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उड़ रहे धूल के गुबार, मुश्किलें बेशुमार: बसई मंडी रोड पर खुदाई से अस्थमा रोगी हुए बेहाल, घरों में जमा हुई धूल
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 09 Jun 2026 09:41 AM IST
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सार
आगरा में सीएम ग्रिड योजना के तहत अधूरे सड़क निर्माण के कारण क्षेत्र में धूल का भारी प्रदूषण फैल गया है, जिससे करीब ढाई लाख लोग प्रभावित हैं। लोगों का आरोप है कि लापरवाही के कारण स्वास्थ्य और कारोबार दोनों पर गंभीर असर पड़ रहा है, जबकि नगर निगम ने कार्रवाई और जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
सड़क निर्माण के कारण क्षेत्र में धूल का भारी प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सीएम ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सीएम ग्रिड) योजना के तहत निर्माणाधीन सड़क पर मंडलायुक्त और नगर आयुक्त के निरीक्षण के बाद भी हालात नहीं बदले हैं। बसई मंडी से इंद्रापुरम और अमर होटल रोड पर बारिश में सड़कें धंस गईं तो अब धूल के गुबार उठ रहे हैं। छह माह से अधूरे छोड़ दिए गए निर्माण कार्य के कारण क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। धूल की मोटी परत हर दिन घर में जमा हो रही है। वहीं अस्थमा रोगियों का सांस लेना भी मुहाल हो गया है। दुकानों और घरों में धूल के कारण ढाई लाख से ज्यादा लोग परेशान हैं।
बसई मंडी से अमर होटल के बीच 4.2 किमी. हिस्से में 90 करोड़ रुपये की लागत से सीएम ग्रिड की सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। छह माह से यहां काम अधूरा छोड़ दिया गया था। तेज गर्मी में यहां वाहनों के कारण धूल के गुबार उठ रहे हैं। सीएम ग्रिड रोड का काम कर रही फर्म ने न तो हरे पर्दे लगाए और न ही पानी का छिड़काव किया। यहां से ताजमहल की दूरी महज 1.5 किमी. है। धूल के गुबार के कारण यहां रहने वाले परेशान हैं। घर के बाहर खड़ी कारों पर हर दिन धूल की मोटी परत जमा हो रही है, जबकि अंदर फर्श पर दो से तीन बार सफाई करानी पड़ रही है।
अधूरे निर्माण से बढ़ी मुसीबतें
बसई से इंद्रापुरम रोड पर किसी भी कार या ट्रक के निकलने पर उठते धूल के गुबार के कारण दृश्यता कम हो जाती है। स्थानीय दुकानदारों राकेश सिंह और प्रेम पाल का कहना है कि धूल के कारण उनकी दुकानों में रखा सामान खराब हो रहा है और कारोबार चौपट हो चुका है। लोग यहां खरीदारी के लिए नहीं आते। दुकान पर पारदर्शी शीट लगवाई, लेकिन धूल इतनी है कि सामान पर मोटी परत जमने से ग्राहक पुराना बताकर नहीं खरीदते हैं।
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स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर
सीएम ग्रिड में बरती जा रही लापरवाही का सबसे गंभीर असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। हवा में तैरते धूल के बारीक कणों के कारण स्थानीय लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। चिकित्सक डॉ. शरद गुप्ता ने बताया कि लगातार धूल के संपर्क में रहने से स्वस्थ लोगों को भी ब्रोंकाइटिस और एलर्जी हो रही है। सबसे ज्यादा खतरा अस्थमा और हृदय रोगियों को है, जिनकी हालत इस प्रदूषण के कारण लगातार बिगड़ रही है।
पानी का छिड़काव और जल्द काम पूरा करने की मांग
स्थानीय निवासी रचना गुप्ता और कशिश त्रिपाठी ने नगर निगम से मांग की है कि निर्माणाधीन सड़क पर पानी का नियमित छिड़काव किया जाए, जिससे धूल न उठे। कम से कम चार बार पानी का छिड़काव हो और ऊंचाई तक हरे पर्दे लगवाए जाएं। काम जल्द पूरा कराया जाए। बारिश में सड़क धंसने और जलभराव में हादसा होने की आशंका है। नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि सीएम ग्रिड के निर्माण कार्य को तय सीमा में पूरा करने और मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही करने पर कार्यदायी संस्था पर जुर्माना लगाया जाएगा।
बसई मंडी से अमर होटल के बीच 4.2 किमी. हिस्से में 90 करोड़ रुपये की लागत से सीएम ग्रिड की सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। छह माह से यहां काम अधूरा छोड़ दिया गया था। तेज गर्मी में यहां वाहनों के कारण धूल के गुबार उठ रहे हैं। सीएम ग्रिड रोड का काम कर रही फर्म ने न तो हरे पर्दे लगाए और न ही पानी का छिड़काव किया। यहां से ताजमहल की दूरी महज 1.5 किमी. है। धूल के गुबार के कारण यहां रहने वाले परेशान हैं। घर के बाहर खड़ी कारों पर हर दिन धूल की मोटी परत जमा हो रही है, जबकि अंदर फर्श पर दो से तीन बार सफाई करानी पड़ रही है।
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अधूरे निर्माण से बढ़ी मुसीबतें
बसई से इंद्रापुरम रोड पर किसी भी कार या ट्रक के निकलने पर उठते धूल के गुबार के कारण दृश्यता कम हो जाती है। स्थानीय दुकानदारों राकेश सिंह और प्रेम पाल का कहना है कि धूल के कारण उनकी दुकानों में रखा सामान खराब हो रहा है और कारोबार चौपट हो चुका है। लोग यहां खरीदारी के लिए नहीं आते। दुकान पर पारदर्शी शीट लगवाई, लेकिन धूल इतनी है कि सामान पर मोटी परत जमने से ग्राहक पुराना बताकर नहीं खरीदते हैं।
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सीएम ग्रिड में बरती जा रही लापरवाही का सबसे गंभीर असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। हवा में तैरते धूल के बारीक कणों के कारण स्थानीय लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। चिकित्सक डॉ. शरद गुप्ता ने बताया कि लगातार धूल के संपर्क में रहने से स्वस्थ लोगों को भी ब्रोंकाइटिस और एलर्जी हो रही है। सबसे ज्यादा खतरा अस्थमा और हृदय रोगियों को है, जिनकी हालत इस प्रदूषण के कारण लगातार बिगड़ रही है।
पानी का छिड़काव और जल्द काम पूरा करने की मांग
स्थानीय निवासी रचना गुप्ता और कशिश त्रिपाठी ने नगर निगम से मांग की है कि निर्माणाधीन सड़क पर पानी का नियमित छिड़काव किया जाए, जिससे धूल न उठे। कम से कम चार बार पानी का छिड़काव हो और ऊंचाई तक हरे पर्दे लगवाए जाएं। काम जल्द पूरा कराया जाए। बारिश में सड़क धंसने और जलभराव में हादसा होने की आशंका है। नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि सीएम ग्रिड के निर्माण कार्य को तय सीमा में पूरा करने और मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही करने पर कार्यदायी संस्था पर जुर्माना लगाया जाएगा।