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UP Health Model: जब अंबेडकरनगर में 4 बजे तक ओपीडी तो बाकी मेडिकल कॉलेजों में क्यों नहीं? मरीजों को राहत कब?

चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Tue, 09 Jun 2026 09:55 AM IST
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सार

यूपी के अंबेडकरनगर में 4 बजे तक ओपीडी है तो बाकी मेडिकल कॉलेजों में क्यों नहीं चल रही? जबकि, एनएमसी की गाइडलाइन में 4 बजे तक फैकल्टी के अस्पताल में रुकने की व्यवस्था है। 4 बजे तक ओपीडी चलाने वाला प्रदेश का पहला मेडिकल कॉलेज अंबेडकरनगर बना है। आगे पढ़ें पूरी खबर...

If OPD services in Ambedkarnagar run until 4 PM why not in other medical colleges When will patient get relie
UP Health Model - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

उत्तर प्रदेश में अंबेडकरनगर जिले के दोस्तपुर निवासी सुंदर लाल (55) महामाया राजकीय एलोपैथी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। घुटने में दर्द की शिकायत पर डॉक्टर ने एक्सरे कराने के लिए कहा। एक्सरे कराकर लौटे तो 3 बज चुके थे। उन्हें लगा कि कल फिर आना पड़ेगा लेकिन ओपीडी में डॉक्टर मिले। एक्सरे दिखाया और दवा लिखवाकर सुकून से घर लौटे।



यह संभव हुआ मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई 4 बजे ओपीडी चलाने की व्यवस्था से। इससे हर दिन करीब 150-200 मरीजों को फायदा मिल रहा है। पहले इन मरीजों को एक दिन इलाज तो दूसरे दिन जांच रिपोर्ट दिखाने आना पड़ता था। अब एक ही दिन में पूरा इलाज मिल रहा है। यही नहीं, पर्चा काउंटर पर सुबह 7 बजे से लगने वाली भीड़ भी कम हुई है।
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वहीं, प्रदेश के बाकी सभी मेडिकल कॉलेजों में 2 बजे तक ओपीडी चल रही है। अंबेडकरनगर के मेडिकल कॉलेज में ओपीडी 4 बजे तक करने पर मिले अच्छे नतीजों से सवाल उठ रहा है कि बाकी मेडिकल कॉलेज यह सुविधा शुरू क्यों नहीं कर रहे?

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क्या हैं एनएमसी के नियम

नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के बायोमीट्रिक अटेंडेंस (एईबीएएस) के अनुसार मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी और सीनियर रेजीडेंट का अधिकारिक ड्यूटी समय सुबह 9 से शाम 4 बजे तक है। इसे लागू करना कॉलेज प्रशासन और राज्य सरकार का जिम्मा है। हर यूनिट में दो से तीन डॉक्टर होते हैं। ओपीडी से बचे समय में फैकल्टी को वार्ड में राउंड और क्लीनिकल क्लास लेने होते हैं। ऐसे में 2 बजे के बाद भी संबंधित यूनिट के एक से दो डॉक्टर ओपीडी में रह सकते हैं लेकिन ज्यादातर फैकल्टी मेंबर 2 बजे के बाद ओपीडी से सीधे घर चले जाते हैं।

हर मरीज के बचेंगे 200 रुपये

प्रदेश के हर जिले में मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। ज्यादातर स्वशासी मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल में चल रहे हैं। अगर 4 बजे तक ओपीडी चले तो रोज हजारों मरीजों को फायदा मिलेगा। पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. बद्री विशाल बताते हैं कि अगर मरीज 20 किमी दूर से आता है तो आने-जाने का खर्चा करीब 50 रुपया पड़ता है। कुछ नाश्ता खर्च और दिहाड़ी 100 रुपया मान ली जाए तो कुल 200 रुपये खर्च हुए। अगर 4 बजे तक डॉक्टर मिलें तो उसे दूसरे दिन यह रकम खर्च नहीं करनी पड़ेगी।

महामाया राजकीय एलोपैथी मेडिकल कॉलेज, अंबेडकरनगर के प्रधानाचार्य प्रोफेसर मुकेश कुमार यादव ने बताया कि 4 बजे तक ओपीडी चलाने का फायदा मरीज ही नहीं फैकल्टी और रेजीडेंट को भी मिलता है। कॉलेज में ज्यादा मरीज आएंगे तो संबंधित विभाग की फैकल्टी को शोध सैंपल बड़ा मिलेगा। रेजीडेंट को काम सीखने का मौका मिलेगा। हमारे मेडिकल कॉलेज में दूरदराज के गरीब मरीज आते हैं। आने-जाने में काफी खर्च होता है। सभी फायदे देखते हुए ओपीडी 4 बजे तक की गई है।

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