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Aligarh News: मम्मी-पापा छूटे तो ट्रेन से कूदा बेटा, दोनों पैर टूटे, फिर सिस्टम से भरोसा भी टूटा

संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़ Updated Tue, 09 Jun 2026 02:53 AM IST
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When his parents left him, his son jumped from a train, broke both his legs and lost faith in the system
 एंबुलेंस में लेटा घायल संदीप। - फोटो : samvad
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कैफियत एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर तीन से चल चुकी थी। जनरल कोच के दरवाजे पर खड़ा संदीप अपने माता-पिता को तलाश रहा था। अगले ही पल उसकी नजर प्लेटफॉर्म पर पड़ी। मम्मी-पापा नीचे रह गए थे और ट्रेन रफ्तार पकड़ने लगी थी। परिवार से बिछड़ने का डर इतना बड़ा था कि संदीप ने कुछ सेकंड में फैसला ले लिया। उसने चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। इसके बाद जो हुआ, वह स्टेशन पर मौजूद लोगों को भी झकझोर गया।



रविवार रात संदीप अपने माता पिता के साथ आजमगढ़ जाने के लिए अलीगढ़ जंक्शन पहुंचे थे। जब चलती ट्रेन से संदीप कूदा तो प्लेटफॉर्म पर गिरते ही उसकी चीख निकल पड़ी। उसके दोनों पैर बुरी तरह चोटिल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वह उठने की कोशिश करता तो दर्द से कराह उठता। कुछ ही देर में भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे। किसी तरह उसे स्ट्रेचर पर लिटाकर स्टेशन परिसर तक लाया गया। मगर असली परीक्षा अभी बाकी थी। रेलवे अस्पताल से डॉक्टर पहुंचे।
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प्राथमिक जांच के बाद उन्होंने युवक को तत्काल मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। सभी को उम्मीद थी कि अब कुछ ही मिनटों में एंबुलेंस आ जाएगी और घायल को अस्पताल पहुंचा दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। स्ट्रेचर पर लेटा संदीप दर्द से कराहता रहा। कभी आंखें बंद कर लेता, कभी पैर हिलने पर दर्द से चीख पड़ता। आसपास मौजूद रेलवे कर्मचारी उसे ढांढस बंधाते रहे, मगर उसके चेहरे पर बढ़ती बेचैनी साफ दिखाई दे रही थी।
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उधर, एंबुलेंस बुलाने के लिए फोन पर फोन किए जा रहे थे। जीआरपी, आरपीएफ और स्टेशन प्रशासन लगातार संपर्क में थे। रेलवे सुरक्षा बल के उपनिरीक्षक धीरज चौधरी के अनुसार उन्होंने सुबह 10:55 बजे एंबुलेंस सेवा को सूचना दी थी। स्टेशन अधीक्षक कार्यालय की ओर से भी कॉल की गई। मगर मिनट दर मिनट गुजरते गए और एंबुलेंस नहीं पहुंची। हालात ऐसे थे कि रेलवे कर्मियों ने निजी वाहन से अस्पताल भेजने की संभावना भी तलाश की, लेकिन दोनों पैरों में गंभीर चोट और असहनीय दर्द के कारण उसे सामान्य वाहन में ले जाना जोखिम भरा था।


इस दौरान प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर में मौजूद लोग एक ही सवाल पूछते रहे कि आपात स्थिति में भी मदद पहुंचने में इतना समय क्यों लग रहा है? करीब एक घंटे बाद एंबुलेंस स्टेशन पहुंची। तब जाकर घायल युवक को जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज ले जाकर भर्ती कराया गया।
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