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विवादों के साए में फीफा विश्वकप: टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही बवाल; खिलाड़ी हिरासत में, रेफरी को वापस भेजा!
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 09 Jun 2026 02:45 PM IST
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सार
फीफा विश्व कप 2026 के आगाज से ठीक पहले टूर्नामेंट कई विवादों में घिर गया है। सोमालिया के रेफरी उमर अब्दुलकादिर आर्टन को अमेरिका में प्रवेश नहीं मिला, जबकि इराकी स्ट्राइकर अयमन हुसैन को घंटों हिरासत में रखा गया। दूसरी ओर टिकट बिक्री, रीसेल नीति और यात्रा परमिट से जुड़े विवादों ने भी फीफा और मेजबान अमेरिका की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फीफा विश्व कप
- फोटो : Instagram
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विस्तार
फुटबॉल के सबसे बड़े टूर्नामेंट फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत में अब सिर्फ कुछ दिन बचे हैं, लेकिन मैदान पर मुकाबलों से पहले ही टूर्नामेंट विवादों के कारण सुर्खियों में है। खिलाड़ियों और अधिकारियों को वीजा तथा इमिग्रेशन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि टिकट बिक्री को लेकर भी फीफा आलोचनाओं के घेरे में है।
अफ्रीका के शीर्ष रेफरी को अमेरिका ने लौटाया
सबसे बड़ा विवाद सोमालिया के रेफरी उमर अब्दुलकादिर आर्टन को लेकर सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई और वापस इस्तांबुल भेज दिया गया। इस घटना के बाद सोमालिया के प्रधानमंत्री हसन अली खैरे ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, 'मैं इस खबर से बेहद निराश हूं कि अफ्रीका के सर्वश्रेष्ठ और दुनिया के बेहतरीन रेफरियों में शामिल उमर आर्टन वीजा संबंधी परिस्थितियों के कारण फीफा विश्व कप में रेफरिंग नहीं कर पाएंगे।' उन्होंने आगे कहा, 'उमर ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत, पेशेवर रवैये और ईमानदारी के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।'
सबसे बड़ा विवाद सोमालिया के रेफरी उमर अब्दुलकादिर आर्टन को लेकर सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई और वापस इस्तांबुल भेज दिया गया। इस घटना के बाद सोमालिया के प्रधानमंत्री हसन अली खैरे ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, 'मैं इस खबर से बेहद निराश हूं कि अफ्रीका के सर्वश्रेष्ठ और दुनिया के बेहतरीन रेफरियों में शामिल उमर आर्टन वीजा संबंधी परिस्थितियों के कारण फीफा विश्व कप में रेफरिंग नहीं कर पाएंगे।' उन्होंने आगे कहा, 'उमर ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत, पेशेवर रवैये और ईमानदारी के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।'
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इराकी खिलाड़ी को घंटों हिरासत में रखा गया
विवाद सिर्फ रेफरी तक सीमित नहीं रहा। इराक के उपकप्तान और स्टार स्ट्राइकर अयमन हुसैन को भी अमेरिका पहुंचने पर सात घंटे तक पूछताछ के लिए रोका गया। हुसैन वही खिलाड़ी हैं जिन्होंने इराक को विश्व कप में पहुंचाने वाला निर्णायक गोल किया था। उनके अलावा टीम के एक अन्य खिलाड़ी और फोटोग्राफर को भी पूछताछ के लिए रोका गया। बाद में हुसैन को प्रवेश मिल गया, लेकिन टीम के फोटोग्राफर को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली।
विवाद सिर्फ रेफरी तक सीमित नहीं रहा। इराक के उपकप्तान और स्टार स्ट्राइकर अयमन हुसैन को भी अमेरिका पहुंचने पर सात घंटे तक पूछताछ के लिए रोका गया। हुसैन वही खिलाड़ी हैं जिन्होंने इराक को विश्व कप में पहुंचाने वाला निर्णायक गोल किया था। उनके अलावा टीम के एक अन्य खिलाड़ी और फोटोग्राफर को भी पूछताछ के लिए रोका गया। बाद में हुसैन को प्रवेश मिल गया, लेकिन टीम के फोटोग्राफर को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली।
ईरान को लेकर भी पैदा हुआ विवाद
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच राजनीतिक तनाव का असर फुटबॉल पर भी दिखाई दिया। ईरानी खिलाड़ियों को टूर्नामेंट शुरू होने से सिर्फ 10 दिन पहले वीजा मिला। वहीं, ईरानी प्रतिनिधिमंडल के कई प्रशासनिक अधिकारियों को वीजा नहीं दिया गया। ईरान के राजदूत अली पसंदीदेह ने दावा किया कि 70 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में से 15 लोगों को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मार्च में ईरानी टीम की भागीदारी को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था, 'ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का विश्व कप में स्वागत है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि उनका यहां होना उनकी सुरक्षा के लिहाज से उचित है।'
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच राजनीतिक तनाव का असर फुटबॉल पर भी दिखाई दिया। ईरानी खिलाड़ियों को टूर्नामेंट शुरू होने से सिर्फ 10 दिन पहले वीजा मिला। वहीं, ईरानी प्रतिनिधिमंडल के कई प्रशासनिक अधिकारियों को वीजा नहीं दिया गया। ईरान के राजदूत अली पसंदीदेह ने दावा किया कि 70 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में से 15 लोगों को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मार्च में ईरानी टीम की भागीदारी को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था, 'ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का विश्व कप में स्वागत है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि उनका यहां होना उनकी सुरक्षा के लिहाज से उचित है।'
टिकट बिक्री पर भी फीफा घिरा
विश्व कप के टिकटों को लेकर भी फीफा की आलोचना हो रही है। यूरोप के कई समर्थक संगठनों ने टिकटों की ऊंची कीमतों को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार, ग्रुप चरण के सबसे सस्ते टिकट की कीमत 140 डॉलर (करीब 13 हजार रुपये) से शुरू होकर फाइनल के लिए 8,680 डॉलर (करीब 8.3 लाख रुपये) तक पहुंच गई। इसके अलावा फीफा की डायनेमिक प्राइसिंग नीति के कारण मांग बढ़ने पर टिकटों की कीमतें और बढ़ती रहीं।
विश्व कप के टिकटों को लेकर भी फीफा की आलोचना हो रही है। यूरोप के कई समर्थक संगठनों ने टिकटों की ऊंची कीमतों को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार, ग्रुप चरण के सबसे सस्ते टिकट की कीमत 140 डॉलर (करीब 13 हजार रुपये) से शुरू होकर फाइनल के लिए 8,680 डॉलर (करीब 8.3 लाख रुपये) तक पहुंच गई। इसके अलावा फीफा की डायनेमिक प्राइसिंग नीति के कारण मांग बढ़ने पर टिकटों की कीमतें और बढ़ती रहीं।
यात्रा परमिट और सीटिंग व्यवस्था पर भी सवाल
कई स्कॉटिश प्रशंसकों ने शिकायत की कि उन्हें पहले यात्रा अनुमति मिल गई थी, लेकिन बाद में उनका स्टेटस बदल दिया गया। इससे उन्होंने उड़ानों और होटलों पर खर्च किए गए पैसे खो दिए। इसके अलावा कुछ प्रशंसकों ने आरोप लगाया कि उन्होंने मैदान के पास की सीटें खरीदी थीं, लेकिन बाद में अतिरिक्त अस्थायी संरचनाओं के कारण उनका दृश्य बाधित हो गया।
कई स्कॉटिश प्रशंसकों ने शिकायत की कि उन्हें पहले यात्रा अनुमति मिल गई थी, लेकिन बाद में उनका स्टेटस बदल दिया गया। इससे उन्होंने उड़ानों और होटलों पर खर्च किए गए पैसे खो दिए। इसके अलावा कुछ प्रशंसकों ने आरोप लगाया कि उन्होंने मैदान के पास की सीटें खरीदी थीं, लेकिन बाद में अतिरिक्त अस्थायी संरचनाओं के कारण उनका दृश्य बाधित हो गया।
फुटबॉल से ज्यादा विवादों की चर्चा
12 जून से शुरू होने वाला फीफा विश्व कप 2026 इतिहास का सबसे बड़ा संस्करण होगा, जिसमें 48 टीमें हिस्सा लेंगी और 104 मैच खेले जाएंगे। हालांकि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले खिलाड़ियों की हिरासत, रेफरी की वापसी, वीजा विवाद, टिकटों की कीमतें और प्रशंसकों की शिकायतें फीफा और मेजबान देशों की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही हैं। फुटबॉल का यह महाकुंभ तय समय पर शुरू होगा, लेकिन किक-ऑफ से पहले जिस तरह विवादों की लंबी सूची सामने आई है, उसने दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजन की चमक को कुछ हद तक फीका जरूर कर दिया है।
12 जून से शुरू होने वाला फीफा विश्व कप 2026 इतिहास का सबसे बड़ा संस्करण होगा, जिसमें 48 टीमें हिस्सा लेंगी और 104 मैच खेले जाएंगे। हालांकि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले खिलाड़ियों की हिरासत, रेफरी की वापसी, वीजा विवाद, टिकटों की कीमतें और प्रशंसकों की शिकायतें फीफा और मेजबान देशों की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही हैं। फुटबॉल का यह महाकुंभ तय समय पर शुरू होगा, लेकिन किक-ऑफ से पहले जिस तरह विवादों की लंबी सूची सामने आई है, उसने दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजन की चमक को कुछ हद तक फीका जरूर कर दिया है।