महंत नरेंद्र गिरि केस  सीबीआई ने साधु संतों और पुलिसकर्मियों से भी की थी पूछताछ

अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 25 Nov 2021 11:06 PM IST

सार

सीबीआई ने महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या प्रकरण साधु संतों के अलावा पुलिस कर्मियों से भी पूछताछ की थी। इसमें उनकी सुरक्षा में तैनात सिपाही भी थे। नरेंद्र गिरि और आनंद गिरि से जुड़े तमाम अखाड़ों के साधु संतों से भी सीबीआई ने बयान लिए थे।
Prayagraj News :  महंत नरेंद्र गिरि मौत मामले की जांच करने फिर मठ बाघंबरी गद्दी पहुंची सीबीआई की टीम।
Prayagraj News : महंत नरेंद्र गिरि मौत मामले की जांच करने फिर मठ बाघंबरी गद्दी पहुंची सीबीआई की टीम। - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार

महंत नरेंद्र गिरि खुदकुशी प्रकरण में साधु संतों और पुलिस कर्मियों से पूछताछ की गई थी। चार्जशीट में बताया गया है कि इस मामले में तमाम सुबूत और गवाहों के बयान के आधार पर आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी को आरोपी बनाया गया है।
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सीबीआई ने महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या प्रकरण साधु संतों के अलावा पुलिस कर्मियों से भी पूछताछ की थी। इसमें उनकी सुरक्षा में तैनात सिपाही भी थे। नरेंद्र गिरि और आनंद गिरि से जुड़े तमाम अखाड़ों के साधु संतों से भी सीबीआई ने बयान लिए थे। प्रमुख साधुओं में निरंजनी अखाड़े के रवींद्र पुरी, ओमकार गिरि, मठ बाघंबरी के अमर गिरि, आनंद अखाड़ा के राजेश्वरानंद सरस्वती, बाघंबरी मठ के बलवीर और निर्मल पंचायती अखाड़ा के देवेंद्र शास्त्री गिरि समेत तमाम साधुओं से पूछताछ की गई थी।

सभी की या तो नरेंद्र गिरि या फिर आनंद गिरि से बात हुई थी। इसी तरह सीबीआई ने पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों की पूरी टीम से कई चरणों में पूछताछ की थी। एसीएमओ डॉ. अमित श्रीवास्तव, टीबी हास्पिटल के लालजी गौतम, एमएलएन हास्पिटल के डॉ. राजेश राय, डॉ. राजेश श्रीवास्तव और डॉ. बादल सिंह से पूछताछ हुई थी। सीएमओ आफिस में तैनात डॉ. नानक सरन से भी पोस्टमार्टम के तमाम बिंदुओं पर बयान दर्ज किए गए थे।

नरेंद्र गिरि की आत्महत्या के बाद सबसे ज्यादा सवाल उनकी सुरक्षा में तैनात सिपाही अजय सिंह और रोहित कुमार पर उठाए गए थे। दोनों से सीबीआई ने लंबी बातचीत की। उनके बयानों को बेहद अहम माना गया है क्योंकि दोनों हर वक्त नरेंद्र गिरि के साथ में रहते थे।

नरेंद्र गिरि और आनंद गिरि के बीच समझौता कराने वाले नेता इंदु प्रकाश मिश्रा और अधिवक्ता सुशील मिश्रा के साथ वसीयत तैयार करने वाले अधिवक्ता ऋषिशंकर द्विवेदी से भी सीबीआई ने विस्तार से इस प्रकरण के बारे में जानकारी ली थी। इन सबके साथ डाक्टर यूबी यादव से भी सीबीआई ने गौशाला की जमीन बेचने के मामले में पूछताछ की थी। 
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