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बीमारी, चोट और आलोचना...: क्या ज्वेरेव की जीत टेनिस की सबसे प्रेरणादायक कहानी? जोकोविच ने इस पोस्ट से जीता दिल

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस Published by: स्वप्निल शशांक Updated Tue, 09 Jun 2026 08:50 AM IST
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सार

अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने फ्रेंच ओपन 2026 जीतकर अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब हासिल किया। वर्षों की असफलताओं, गंभीर चोटों और टाइप-1 डायबिटीज जैसी चुनौती से जूझने के बाद मिली इस सफलता पर नोवाक जोकोविच ने भावुक संदेश लिखा। जोकोविच ने ज्वेरेव की संघर्षपूर्ण यात्रा को सलाम करते हुए कहा कि उन्होंने आलोचकों को करारा जवाब दिया है।

Djokovic's Emotional Tribute to Zverev After Historic Maiden Grand Slam Triumph
ज्वेरेव और जोकोविच - फोटो : ANI
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विस्तार

जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने आखिरकार अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीत लिया। रोलां गैरोस (फ्रेंच ओपन) के फाइनल में उन्होंने इटली के फ्लावियो कोबोली को 6-1, 4-6, 6-4, 6-7 (5-7), 6-1 से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। चार घंटे 16 मिनट तक चले इस मुकाबले के बाद ज्वेरेव कोर्ट पर ही भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। इस जीत के साथ वह 1996 में बोरिस बेकर के बाद ग्रैंड स्लैम जीतने वाले पहले जर्मन पुरुष खिलाड़ी बन गए।

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जोकोविच ने लिखा भावुक संदेश
फाइनल के एक दिन बाद टेनिस के महान खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने सोशल मीडिया पर ज्वेरेव के लिए भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने बताया कि वह ज्वेरेव को तब से जानते हैं जब वह सिर्फ 10 साल के थे। जोकोविच ने लिखा, 'साशा, मैं तुम्हें तब से जानता हूं जब तुम 10 साल के थे। मैंने तुम्हारे परिवार के साथ वर्षों तक सम्मान और दोस्ती का रिश्ता साझा किया है।' उन्होंने आगे कहा, 'कम उम्र से बीमारी से लड़ते हुए और उन आलोचकों को जवाब देते हुए जिन्होंने कहा था कि तुम कभी ग्रैंड स्लैम नहीं जीत पाओगे, यह खिताब और भी खास बन जाता है।'

टाइप-1 डायबिटीज से जंग जीतकर बने चैंपियन
ज्वेरेव चार साल की उम्र से टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित हैं। हालांकि उन्होंने इस बीमारी के बारे में सार्वजनिक रूप से 2022 में खुलासा किया था। इसके बाद उन्होंने इस बीमारी से जूझ रहे बच्चों की मदद के लिए अपनी फाउंडेशन भी शुरू की। जोकोविच ने ज्वेरेव के परिवार की भावनाओं का जिक्र करते हुए लिखा, 'तुम्हारे माता-पिता, भाई और टीम के साथ खुशी के आंसू देखकर मैं भी भावुक हो गया। तुम इस सफलता के पूरी तरह हकदार हो।'

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कई बार टूटा सपना, फिर भी नहीं मानी हार
ज्वेरेव का सफर आसान नहीं रहा। 2020 यूएस ओपन फाइनल में वह दो सेट की बढ़त गंवा बैठे थे। 2022 फ्रेंच ओपन सेमीफाइनल में राफेल नडाल के खिलाफ उन्हें गंभीर टखने की चोट लगी थी। इसके बाद 2024 फ्रेंच ओपन और ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। लेकिन इस बार उन्होंने अपने सभी पुराने घावों को पीछे छोड़ते हुए इतिहास रच दिया।

रिकॉर्ड के साथ खत्म हुआ लंबा इंतजार
ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने से पहले ज्वेरेव 125 ग्रैंड स्लैम मैच खेल चुके थे। यह ओपन एरा का रिकॉर्ड है। उन्होंने गोरान इवानिसेविच (105 मैच) और एंडी मरे (100 मैच) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। फ्रेंच ओपन 2026 की यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि संघर्ष, धैर्य और विश्वास की जीत बन गई है। ज्वेरेव ने साबित कर दिया कि लगातार असफलताओं के बाद भी सपनों को सच किया जा सकता है।
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