Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra ›   Agra Paras Hospital Case IMA committee probe underway

श्री पारस अस्पताल प्रकरण: कोरोना संक्रमितों के इलाज में भी बरती गई थी लापरवाही, जांच में खुलासा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 03 Aug 2021 11:06 AM IST
सार

सोमवार को आईएमए की जांच समिति और पदाधिकारियों की वर्चुअल बैठक हुई। इसमें जांच रिपोर्ट तैयार करने पर चर्चा हुई।

श्री पारस अस्पताल आगरा
श्री पारस अस्पताल आगरा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

आगरा के श्री पारस अस्पताल में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज में भी लापरवाही बरती गई। यह देख 27 अप्रैल को परिजन सात मरीजों के रेफर करवा ले गए थे। यह जानकारी आईएमए की जांच समिति की 91 मरीज और उनके परिजनों से बातचीत में सामने आई है।


 
जांच समिति ने 25 से 27 अप्रैल तक भर्ती रहे मरीजों पर रिपोर्ट तैयार की है। जांच समिति के सदस्यों ने बताया कि डॉ. अरिंजय जैन से जो रिपोर्ट मिली, उसमें 25 की रात को अस्पताल में 88 मरीज भर्ती थी। तड़के तीन और मरीज भर्ती होने पर संख्या 91 हो गई। 26 अप्रैल को 10 मरीजों की मौत हुई और करीब आठ मरीज डिस्चार्ज भी हो गए। 27 अप्रैल को सात मरीजों के परिजन लेकर चल गए। 


परिजनों ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर नहीं थे, ऑक्सीजन की कमी थी, नर्सिंग स्टाफ मरीजों को दवा और भोजन देने में भी लापरवाही बरत रहे थे, कहने पर भी कोई सुनवाई नहीं कर रहा था। ऐसे में मरीजों को लेकर चले गए। इनके बयानों को भी रिपोर्ट में शामिल किया जा रहा है। 

सात दिन में तैयार होगी रिपोर्ट
सोमवार को आईएमए की जांच समिति और पदाधिकारियों की वर्चुअल बैठक हुई। इसमें जांच रिपोर्ट तैयार करने पर चर्चा हुई। समिति ने मृतकों की संख्या, उनके परिजनों के बयान, मृत्यु प्रमाणपत्र समेत रिपोर्ट बनाई है। ऑक्सीजन की कमी बताने वाले परिजनों के भी बयान दर्ज किए हैं। अस्पताल में इलाज में लापरवाही बताने वाले मरीज-परिजनों के बयानों की अलग रिपोर्ट तैयार की है। 

इन सभी की रिपोर्ट सात दिन में पूरा करने पर भी सहमति बनी। आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने बताया कि करीब सात दिन में श्रीपारस हॉस्पिटल प्रकरण की जांच रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद इसे सार्वजनिक किया जाएगा। बैठक में संयोजक डॉ. सुधीर धाकरे, डॉ. मुनीश्वर गुप्ता, सचिव डॉ. अनूप दीक्षित, डॉ. पंकज नगायच रहे। 

ऑक्सीजन ऑडिट नहीं हुआ सार्वजनिक
जिन दिनों श्री पारस अस्पताल में मॉकड्रिल कांड हुआ उन दिनों शहर में प्रशासन ने कोविड अस्पतालों व ऑक्सीजन आपूर्ति करने वाले वेंडर्स का ऑक्सीजन ऑडिट कराया था। तीन महीने बाद भी ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। रिपोर्ट सार्वजनिक होने से कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन की खपत, उपलब्धता और आपूर्ति से पर्दा हट सकता है।

20 से 30 अप्रैल तक संक्रमण की दूसरी लहर चरम पर थी। 26 अप्रैल को श्री पारस अस्पताल में ऑक्सीजन की मॉकड्रिल की गई। सात जून को संचालक अरिन्जय जैन के वीडियो वायरल होने के बाद यह राज खुला। 22 मौतों के आरोप लगे। प्रशासन की जांच में 26 व 27 अप्रैल को 16 मृतकों की पुष्टि हुई। परंतु प्रशासन ने किसी की मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं मानी। 

ऐसे में अब उन दिनों हुए ऑक्सीजन ऑडिट को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। श्री पारस अस्पताल में 25 से 27 अप्रैल तक प्रशासन ने 305 ऑक्सीजन सिलिंडर आपूर्ति का दावा किया था। उन दिनों ऑक्सीजन आपूर्ति का कोई पक्का लेखा-जोखा नहीं बना। उन्हीं दिनों 30 अप्रैल से 4 मई तक पांच दिनों में 810 सिलिंडर का फर्जीवाड़ा हुआ। 

पीड़ितों का कहना है कि ऑक्सीजन ऑडिट रिपोर्ट से किन-किन अस्पतालों को कितनी ऑक्सीजन मिली और कितनी जरूरत थी, इसका खुलासा प्रशासन नहीं करना चाहता। आरोप है कि उन दिनों कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन कमी से बड़े पैमाने पर मौत हुई। 

जिनकी सूचनाएं एक महीने बाद दी गई। मृतकों के आंकड़ों को लेकर भी पीड़ित संतुष्ट नहीं हैं। वहीं इस संबंध में जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह का कहना है कि ऑक्सीजन आपूर्ति को व्यवस्थित करने के लिए ऑडिट कराया गया था। रिपोर्ट गोपनीय है, उसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। 
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00