{"_id":"6a26bec84e6a934d960fb3ed","slug":"sanjauli-college-to-start-four-year-honours-courses-in-16-subjects-shimla-news-c-19-sml1002-734689-2026-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: संजौली कॉलेज में 16 विषयों में चार वर्षीय ऑनर्स कोर्स होंगे शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: संजौली कॉलेज में 16 विषयों में चार वर्षीय ऑनर्स कोर्स होंगे शुरू
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
आठ विषयों में तीन वर्षीय स्नातक डिग्री का भी रहेगा विकल्प, विद्यार्थियों को शोध की सुविधा भी मिलेगी
57 शिक्षक 24 विषयों का शिक्षण कार्य संभालेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय संजौली ने नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत पढ़ाए जाने वाले विषयों का शेड्यूल तय कर दिया है। कॉलेज में अब 24 विषय पढ़ाए जाएंगे। इनमें से 16 विषयों में चार वर्षीय स्नातक ऑनर्स और ऑनर्स विद रिसर्च डिग्री का विकल्प मिलेगा। शेष आठ विषय केवल तीन वर्षीय स्नातक कार्यक्रम तक सीमित रहेंगे जिससे आगामी सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए विषय चयन स्पष्ट होगा।
यह युक्तिकरण कॉलेज में उपलब्ध संसाधनों और शिक्षकों की संख्या के आधार पर किया है। 57 शिक्षक 24 विषयों में शिक्षण कार्य संभालेंगे। एनईपी के तहत शोध आधारित स्नातक डिग्री प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों को चार वर्षीय विकल्प वाले विषयों पर ध्यान देना होगा। एनईपी के इस अंतिम ढांचे का सबसे अधिक प्रभाव नए विद्यार्थियों पर पड़ेगा। छात्रों को प्रवेश के समय केवल विषय ही नहीं बल्कि उस विषय में उपलब्ध डिग्री संरचना को भी ध्यान में रखना होगा। चार वर्षीय डिग्री और रिसर्च ट्रैक का लाभ लेने के इच्छुक विद्यार्थियों को उन्हीं विषयों का चयन करना होगा। नई व्यवस्था के तहत चार वर्षीय ऑनर्स विद रिसर्च डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सीधे पीएचडी में प्रवेश की पात्रता मिल सकती है। इससे स्नातक और शोध के बीच की पारंपरिक दूरी कम होगी।
चार वर्षीय ऑनर्स और शोध विकल्प
चार वर्षीय स्नातक ऑनर्स और ऑनर्स विद रिसर्च कार्यक्रम के लिए 16 विषयों को चिह्नित किया है। इनमें अंग्रेजी, गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, भूविज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान, लोक प्रशासन, भूगोल, हिंदी, संस्कृत, मनोविज्ञान और समाजशास्त्र शामिल हैं। इन विषयों में कुल 43 शिक्षक उपलब्ध हैं। यह विकल्प उन विद्यार्थियों के लिए है जो शोध आधारित उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। यह डिग्री उन्हें आगे के अकादमिक और शोध कॅरिअर के लिए तैयार करेगी।
विज्ञापन
तीन वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में 8 विषय शामिल
आठ विषयों को फिलहाल केवल तीन वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में शामिल किया है। इनमें दर्शनशास्त्र, वोकल संगीत, वाद्य संगीत, शारीरिक शिक्षा, वाणिज्य, कंप्यूटर एप्लीकेशन, पत्रकारिता एवं जनसंचार तथा मानवशास्त्र शामिल हैं। इन विभागों में 14 शिक्षक कार्यरत हैं। इन विषयों के विद्यार्थियों को वर्तमान में चार वर्षीय ऑनर्स या ऑनर्स विद रिसर्च डिग्री का विकल्प नहीं मिलेगा। यह व्यवस्था कॉलेज के संसाधनों और विशेषज्ञता को ध्यान में रखकर की गई है।
57 शिक्षक 24 विषयों का शिक्षण कार्य संभालेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय संजौली ने नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत पढ़ाए जाने वाले विषयों का शेड्यूल तय कर दिया है। कॉलेज में अब 24 विषय पढ़ाए जाएंगे। इनमें से 16 विषयों में चार वर्षीय स्नातक ऑनर्स और ऑनर्स विद रिसर्च डिग्री का विकल्प मिलेगा। शेष आठ विषय केवल तीन वर्षीय स्नातक कार्यक्रम तक सीमित रहेंगे जिससे आगामी सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए विषय चयन स्पष्ट होगा।
यह युक्तिकरण कॉलेज में उपलब्ध संसाधनों और शिक्षकों की संख्या के आधार पर किया है। 57 शिक्षक 24 विषयों में शिक्षण कार्य संभालेंगे। एनईपी के तहत शोध आधारित स्नातक डिग्री प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों को चार वर्षीय विकल्प वाले विषयों पर ध्यान देना होगा। एनईपी के इस अंतिम ढांचे का सबसे अधिक प्रभाव नए विद्यार्थियों पर पड़ेगा। छात्रों को प्रवेश के समय केवल विषय ही नहीं बल्कि उस विषय में उपलब्ध डिग्री संरचना को भी ध्यान में रखना होगा। चार वर्षीय डिग्री और रिसर्च ट्रैक का लाभ लेने के इच्छुक विद्यार्थियों को उन्हीं विषयों का चयन करना होगा। नई व्यवस्था के तहत चार वर्षीय ऑनर्स विद रिसर्च डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सीधे पीएचडी में प्रवेश की पात्रता मिल सकती है। इससे स्नातक और शोध के बीच की पारंपरिक दूरी कम होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
चार वर्षीय ऑनर्स और शोध विकल्प
चार वर्षीय स्नातक ऑनर्स और ऑनर्स विद रिसर्च कार्यक्रम के लिए 16 विषयों को चिह्नित किया है। इनमें अंग्रेजी, गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, भूविज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान, लोक प्रशासन, भूगोल, हिंदी, संस्कृत, मनोविज्ञान और समाजशास्त्र शामिल हैं। इन विषयों में कुल 43 शिक्षक उपलब्ध हैं। यह विकल्प उन विद्यार्थियों के लिए है जो शोध आधारित उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। यह डिग्री उन्हें आगे के अकादमिक और शोध कॅरिअर के लिए तैयार करेगी।
Trending Videos
तीन वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में 8 विषय शामिल
आठ विषयों को फिलहाल केवल तीन वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में शामिल किया है। इनमें दर्शनशास्त्र, वोकल संगीत, वाद्य संगीत, शारीरिक शिक्षा, वाणिज्य, कंप्यूटर एप्लीकेशन, पत्रकारिता एवं जनसंचार तथा मानवशास्त्र शामिल हैं। इन विभागों में 14 शिक्षक कार्यरत हैं। इन विषयों के विद्यार्थियों को वर्तमान में चार वर्षीय ऑनर्स या ऑनर्स विद रिसर्च डिग्री का विकल्प नहीं मिलेगा। यह व्यवस्था कॉलेज के संसाधनों और विशेषज्ञता को ध्यान में रखकर की गई है।