                 2,16,765                 3,53,492        
2009                 3,26,976                 3,40,973                
2004                 291,057                  357,623                
1999                 3,25,929                 1,94,904
1998                3,04,210                  1,72,378
1996                1,74,963                  3,28,186                    
1991                2,06,753                  2,33,380 

1951 से 1967 तक लगातार जीते कांग्रेस के राजघराने

1967    कांग्रेस राजा ललित सेन 62596                आजाद उम्मीदवार इंद्र सिंह 28331
1962    कांग्रेस राजा ललित सेन 48856                स्वतंत्रता पार्टी अंबिका कुमारी 20600
1957    कांग्रेस राजा जोगिंद्र सेन बहादुर 47530    आजाद उम्मीदवार आनंद कुमार 33110
1951 (दो सीट)   कांग्रेस अमृत कौर 47152/गोपीराम 41433 -    केएमपीपी तेज सिंह 19872/ एससीएफ अनोखी राम 18988

17 विसक्षेत्र- भरमौर, लाहौल स्पिति, मनाली, कुल्लू, बंजार, आनी, करसोग, सुंदरनगर, नाचन, सराज, जोगिंद्रनगर, द्रंग, मंडी, बल्ह, सरकाघाट, रामपुर, किन्नौर
- वोटर: 12 लाख 72 हजार
(महिलाएं 6,16,584, जबकि पुरुष मतदाता 6,55,651)

पोलिंग स्टेशन:  2079 पोलिंग स्टेशन
चंबा के भरमौर में 145 जबकि लाहौल स्पीति में 92 मतदान केंद्र स्थापित होंगे। कुल्लू जिला के मनाली में 109, कुल्लू 151, बंजार में 145, आनी में 139 केंद्र बनाए जाएंगे। मंडी जिला के सुंदरनगर में 105, करसोग में 104, नाचन 113, सिराज में 129, द्रंग 128, जोगिंद्रनगर 130, मंडी 104, बल्ह 99, सरकाघाट 110 पोलिंग बूथ स्थापित किए जाएंगे। शिमला के रामपुर में 150 और किन्नौर जिला में 126 मतदान केंद्र हैं।

नेता चतुर तो वोटर चालाक

जय चंद
जय चंद
घाट से संबंध रखने वाले 60 वर्षीय बुजुर्ग जय चंद का कहना है कि पहले और आज के  चुनावों में बहुत अधिक अंतर आ गया है। पहले वोटर के पास चुनिंदा विकल्प होते थे। लेकिन अब तो क्षेत्रिय दलों की संख्या ही काफी अधिक है। एक जमाना था कि जब आसानी से वोटरों की नब्ज टटोल कर जीत और हार का अंदाजा लगाया जा सकता था।

लेकिन अब फोन, सोशल मीडिया और टीवी का इतना अधिक प्रभाव हो चुका है कि कौन सच्चा है कौन झूठा, इसकी तुलना करना मुश्किल हो गया है। हालांकि, सरकारी तंत्र में पारदर्शिता आई है, लेकिन आजकल राजनीतिक दलों के साथ-साथ वोटरों पर सामाजिक, जातिगत दबाव भी काफी है। इसमें भी कोई दोराय नहीं कि अगर आज का नेता चतुर है तो वोटर भी चालाक है।

लेकिन आने वाली पीढ़ी अब लीक से हटकर क्रांतिकारी विचारों वाली नजर आती है। युवाओें को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि पढ़े, लिखे और ईमानदार नेता को ही वोट दें। जो नेता काम करे, उसे ही अपनी पसंद बनाएं।
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00