अलीगढ़ः लालच में पहला अपराध...बन गया जीवनभर की फांस

अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Tue, 02 Nov 2021 01:06 AM IST

सार

पुलिस ने पूरा फोकस खिरनी गेट व उसके आसपास की बस्तियों में कर दिया था। उनका फोटो चूंकि पुलिस को सीसीटीवी से मिल गया था तो खिरनी गेट क्षेत्र में उन दोनों की पहचान भी हो गई। पता चल गया कि ये नगर निगम में सफाईकर्मी हैं। मोबाइल नंबर भी मिल गए और उसी इलाके में पुलिस ने घेराबंदी बढ़ा दी।
सीसीटीवी में कैद हुए अपहरणकर्ता
सीसीटीवी में कैद हुए अपहरणकर्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

सासनी गेट इलाके की वाल्मीकि बस्ती गंभीरपुरा के सनी और प्रिंस नगर निगम में संविदा पर तैनात सफाईकर्मियों को शायद ही कोई जानता हो। मगर, अपहरण के बाद सीसीटीवी कंट्रोल रूम में बैठकर मॉनीटरिंग कर रहे सिपाही धीरेंद्र और शहर में घेराबंदी करती फिर रही सर्विलांस व एसओजी टीम ने चंद घंटों में इन दोनों को पहचान लिया। बस फिर क्या था, पुलिस का काम आसान हो गया और इनके मोहल्ले में पुलिस का शिकंजा बढ़ गया। हालांकि, इन्होंने पकड़े जाने के डर से अपनी पहचान बदलने का प्रयास किया। चूंकि, पहला अपराध था, इसलिए ज्यादा देर पुलिस का दबाव नहीं झेल पाए और बच्चे को खुद ही वापस छोड़ने जाने के दौरान दबोच लिए गए।
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इस तरह कैद पाए गए सीसीटीवी में
मासूम के अपहरण के बाद जब पुलिस सीसीटीवी चेक करने में जुटी तो पाया कि ये दोनों युवक घटना से पहले 9:30 बजे के आसपास अचलताल मंदिर के आसपास पैदल घूम रहे थे। इसके बाद इन्होंने घटना को अंजाम दिया और दोनों बच्चे को लेकर पहले एटा चुंगी से कमालपुर की ओर मुड़े। मगर फिर वापस लौटकर बौनेर की ओर गए। वहां से बाईपास के रास्ते आगरा रोड से सासनी गेट चौराहे से खिरनी गेट तक आए हैं। इसके बाद खिरनी गेट के बाद उनका कहीं सुराग नहीं लगा।


इस पर पुलिस ने पूरा फोकस खिरनी गेट व उसके आसपास की बस्तियों में कर दिया। इसी बीच उनका फोटो चूंकि पुलिस को सीसीटीवी से मिल गया था तो खिरनी गेट क्षेत्र में उन दोनों की पहचान भी हो गई। पता चल गया कि ये नगर निगम में सफाईकर्मी हैं। मोबाइल नंबर भी मिल गए और उसी इलाके में पुलिस ने घेराबंदी बढ़ा दी।

दंपती को देकर फिर वापस लेकर आए बच्चा
बच्चा अगवा करने के बाद उन्होंने सीधे बाबरी मंडी के दंपती अक्षय व सोनिया को 20 हजार रुपये में दे दिया था। पूछताछ में बताया कि सोनिया खुद पांच बहनें हैं। सोनिया के दो बेटियां हैं। सोनिया ने ही इन दोनों से इस बात का जिक्र किया था कि अगर उन्हें कोई बच्चा मिल जाए तो अपनी मां के लिए गोद ले लेंगे। इसके बदले 20 हजार रुपये देना तय किया। पांच-छह दिन पहले इन दोनों ने सौदा तय करने के बाद उसी दिन से बच्चे की तलाश शुरू कर दी।

सोमवार को विशेष तौर पर बच्चा उठाने के लिए उन्होंने अवकाश लिया। पहले वे अचलताल के पास गए। वहां कोई बच्चा नहीं दिखा तो वे छर्रा अड्डे पहुंचे और यहां उन्हें यह बच्चा खेलते व रोते दिखाई दे गया। बस उसे उठाकर सीधे सोनिया को ले जाकर सौंप दिया। मगर जब खुद के घर तक पुलिस पहुंचने लगी तो बच्चे को वापस ले आए और छोड़ने जा रहे थे, तभी पकड़े गए। पुलिस ने अक्षय व सोनिया दंपती को बुलाकर पूछताछ की तो उन्होंने भी ये बात स्वीकारी है।

दाढ़ी कटवाकर पहचान छिपाने का किया प्रयास
पूछताछ में दोनों ने स्वीकारा कि सनी के दाढ़ी थी। जब पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी तो सनी ने दाढ़ी बनवाई। कपड़े भी बदले। इसके बाद वे मन में यह सोचकर बच्चा वापस लेकर जा रहे थे कि अब हमने हुलिया भी बदल लिया है। वापस उसी जगह बच्चा छोड़ते समय कह देंगे कि कहीं बच्चा रोते हुए मिला था, इसलिए छोड़ने आए हैं। फिर पुलिस का फोकस भी हट जाएगा और हम भी बच जाएंगे। मगर उससे पहले इन्हें धर लिया गया।

100 सीसीटीवी खंगाले, ये तरीका काम आया
बच्चे के अपहरण के बाद दोनों के फोटो मिलने के बाद एसएसपी ने तत्काल जिले भर के सिपाहियों व बीट आरक्षियों तक को यह फोटो उनके व्हाट्सएप पर पहुंचवाए। निर्देश दिए कि अपने अपने बीट क्षेत्र में इन दोनों को तलाशा जाए। किसी को भी जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस के एंटी क्राइम हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। सूचना देने वाले पुलिसकर्मी को पांच हजार इनाम व प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।

साथ में यह भी निर्देश थे कि सीधे पकड़ें, नहीं बल्कि निगरानी रखकर सूचना दें। इस बीच पुलिस सौ से अधिक सीसीटीवी भी खंगालती रही। इसी क्रम में ये सफलता मिल गई। सबसे पहले पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात धीरेंद्र ने ही ये इशारा दिया कि हों न हों ये लोग खिरनी गेट चौकी से सटी किसी बस्ती में मिलेंगे। इसी इशारे पर काम किया और दोनों मिल गए।

बच्चे के मां-बाप ने अधिकारियों का जताया आभार
ऑपरेशन खुशी के तहत बच्चे के सकुशल वापस मिलने पर उसके पिता व मां ने एसएसपी सहित पूरी पुलिस टीम का आभार जताया। एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत, सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय, इंस्पेक्टर विजय सिंह, नगर सर्विलांस प्रभारी संदीप सिंह, जिला टीम के प्रभारी संजीव सिंह आदि का आभार जताया।

कबाड़ बीनने वाले दंपती का बच्चा पुलिस की सर्विलांस/एसओजी यूनिट और सीसीटीवी कंट्रोल रूम के सिपाही धीरेंद्र की मेहनत से कुछ ही घंटों में बरामद कर लिया गया। बच्चा दोनों संविदा सफाईकर्मियों ने 20 हजार में बेचने के इरादे से उठाया था। पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम दिया जाएगा। फिलहाल कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला है। इनसे पूछताछ जारी है।
-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
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